Axis Bank Q2 Results: मुनाफा 38% बढ़कर ₹7,003 करोड़

एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 38 प्रतिशत बढ़कर ₹7,003 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक ने ₹5,089 करोड़ का मुनाफा कमाया था। बैंक के अनुसार, ब्याज से होने वाली आय में वृद्धि और खराब कर्ज के संकेतकों में सुधार ने नतीजों को सहारा दिया।

जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय 12 प्रतिशत बढ़कर ₹15,371 करोड़ रही। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.36 प्रतिशत दर्ज किया गया। विदेशी मुद्रा अनिवासी जमा से जुड़े प्रभाव को हटाने पर यह मार्जिन 3.47 प्रतिशत रहा। बैंक का परिचालन लाभ सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर ₹11,083 करोड़ हो गया, जबकि मुख्य परिचालन लाभ 11 प्रतिशत बढ़कर ₹10,998 करोड़ रहा।

मुख्य आंकड़े एक नजर में

  • शुद्ध मुनाफा: ₹7,003 करोड़, सालाना वृद्धि 38%
  • शुद्ध ब्याज आय: ₹15,371 करोड़, वृद्धि 12%
  • कुल अग्रिम: ₹13.74 लाख करोड़, वृद्धि 23%
  • कुल जमा: ₹14.52 लाख करोड़, वृद्धि 21%
  • सकल एनपीए अनुपात: 1.16%

बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ चौधरी ने कहा कि एक्सिस बैंक डिजिटल भुगतान, सुरक्षित बैंकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचार और रणनीतिक साझेदारियों पर ध्यान दे रहा है। बैंक का उद्देश्य ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देना और बदलती जरूरतों के अनुसार अपनी सुविधाओं को मजबूत करना है।

खराब कर्ज के संकेतकों में सुधार

तिमाही के दौरान बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार दिखाई दिया। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति यानी सकल एनपीए अनुपात एक साल पहले की तुलना में 0.30 प्रतिशत अंक घटकर 1.16 प्रतिशत रह गया। शुद्ध एनपीए अनुपात भी 0.09 प्रतिशत अंक कम होकर 0.35 प्रतिशत पर आ गया। ये आंकड़े बताते हैं कि बैंक के कुल कर्ज में फंसे हुए कर्ज का अनुपात घटा है।

सितंबर तिमाही में नए खराब कर्ज यानी सकल स्लिपेज ₹4,762 करोड़ रहे। पिछली तिमाही में यह रकम ₹5,566 करोड़ और एक साल पहले ₹5,696 करोड़ थी। शुद्ध स्लिपेज अनुपात भी सालाना आधार पर 0.30 प्रतिशत अंक घटकर 0.75 प्रतिशत हो गया। वार्षिक आधार पर शुद्ध ऋण लागत 0.45 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले से 0.28 प्रतिशत अंक कम है।

बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात 70 प्रतिशत पर स्थिर रहा। इसका मतलब है कि बैंक ने अपने पहचाने गए खराब कर्ज के मुकाबले पर्याप्त प्रावधान बनाए रखे हैं। हालांकि, बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता का आगे का रुख इस बात पर भी निर्भर करेगा कि कर्ज की वसूली और नए खराब कर्ज का स्तर आने वाली तिमाहियों में कैसा रहता है।

निवेशकों के लिए क्या अहम है?

मुनाफे में बढ़ोतरी के साथ एनपीए अनुपात और नए खराब कर्ज में गिरावट सकारात्मक संकेत हैं। फिर भी बैंक के भविष्य के प्रदर्शन को समझने के लिए ब्याज मार्जिन, जमा जुटाने की लागत, कर्ज की गुणवत्ता और कर्ज की मांग पर नजर रखना जरूरी है।

प्रावधान और संभावित नुकसान के लिए ₹1,694 करोड़ अलग रखे

एक्सिस बैंक ने तिमाही के दौरान प्रावधान और आकस्मिक खर्चों के लिए ₹1,694 करोड़ रखे। इसमें ₹1,564 करोड़ विशेष ऋण-हानि प्रावधान शामिल थे। 30 सितंबर 2026 तक बैंक के पास मानक परिसंपत्तियों और एनपीए से जुड़े सामान्य प्रावधानों के अतिरिक्त ₹15,860 करोड़ के प्रावधान मौजूद थे। ये अतिरिक्त रकम एनपीए कवरेज अनुपात की गणना में शामिल प्रावधानों से अलग थी।

ऐसे प्रावधान बैंक को भविष्य में संभावित ऋण नुकसान का सामना करने में मदद करते हैं। हालांकि, इनका स्तर और उपयोग कर्ज की गुणवत्ता, आर्थिक हालात और नियामकीय जरूरतों के आधार पर बदल सकता है।

कर्ज और जमा दोनों में बढ़ोतरी

30 सितंबर 2026 तक बैंक के कुल अग्रिम सालाना आधार पर 23 प्रतिशत और पिछली तिमाही के मुकाबले 9 प्रतिशत बढ़कर ₹13.74 लाख करोड़ हो गए। खुदरा कर्ज 16 प्रतिशत बढ़कर ₹7.40 लाख करोड़ रहा, जो बैंक के शुद्ध अग्रिम का 54 प्रतिशत था। छोटे और मध्यम कारोबारों को दिए गए कर्ज में 25 प्रतिशत वृद्धि के साथ यह रकम ₹1.65 लाख करोड़ रही। कॉरपोरेट कर्ज में 34 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।

