NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्रालय, NTA और संसदीय समिति के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। इस बैठक में परीक्षा सुधार, CBT मॉडल और पेपर लीक रोकने के उपायों पर चर्चा हुई।
NEET पेपर लीक के मामले में, NTA के चेयरमैन और कर्मचारियों को शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी एक विधायी समिति के कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। समिति ने पेपर सेट करने वालों की बैकग्राउंड जाँच और कर्मचारियों की कमी को लेकर चिंता जताई। इस बीच, NTA ने कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) और एक आंतरिक प्रक्रिया अपनाने पर ज़ोर दिया।
संसदीय समिति ने NTA से पूछे कड़े सवाल
शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति की एक बैठक के दौरान NEET पेपर लीक के बारे में कड़े सवाल पूछे गए; इस बैठक में वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षा मंत्रालय के सचिव और NTA के चेयरमैन शामिल थे। समिति के सदस्यों ने सवाल उठाया कि क्या NTA में कर्मचारियों की कमी है? क्या पेपर सेट करने वालों की बैकग्राउंड जाँच की गई थी? क्योंकि उन्हीं के ज़रिए पेपर लीक हुआ था।
📌 संसदीय समिति की मुख्य चिंताएं
- मुख्य मुद्दा: NEET-UG पेपर लीक मामला
- सवाल: क्या NTA में कर्मचारियों की कमी है?
- चिंता: पेपर सेट करने वालों की बैकग्राउंड जाँच
- उपस्थिति: शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और NTA चेयरमैन
- समिति अध्यक्ष: दिग्विजय सिंह
- उद्देश्य: परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना
NTA ने CBT मॉडल और नई आंतरिक प्रक्रिया पर दिया जोर
NTA के प्रतिनिधियों ने बैठक के दौरान बताया कि वे बाहरी संस्थाओं पर निर्भरता कम करने के लिए एक आंतरिक प्रणाली विकसित कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पेपर लीक से बचने और पेन-पेपर की ज़रूरत को खत्म करने के लिए, वे कंप्यूटर-आधारित परीक्षा की दिशा में काम कर रहे हैं। समिति के सदस्यों ने परीक्षा के दो या तीन सेट तैयार करने और उन्हें दो या तीन पालियों में आयोजित करने का सुझाव दिया।
💻 NTA के सुधार और CBT प्लान
- नई योजना: कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT)
- उद्देश्य: पेपर लीक रोकना
- फोकस: बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता कम करना
- सुझाव: परीक्षा के कई सेट तैयार करना
- प्रस्ताव: दो या तीन पालियों में परीक्षा
- लक्ष्य: परीक्षा सुरक्षा और पारदर्शिता मजबूत करना
NEET-UG पेपर लीक जांच और सुधारों पर चर्चा
NEET-UG पेपर लीक पर संसदीय स्थायी समिति अब जाँच की प्रगति और परीक्षा प्रणाली में सुधारों पर चर्चा करने के लिए बैठक कर रही है। समिति के अध्यक्ष, कांग्रेस नेता दिग्विजय Singh, इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। समिति NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक की जाँच की समीक्षा कर रही है; यह परीक्षा 3 मई को रद्द कर दी गई थी।
छात्रों का भरोसा बहाल करने पर फोकस
परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही और पारदर्शिता में सुधार को लेकर भी चर्चाएँ चल रही हैं। चर्चा में शिक्षा मंत्रालय और NTA द्वारा के. राधाकृष्णन समिति की सिफ़ारिशों को लागू करने का विषय भी शामिल होगा। छात्रों का विश्वास बहाल करना, परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाना और NTA में सुधार करना इस बैठक के मुख्य उद्देश्य हैं। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक है, जिसे NEET-UG पेपर लीक की घटना के बाद बुलाया गया है।
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यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट्स और आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। किसी भी नई आधिकारिक अपडेट के अनुसार जानकारी में बदलाव संभव है।

