केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग की कोलकाता बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में फिटमेंट फैक्टर, वेतन, पेंशन, महंगाई भत्ता (DA), HRA और अन्य भत्तों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
8वां वेतन आयोग: कोलकाता में आज से अहम बैठक, वेतन, पेंशन और DA पर हो सकती है बड़ी चर्चा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग की दो दिवसीय बैठक आज 9 जुलाई से कोलकाता में शुरू हो गई है।
8वें वेतन आयोग की कोलकाता बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा
यह बैठक 10 जुलाई तक चलेगी। इसमें कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगी संघों और अन्य हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे, जिनके आधार पर आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा। इससे पहले आयोग दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर, लद्दाख और भुवनेश्वर में भी इसी तरह की बैठकें कर चुका है। अब कोलकाता में होने वाली चर्चा को भी आयोग की रिपोर्ट के लिए अहम माना जा रहा है।
बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा फिटमेंट फैक्टर रहने की संभावना है। कर्मचारी संगठन 2.86 से 3.83 तक का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ संगठनों ने इसे 4 गुना तक करने का सुझाव भी दिया है। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Pay) में बड़ा इजाफा हो सकता है।
बैठक की प्रमुख बातें
🏛️ 8वां वेतन आयोग बैठक
- बैठक शुरू: 9 जुलाई 2026
- समापन: 10 जुलाई 2026
- स्थान: कोलकाता
- मुख्य मुद्दा: फिटमेंट फैक्टर
- संभावित चर्चा: वेतन, पेंशन, DA, HRA, MACP
- उद्देश्य: अंतिम सिफारिशों के लिए सुझाव जुटाना
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 है। यदि अधिक फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारी संगठनों का दावा है कि न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹72,000 तक पहुंच सकती है। हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
बैठक में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग भी उठ सकती है। हालांकि केंद्र सरकार पहले ही यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू कर चुकी है, लेकिन कई कर्मचारी संगठन अभी भी OPS बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
📋 प्रमुख मांगें
- फिटमेंट फैक्टर: 2.86 से 3.83 या अधिक
- न्यूनतम बेसिक वेतन: ₹72,000 तक की मांग
- OPS: पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग
- HRA: हाउस रेंट अलाउंस में सुधार
- MACP: संशोधन की मांग
- चिकित्सा सुविधा: पेंशनभोगियों के लिए बेहतर व्यवस्था
DA और आगे की प्रक्रिया
इसके अलावा हाउस रेंट अलाउंस (HRA), महंगाई राहत (DR), पेंशनभोगियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, भत्तों में सुधार और संशोधित एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) योजना में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
आयोग ने हितधारकों से पहले ही अपने सुझाव और ज्ञापन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा करने को कहा था। इन सुझावों का अध्ययन करने के बाद आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई 2026 से मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनुमान मौजूदा महंगाई के रुझान पर आधारित है, लेकिन अंतिम फैसला जून 2026 के AICPI-IW (औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के आंकड़ों के बाद ही होगा।
सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में दो बार DA की समीक्षा करती है। यदि 3 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी मिलती है, तो इसका लाभ लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। हालांकि सरकार की आधिकारिक घोषणा केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी और महंगाई के अंतिम आंकड़ों की समीक्षा के बाद ही की
जाएगी।