महीने के अंत के आधार पर कुल जमा 21 प्रतिशत सालाना वृद्धि और 6 प्रतिशत तिमाही वृद्धि के साथ ₹14.52 लाख करोड़ रही। सावधि जमा में 27 प्रतिशत वृद्धि हुई। चालू खाते की जमा 7 प्रतिशत और बचत खाते की जमा 12 प्रतिशत बढ़ी। चालू खाता और बचत खाता यानी कासा अनुपात 36 प्रतिशत रहा। बैंक की धन जुटाने की लागत भी पिछले साल की तुलना में 0.08 प्रतिशत अंक कम हुई।

पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16.27 प्रतिशत

सितंबर के अंत में एक्सिस बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16.27 प्रतिशत था। सामान्य इक्विटी टियर-1 यानी सीईटी-1 अनुपात 14.61 प्रतिशत रहा। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के दौरान सीईटी-1 अनुपात में 0.23 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। बैंक ने बताया कि उसके पास रिपोर्ट किए गए पूंजी पर्याप्तता अनुपात के अतिरिक्त ₹8,006 करोड़ के प्रावधान भी थे। बैंक के अनुसार, यह अतिरिक्त सुरक्षा पूंजी के करीब 0.49 प्रतिशत अंक के बराबर थी।

पहली छमाही में मुनाफा 30 प्रतिशत बढ़ा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 30 प्रतिशत बढ़कर ₹14,117 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह ₹10,896 करोड़ था। शुद्ध ब्याज आय 10 प्रतिशत बढ़कर ₹30,018 करोड़ और शुल्क से होने वाली आय 6 प्रतिशत बढ़कर ₹12,536 करोड़ हो गई। परिचालन लाभ 4 प्रतिशत बढ़कर ₹22,742 करोड़ रहा, जबकि मुख्य परिचालन लाभ 11 प्रतिशत बढ़कर ₹22,120 करोड़ पहुंच गया।

शेयर का हाल और बाजार की नजर

तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार, 16 अक्टूबर को एक्सिस बैंक का शेयर ₹1,290 पर बंद हुआ था। इसमें 0.16 प्रतिशत की बढ़त रही। पिछले एक महीने में शेयर करीब 4 प्रतिशत चढ़ा, लेकिन तीन महीने में लगभग 1.5 प्रतिशत और छह महीने में करीब 4.5 प्रतिशत गिरा। एक साल में शेयर लगभग 8 प्रतिशत ऊपर रहा। साल की शुरुआत से अब तक इसमें करीब 1.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 लगभग 11.5 प्रतिशत नीचे था। बैंक का बाजार पूंजीकरण करीब ₹4.02 लाख करोड़ बताया गया।

आने वाले समय में निवेशक शुद्ध ब्याज मार्जिन, कर्ज की वृद्धि, जमा जुटाने की क्षमता और खराब कर्ज के आंकड़ों पर ध्यान दे सकते हैं। तिमाही में मुनाफे की तेज वृद्धि अपने आप में यह सुनिश्चित नहीं करती कि शेयर की कीमत भी आगे बढ़ेगी। बाजार की स्थिति, मूल्यांकन और बैंक के अगले नतीजे भी शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। बैंक की आधिकारिक जानकारी के लिए एक्सिस बैंक की वेबसाइट देखी जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. एक्सिस बैंक का दूसरी तिमाही का मुनाफा कितना रहा?

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में एक्सिस बैंक का शुद्ध मुनाफा ₹7,003 करोड़ रहा। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹5,089 करोड़ से 38 प्रतिशत अधिक है।

2. बैंक की शुद्ध ब्याज आय कितनी बढ़ी?

दूसरी तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर ₹15,371 करोड़ हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.36 प्रतिशत रहा और विदेशी मुद्रा जमा के प्रभाव को हटाने पर 3.47 प्रतिशत था।

3. एक्सिस बैंक के एनपीए अनुपात में क्या बदलाव आया?

बैंक का सकल एनपीए अनुपात घटकर 1.16 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए अनुपात घटकर 0.35 प्रतिशत रह गया। सकल नए खराब कर्ज भी पिछली तिमाही और पिछले साल की तुलना में कम रहे।

4. सितंबर 2026 में बैंक के कुल कर्ज और जमा कितने थे?

30 सितंबर 2026 तक एक्सिस बैंक के कुल अग्रिम ₹13.74 लाख करोड़ और महीने के अंत के आधार पर कुल जमा ₹14.52 लाख करोड़ रही। दोनों में पिछले साल की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई।

5. क्या एक्सिस बैंक के शेयर में निवेश करना चाहिए?

केवल एक तिमाही के नतीजों के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेशकों को शेयर का मूल्यांकन, बैंक की भविष्य की वृद्धि, ब्याज मार्जिन, खराब कर्ज और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करना चाहिए।

निष्कर्ष

एक्सिस बैंक के तिमाही नतीजों में मुनाफे, कर्ज और जमा में वृद्धि के साथ खराब कर्ज के अनुपात में सुधार दिखा। आगे बैंक की कमाई और शेयर के प्रदर्शन पर ब्याज मार्जिन, जमा की लागत तथा परिसंपत्ति गुणवत्ता का असर महत्वपूर्ण रहेगा।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। शेयर बाजार में जोखिम होता है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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