Rajnath Singh: ताजिक कलाकारों ने की भारत की तारीफ

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ताजिकिस्तान दौरे के दौरान वहाँ की कई जानी-मानी सांस्कृतिक हस्तियों ने भारत के साथ अपने पुराने रिश्तों और साझा विरासत की सराहना की। ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में हुई मुलाकात के दौरान विद्वान हबीबुल्लो राजाबोव और गायिका नोजिया करामातुल्लो ने भारतीय संस्कृति, हिंदी भाषा और दोनों देशों की दोस्ती पर अपनी बात रखी। इसी दौरान राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) से कहा कि उसे ऐसे कामों पर ध्यान देना चाहिए जिनसे सदस्य देशों को वास्तविक लाभ मिले।

Rajnath Singh Tajikistan Visit: भारत की संस्कृति की तारीफ

ताजिक विद्वान प्रोफेसर हबीबुल्लो राजाबोव को वर्ष 2018 में भारत के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। उन्होंने भारत के लोकतांत्रिक सफर, साहित्य और सांस्कृतिक पहचान की प्रशंसा की। राजाबोव के मुताबिक, ताजिकिस्तान और भारत के संबंध पुराने हैं और ताजिक लोगों में हिंदी भाषा को लेकर खास दिलचस्पी है। उन्होंने महात्मा गांधी, कालिदास, तुलसीदास, सूरदास, प्रेमचंद और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे भारतीय व्यक्तित्वों का भी उल्लेख किया।

राजाबोव ने राजनाथ सिंह से मुलाकात को यादगार बताया। उन्होंने कहा कि वह अपने विद्यार्थियों के साथ इस मुलाकात का अनुभव साझा करेंगे। उनके अनुसार, भारत की विविध भाषाओं और समृद्ध संस्कृति के बावजूद दोनों देशों के लोगों के बीच अपनापन और आपसी सम्मान का रिश्ता बना हुआ है।

🇮🇳 भारत-ताजिकिस्तान के सांस्कृतिक रिश्ते

  • मुलाकात: दुशांबे में राजनाथ सिंह का दौरा
  • प्रमुख आवाज: पद्मश्री सम्मानित विद्वान हबीबुल्लो राजाबोव
  • साझी विरासत: साहित्य, हिंदी भाषा, संगीत और कला
  • लोगों का जुड़ाव: दोनों देशों के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक आदान-प्रदान

गायिका नोजिया करामातुल्लो ने भारत को दूसरा घर बताया

ताजिकिस्तान की लोकप्रिय गायिका नोजिया करामातुल्लो ने भी भारत के साथ अपने करीबी रिश्तों का जिक्र किया। वह भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की छात्रवृत्ति के तहत भारत में रहकर हिंदी, शास्त्रीय संगीत और नृत्य की शिक्षा ले चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भारत उन्हें अपने दूसरे घर जैसा लगता है और वह अपने गुरुओं से सीखने के लिए अक्सर भारत आती रहती हैं।

करामातुल्लो ने अपने लोकप्रिय ताजिक गीत “हर शब दर लब”, जिसे “इश्क बुखारा” के नाम से भी जाना जाता है, के हिंदी रूपांतरण का उल्लेख किया। इस गीत को भारतीय फिल्म के लिए रूपांतरित किया गया और गायिका श्रेया घोषाल ने इसे अपनी आवाज दी। करामातुल्लो ने दोनों देशों के बीच बढ़ती दोस्ती पर खुशी जताई।

SCO से राजनाथ सिंह की व्यावहारिक सहयोग पर जोर देने की अपील

दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन की सरकारों के प्रमुखों की परिषद की 25वीं बैठक में भारत ने कहा कि संस्थानों की संख्या बढ़ने से अपने आप बेहतर नतीजे नहीं मिलते। राजनाथ सिंह ने संगठन से कामकाज को प्रभावी रखने, एक जैसे काम करने वाली व्यवस्थाओं की दोहराव से बचने और सदस्य देशों की वास्तविक जरूरतों पर ध्यान देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि SCO को संप्रभु समानता, सहमति और आपसी सम्मान के सिद्धांतों पर कायम रहना चाहिए। नए तंत्र तभी बनाए जाने चाहिए जब उनकी स्पष्ट जरूरत हो। भारत के अनुसार, संगठन के काम का आकलन इस आधार पर भी होना चाहिए कि युवाओं के लिए कितने अवसर बने, कारोबारियों को नए बाजार मिले और किसानों तथा छोटे कारोबारों तक उपयोगी तकनीक पहुंची या नहीं।

