8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ रही हैं। इस बीच AINPSEF ने HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, फिटमेंट फैक्टर और वेतन बढ़ोतरी समेत कई महत्वपूर्ण मांगें आयोग के सामने रखी हैं।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। इसी बीच ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने आयोग को एक ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं।
8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
इन मांगों में मकान किराया भत्ता (HRA) बढ़ाने, न्यूनतम ट्रांसपोर्ट अलाउंस में वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर में सुधार और कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। हालांकि, अभी इन मांगों को मंजूरी नहीं मिली है और ये केवल सुझाव के रूप में आयोग के सामने रखी गई हैं।
📋 AINPSEF की प्रमुख मांगें
- HRA में बढ़ोतरी
- न्यूनतम ट्रांसपोर्ट अलाउंस ₹9,000 प्रति माह
- फिटमेंट फैक्टर में सुधार
- मूल वेतन (Basic Pay) में वृद्धि
- DA के साथ HRA स्वतः बढ़ाने की व्यवस्था
- परिवार की इकाई 4.4 सदस्यों के आधार पर तय करने का प्रस्ताव
फेडरेशन ने सुझाव दिया है कि HRA की दरों में बदलाव किया जाए। इसके तहत एक्स (X) श्रेणी के शहरों में HRA को 36%, वाई (Y) श्रेणी के शहरों में 24% और जेड (Z) श्रेणी के शहरों में 12% किया जाए। इसके अलावा यह भी मांग की गई है कि जब भी महंगाई भत्ता (DA) बढ़े, उसी के साथ HRA में भी स्वतः बढ़ोतरी की व्यवस्था हो।
HRA और फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या प्रस्ताव हैं?
फेडरेशन ने वेतन तय करने के तरीके में भी बदलाव का प्रस्ताव दिया है। उसका कहना है कि परिवार की इकाई (Family Unit) की गणना 3 सदस्यों की जगह 4.4 सदस्यों के आधार पर की जाए, जिसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाए। इससे फिटमेंट फैक्टर बढ़ सकता है और कर्मचारियों का मूल वेतन (Basic Pay) पहले की तुलना में अधिक हो सकता है।
एक अन्य प्रमुख मांग ट्रांसपोर्ट अलाउंस को लेकर है। फेडरेशन ने सुझाव दिया है कि लेवल-1 के केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम ट्रांसपोर्ट अलाउंस ₹9,000 प्रति माह किया जाए। उनका मानना है कि बढ़ती महंगाई और यात्रा खर्च को देखते हुए वर्तमान भत्ता पर्याप्त नहीं है।
💼 प्रस्ताव स्वीकार होने पर संभावित असर
- लेवल-1 वेतन: ₹37,080 से ₹61,344 तक (प्रस्तावित अनुमान)
- संभावित बढ़ोतरी: लगभग 65%
- फिटमेंट फैक्टर: बढ़ने की संभावना
- HRA: X-36%, Y-24%, Z-12% (प्रस्ताव)
- ट्रांसपोर्ट अलाउंस: ₹9,000 प्रति माह (मांग)
- स्थिति: अंतिम मंजूरी अभी नहीं
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया कहां तक पहुंची?
यदि फेडरेशन के सभी प्रस्ताव स्वीकार किए जाते हैं, तो लेवल-1 के कर्मचारियों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा वेतन लगभग ₹37,080 से बढ़कर करीब ₹61,344 तक पहुंच सकता है। यानी वेतन में लगभग 65% तक की बढ़ोतरी संभव हो सकती है। हालांकि, यह केवल एक प्रस्तावित अनुमान है और इस पर अंतिम फैसला वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
8वां वेतन आयोग अभी विभिन्न राज्यों में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बैठकें कर रहा है। आयोग सुझावों और आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा। कर्मचारियों से सुझाव लेने की प्रक्रिया जून 2026 में पूरी हो चुकी है और अब आयोग अलग-अलग पक्षों से चर्चा कर रहा है।
अंतिम फैसला कब आ सकता है?
मौजूदा समय-सीमा के अनुसार, आयोग की अंतिम सिफारिशें वर्ष 2027 के मध्य तक आने की संभावना है। कुछ कर्मचारी संगठनों का मानना है कि नई वेतन संरचना की घोषणा 2027-28 के दौरान हो सकती है। हालांकि, पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखते हुए सिफारिशें लागू होने में दो से तीन साल का समय भी लग सकता है। ऐसे में यदि 2027 में नई सिफारिशें आती हैं, तो उनका पूरा लाभ 2029 या 2030 तक मिल सकता है।
गौरतलब है कि 8वें वेतन आयोग की ओर से अभी तक HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, फिटमेंट फैक्टर या वेतन बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल ये कर्मचारी संगठनों की मांगें हैं, जिन पर आयोग विचार कर रहा है। अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू होगा।
Disclaimer: यह जानकारी विभिन्न रिपोर्टों और कर्मचारी संगठनों के प्रस्तावों पर आधारित है। अंतिम निर्णय 8वें वेतन आयोग और केंद्र सरकार की आधिकारिक मंजूरी के बाद ही प्रभावी होगा।
