उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) के निधन के बाद, राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। इसके अलावा, बुधवार को, जिस दिन उनका अंतिम संस्कार होगा, सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।
Uttrakhand में तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित
सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को एक आदेश जारी करते हुए कहा कि पूरा राज्य 21 मई तक राजकीय शोक मनाएगा। इस दौरान राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
इसके अतिरिक्त, कोई भी औपचारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि 20 मई को पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी का अंतिम संस्कार पूरे पुलिस सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम संस्कार के दिन राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे।
🕯️ राजकीय शोक की प्रमुख बातें
- राजकीय शोक: 21 मई तक पूरे उत्तराखंड में
- राष्ट्रीय ध्वज: सरकारी कार्यालयों में आधा झुका रहेगा
- मनोरंजन कार्यक्रम: सभी औपचारिक कार्यक्रम रद्द
- अंतिम संस्कार: पूरे पुलिस सम्मान के साथ
- सरकारी अवकाश: अंतिम संस्कार के दिन सभी कार्यालय बंद
पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के प्रति समर्पण
उत्तराखंड के मूल निवासी होने के नाते, उन्हें पहाड़ी क्षेत्रों की कठिनाइयों की गहरी समझ थी। मधुसूदन का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों के सुधार से जुड़ी किसी भी चर्चा में वे व्यक्तिगत रूप से गहरी रुचि लेते थे।
उन्हें इस बात का एहसास था कि पहाड़ों में सड़ केवल आवागमन का एक साधन मात्र नहीं है, बल्कि वह एक जीवनरेखा है। इसी प्रतिबद्धता के चलते वे सीमावर्ती क्षेत्रों और चार धाम तीर्थ मार्गों के लिए कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे।
🏔️ खंडूरी के प्रमुख योगदान
- पहाड़ी समझ: उत्तराखंड की समस्याओं की गहरी जानकारी
- सड़क विकास: कनेक्टिविटी सुधार पर विशेष ध्यान
- सीमावर्ती क्षेत्र: सड़क नेटवर्क मजबूत करने का प्रयास
- चार धाम मार्ग: तीर्थ कनेक्टिविटी को प्राथमिकता
- जनसेवा: पहाड़ों को जीवनरेखा से जोड़ने का संकल्प
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्ट्स और सरकारी आदेशों के आधार पर दी गई है।