🤝 SCO बैठक के मुख्य मुद्दे

  • मुख्य संदेश: सदस्य देशों को ठोस लाभ देने पर ध्यान
  • सिद्धांत: संप्रभु समानता, सहमति और आपसी सम्मान
  • प्राथमिकताएं: व्यापार, परिवहन, वित्त और डिजिटल अर्थव्यवस्था
  • जनता को लाभ: युवाओं, किसानों और छोटे कारोबारों के लिए अवसर
  • आगे की योजना: 2026 से 2030 तक बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम

व्यापार और आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा

बैठक में सदस्य देशों ने संयुक्त वक्तव्य को मंजूरी दी। इसके साथ SCO के वर्ष 2027 के बजट और 2026 से 2030 की अवधि के बहुपक्षीय व्यापार एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम से जुड़े फैसलों पर भी सहमति बनी, जिन्हें भारत का समर्थन मिला। बातचीत में परिवहन, वित्त, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया गया।

इस तरह राजनाथ सिंह के दौरे में सांस्कृतिक रिश्तों और क्षेत्रीय सहयोग, दोनों पर ध्यान रहा। भारत और ताजिकिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर मौजूद निकटता ने मुलाकात को खास बनाया, जबकि SCO में भारत ने जोर दिया कि संगठन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि लोगों और कारोबारों को सीधे फायदा पहुंचाएं। बैठक की जानकारी के लिए Asianet Newsable की वेबसाइट देखी जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. ताजिक सांस्कृतिक हस्तियों ने राजनाथ सिंह का स्वागत क्यों किया?

ताजिक सांस्कृतिक हस्तियों ने भारत और ताजिकिस्तान के पुराने ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक संबंधों को याद करते हुए राजनाथ सिंह का स्वागत किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति, हिंदी भाषा और दोनों देशों के लोगों के बीच मौजूद आत्मीयता की प्रशंसा की।

2. हबीबुल्लो राजाबोव कौन हैं?

हबीबुल्लो राजाबोव ताजिकिस्तान के विद्वान हैं, जिन्हें 2018 में पद्मश्री सम्मान मिला था। उन्होंने भारत की संस्कृति और साहित्य की सराहना की तथा बताया कि ताजिकिस्तान में हिंदी भाषा और भारतीय सांस्कृतिक हस्तियों के प्रति लोगों की रुचि है।

3. नोजिया करामातुल्लो का भारत से क्या संबंध है?

नोजिया करामातुल्लो ताजिकिस्तान की गायिका हैं। उन्होंने ICCR छात्रवृत्ति के तहत भारत में हिंदी, शास्त्रीय संगीत और नृत्य सीखा। वह भारत को अपना दूसरा घर मानती हैं और भारतीय संगीतकारों तथा गुरुओं से सीखने के लिए यहां आती रहती हैं।

4. SCO से राजनाथ सिंह ने क्या आग्रह किया?

राजनाथ सिंह ने SCO से कुशलता बढ़ाने, काम की अनावश्यक दोहराव से बचने और ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया जिनसे सदस्य देशों को वास्तविक फायदा मिले। उन्होंने युवाओं, किसानों और छोटे कारोबारों के लिए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया।

5. SCO बैठक में किन आर्थिक मुद्दों पर चर्चा हुई?

बैठक में व्यापार, परिवहन, वित्त, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया गया। सदस्य देशों ने 2027 के बजट और 2026 से 2030 के बहुपक्षीय व्यापार एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम से जुड़े फैसलों का भी समर्थन किया।

निष्कर्ष

राजनाथ सिंह के ताजिकिस्तान दौरे ने भारत और ताजिकिस्तान की सांस्कृतिक नजदीकी को सामने रखा। साथ ही, SCO में भारत ने व्यावहारिक नतीजों और आम लोगों को लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। अब इन साझा प्राथमिकताओं को ठोस कदमों में बदलना अहम होगा।

डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। महत्वपूर्ण फैसलों और बयानों की पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक स्रोतों को देखें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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