NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पेपर लीक विवाद के बाद अब परीक्षा ऑनलाइन CBT मोड में आयोजित की जाएगी। साथ ही छात्रों को अतिरिक्त समय, मुफ्त परिवहन और परीक्षा शहर बदलने जैसी कई राहतें दी गई हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG के बारे में कुछ ज़रूरी बातें बताईं। अगले साल से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी। NEET-UG पेपर लीक की हाल की घटना की वजह से यह फ़ैसला लिया गया है।
NEET-UG 2026 अब ऑनलाइन CBT मोड में होगी
NEET-UG परीक्षा को लेकर एक बड़ा बदलाव हुआ है। अगले साल से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी, खास तौर पर कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) के रूप में। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों के डर और अनिश्चितता को दूर करने के लिए कई राहत उपाय पेश किए हैं। NEET-UG पेपर लीक की दुखद घटना के बाद सरकार का मुख्य लक्ष्य यह पक्का करना है कि छात्रों को कम से कम आर्थिक और मानसिक परेशानी हो।
काफ़ी भावुक होकर शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह फ़ैसला ज़रूरी था क्योंकि सरकार नहीं चाहती थी कि कोई “परीक्षा माफ़िया” किसी काबिल छात्र की जगह ले ले। 21 जून की NEET-UG परीक्षा सिर्फ़ एक परीक्षा नहीं है, बल्कि यह छात्रों का आत्मविश्वास फिर से जगाने की एक सोची-समझी कोशिश भी है। इस साल की NEET परीक्षा कुछ मामलों में अलग होगी। उम्मीदवारों को आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को समझते हुए, सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर आने-जाने के इंतज़ाम किए हैं—खास तौर पर बसों और ट्रेनों की व्यवस्था की है—और साथ ही उन्हें अपनी परीक्षा का शहर बदलने का विकल्प भी दिया है।
📝 NEET-UG 2026 के बड़े बदलाव
- परीक्षा मोड: ऑनलाइन CBT आधारित
- मुख्य कारण: पेपर लीक और परीक्षा माफिया पर रोक
- नई परीक्षा तारीख: 21 जून
- अतिरिक्त समय: 15 मिनट extra
- नया समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक
- उद्देश्य: सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा
छात्रों को आर्थिक और मानसिक राहत देने की तैयारी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यह ज़िम्मेदारी ली है कि छात्रों और उनके परिवारों को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा का आर्थिक बोझ कभी न उठाना पड़े। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर कुछ और इंतज़ाम भी किए जा रहे हैं ताकि खराब मौसम—खास तौर पर जून की तेज़ गर्मी और मॉनसून से पहले की बारिश—की वजह से उम्मीदवारों की मेहनत पर कोई बुरा असर न पड़े। इसे आसान बनाने के लिए कई तरह की लॉजिस्टिक योजनाएँ लागू की जा रही हैं।
जिन उम्मीदवारों ने अपने कोचिंग सेंटर छोड़ दिए थे और अपने गृह नगर लौट गए थे, NTA ने उनके डर की एक बड़ी वजह को प्रभावी ढंग से दूर कर दिया है। अब उम्मीदवारों के पास अपनी ज़रूरत के हिसाब से परीक्षा का शहर चुनने के लिए एक हफ़्ते का समय होगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई उम्मीदवार पहले कोटा में रहता था लेकिन अब मुंबई या पटना में रह रहा है, तो वह अपनी मौजूदा जगह के सबसे पास वाले शहर में परीक्षा केंद्र चुन सकता है। NEET-UG के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी होने की उम्मीद है। ये एडमिट कार्ड इस सिलेक्शन सेशन के दौरान किए गए चुनावों के आधार पर जारी किए जाएंगे, जो जल्द ही शुरू होने वाला है।
🎓 छात्रों के लिए राहत उपाय
- एग्जाम सिटी चेंज: 1 हफ्ते तक विकल्प उपलब्ध
- एडमिट कार्ड: 14 जून तक जारी होने की उम्मीद
- फीस: कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
- मानसिक राहत: अतिरिक्त 15 मिनट का समय
- लक्ष्य: तनाव और घबराहट कम करना
- NTA की जिम्मेदारी: अतिरिक्त खर्च एजेंसी उठाएगी
बस और ट्रेन सुविधा से उम्मीदवारों को बड़ी राहत
NEET UG परीक्षा के शेड्यूल में एक बड़ा बदलाव किया गया है, ताकि उम्मीदवारों पर मानसिक बोझ कम हो सके। अब उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए पंद्रह मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। NEET UG परीक्षा का नया समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक है। इस अतिरिक्त समय के साथ, उम्मीदवार प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ पाएंगे और बिना किसी हड़बड़ी या घबराहट के जवाब दे पाएंगे।
परिवहन क्षेत्र से सबसे बड़ी राहत मिली है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार, केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि उम्मीदवारों को अपने परीक्षा केंद्रों तक जाने के लिए कोई किराया न देना पड़े। आवेदकों के लिए केंद्रों तक पहुंचना आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए, बसें या विशेष ट्रेनें उपलब्ध कराने की योजनाएं बनाई गई हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा शुल्क में कोई बदलाव नहीं होगा और किसी भी अतिरिक्त खर्च की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
🚌 फ्री ट्रांसपोर्ट और सुविधा
- बस सुविधा: राज्य सरकारों के सहयोग से
- स्पेशल ट्रेन: उम्मीदवारों के लिए योजना तैयार
- यात्रा खर्च: छात्रों को किराया नहीं देना होगा
- फोकस: परीक्षा केंद्र तक आसान पहुंच
- अतिरिक्त खर्च: NTA वहन करेगी
- उद्देश्य: आर्थिक बोझ कम करना
मौसम और सुरक्षा को लेकर खास इंतज़ाम
NEET UG की दोबारा परीक्षा जून के अंत में आयोजित करने की योजना है। इस शेड्यूल को देखते हुए, गर्मी और अचानक बारिश की संभावना को बड़ी बाधाएं माना जा रहा है। प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि NEET UG परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था करते समय मौजूदा मौसम की स्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि परीक्षा के दौरान आवेदकों को कोई असुविधा न हो, केंद्रों पर बारिश या अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए बैकअप योजनाएं तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं।
जिन उम्मीदवारों ने इस व्यवस्था को लेकर असंतोष व्यक्त किया था, उनके लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की यह घोषणा राहत देने वाली है कि “NTA इस समय अत्यंत सक्षम कर्मियों के हाथों में है।” सरकार ने आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाकर और छात्रों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराकर, यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि उसका वर्तमान ध्यान “जीरो टॉलरेंस” और “छात्र सबसे पहले” की नीति पर केंद्रित है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि 21 जून को होने वाली यह परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित और सुलभ तरीके से संपन्न हो, तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। हालांकि, शिक्षा मंत्री ने यह भी स्वीकार किया है कि NTA में कुछ कमियां हैं और उन्होंने उन कमियों को दूर करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का वादा किया है।
⚠️ सुरक्षा और मौसम को लेकर तैयारी
- मौसम फोकस: गर्मी और बारिश से बचाव
- बैकअप प्लान: सभी केंद्रों पर तैयार
- सुरक्षा नीति: Zero Tolerance
- मुख्य लक्ष्य: छात्र सबसे पहले
- NTA सुधार: कमियों को दूर करने का वादा
- परीक्षा फोकस: सुरक्षित और निष्पक्ष एग्जाम
Disclaimer: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट्स और सरकारी बयानों पर आधारित है। परीक्षा से जुड़ी अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए उम्मीदवार NTA की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य देखें।

