आठवें वेतन आयोग ने अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने से पहले कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगी संघों से सुझाव लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। पेंशन सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आए हैं।
आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले देशभर में कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगी संघों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लेना शुरू कर दिया है।
आठवें वेतन आयोग में पेंशन सुधारों पर मंथन
आयोग का एक प्रमुख उद्देश्य 31 दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत्त हुए केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की पेंशन व्यवस्था की समीक्षा करना भी है। आयोग को जून 2027 के आसपास अपनी रिपोर्ट सौंपने की संभावना है, जिसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने पर नई सिफारिशें लागू की जाएंगी।
कई कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने पेंशन में बड़े सुधार की मांग रखी है। इनमें नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) प्रमुख हैं। इन संगठनों ने पेंशन को संशोधित वेतन संरचना के अनुरूप करने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में सुधार करने और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान लाभ सुनिश्चित करने की मांग की है।
📌 प्रमुख पेंशन सुधार प्रस्ताव
- न्यूनतम पेंशन: अंतिम वेतन का 67% करने की मांग
- फिटमेंट फैक्टर: बढ़ाने का प्रस्ताव
- महंगाई राहत (DR): समीक्षा की मांग
- OPS: बहाली का सुझाव
- UPS: सुधार की मांग
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें
सबसे प्रमुख मांगों में न्यूनतम पेंशन को अंतिम वेतन (Last Pay Drawn) या सेवा के अंतिम 10 महीनों के औसत वेतन का 67 प्रतिशत करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा पेंशन की गणना में इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को बढ़ाने, महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) की व्यवस्था की समीक्षा करने और उसे पेंशन में बेहतर तरीके से शामिल करने की भी मांग की गई है।
कर्मचारी संगठनों ने पारिवारिक पेंशन के दायरे को बढ़ाने, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाने और पेंशन कम्यूटेशन (Commutation) के नियमों में बदलाव की भी मांग की है। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपनी जरूरत के अनुसार पुरानी पेंशन योजना (OPS), राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में से किसी एक विकल्प को चुनने की सुविधा देने का सुझाव भी दिया गया है।
📊 आयु के अनुसार प्रस्तावित पेंशन
- 65 वर्ष: अंतिम वेतन का 70%
- 70 वर्ष: अंतिम वेतन का 75%
- 75 वर्ष: अंतिम वेतन का 80%
- 80 वर्ष: अंतिम वेतन का 85%
- 85 वर्ष: अंतिम वेतन का 90%
- 90 वर्ष या अधिक: अंतिम वेतन का 100%
आयु आधारित पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव
एक अन्य महत्वपूर्ण मांग उम्र के आधार पर पेंशन बढ़ाने की है। प्रस्ताव के अनुसार 65 वर्ष की आयु पर पेंशन अंतिम वेतन का 70 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 75 प्रतिशत, 75 वर्ष पर 80 प्रतिशत, 80 वर्ष पर 85 प्रतिशत, 85 वर्ष पर 90 प्रतिशत और 90 वर्ष या उससे अधिक आयु होने पर अंतिम वेतन के 100 प्रतिशत तक पेंशन देने की सिफारिश की गई है।
अंतिम फैसला अभी बाकी
फिलहाल ये सभी केवल कर्मचारी संगठनों की मांगें हैं। आठवें वेतन आयोग ने अभी तक अपनी अंतिम सिफारिशें जारी नहीं की हैं और इन प्रस्तावों पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। आयोग देश के विभिन्न राज्यों में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें कर रहा है और सुझाव जुटा रहा है। इसके बाद तैयार की गई रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही नई पेंशन व्यवस्था लागू होगी। मौजूदा अनुमान के अनुसार आयोग की रिपोर्ट 2027 में आ सकती है, जबकि इसके लागू होने की प्रक्रिया 2029 या 2030 तक पूरी हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और आठवें वेतन आयोग की आधिकारिक सिफारिशों पर निर्भर करेगा।

