इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग पर चर्चा के लिए बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इस समिति के जरिए बैंकिंग क्षेत्र में सभी शनिवार को छुट्टी रखने के प्रस्ताव पर आगे की बातचीत की जाएगी। यह फैसला आईबीए की बातचीत करने वाली समिति और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच 27 सितंबर को हुई बैठक के बाद सामने आया है।
पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था पर बनेगी सहमति
समिति की अध्यक्षता बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजनीश कर्नाटक करेंगे। पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक चंद्रा को वैकल्पिक अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक बिनोद कुमार, आईडीबीआई बैंक के प्रबंध निदेशक राकेश शर्मा और भारतीय स्टेट बैंक के उप प्रबंध निदेशक जी.एस. राणा को समिति में सदस्य बनाया गया है।
बैंक यूनियनों की ओर से सात संगठनों के महासचिव समिति में शामिल होंगे। इनमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस और इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन के प्रतिनिधि शामिल हैं। बैंक कर्मचारी सेना महासंघ के महासचिव विनोद निकम को समिति में आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।
नई समिति की प्रमुख जानकारी
- समिति की अध्यक्षता: राजनीश कर्नाटक
- वैकल्पिक अध्यक्ष: अशोक चंद्रा
- समिति में बैंकिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल
- सात बैंक यूनियनों के महासचिव समिति में शामिल होंगे
- बैंक कर्मचारी सेना महासंघ के महासचिव विनोद निकम आमंत्रित सदस्य होंगे
तीन दिन की बैंक हड़ताल हुई स्थगित
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल को स्थगित कर दिया। हड़ताल को लेकर आईबीए और बैंक यूनियनों के बीच देर रात तक बातचीत हुई थी। इसके बाद पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था के मुद्दे पर समाधान खोजने के लिए समिति बनाने पर सहमति बनी।
हड़ताल स्थगित करने के बाद बातचीत पर जोर
पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था की मांग मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और नौवें संयुक्त नोट का हिस्सा थी। उस समझौते में सभी शनिवार को छुट्टी घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके बदले सप्ताह के बाकी कार्यदिवसों में काम के समय को बढ़ाने की बात कही गई थी, ताकि अतिरिक्त छुट्टियों की भरपाई की जा सके। इसके बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया था।
पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव
- सभी शनिवार को बैंक अवकाश रखने का प्रस्ताव
- मार्च 2024 के 12वें द्विपक्षीय समझौते का हिस्सा
- नौवें संयुक्त नोट में भी प्रस्ताव शामिल
- बाकी कार्यदिवसों में काम के समय को बढ़ाने की बात
- प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया था
बैंक यूनियनों ने गतिविधियां तेज कीं
इस मुद्दे को लेकर बैंक यूनियनों ने हाल के हफ्तों में अपनी गतिविधियां तेज की थीं। यूनियनों ने 11 सितंबर को एक दिन की देशव्यापी हड़ताल की थी और इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया था। मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी भी दी गई थी।
प्रोत्साहन और सेवा संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा
पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था के साथ बैंक अधिकारियों के प्रदर्शन से जुड़े प्रोत्साहन ढांचे और कुछ अन्य सेवा संबंधी मामलों को लेकर भी चर्चा होती रही है। सरकार ने हाल में संशोधित प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था को फिलहाल रोक दिया था। अब नई समिति इन मुद्दों से जुड़े व्यापक संदर्भ में बातचीत का माध्यम बन सकती है।
अब आगे क्या होगा?
नई समिति बनने के बाद आईबीए और बैंक यूनियनों को पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था के लागू होने से जुड़े विषय पर बातचीत के लिए एक औपचारिक मंच मिल गया है। यूनियनों की ओर से कहा गया है कि हड़ताल स्थगित करना मांग को छोड़ना नहीं है, बल्कि बातचीत के लिए बने इस नए माध्यम को मौका देना है। सरकार की ओर से भी पहले कहा गया है कि कर्मचारियों की चिंताओं को बातचीत और आपसी चर्चा के जरिए सुलझाने पर ध्यान दिया जाएगा।
5 FAQs
1. पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था क्या है?
पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था के प्रस्ताव के तहत सभी शनिवार को बैंक कर्मचारियों के लिए छुट्टी रखने की बात कही गई है। इसके बदले सप्ताह के बाकी कार्यदिवसों में काम के समय को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था।
2. पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था पर नई समिति क्यों बनाई गई?
आईबीए और बैंक यूनियनों के बीच इस मुद्दे पर आगे बातचीत करने और समाधान खोजने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। इसमें बैंक प्रबंधन और बैंक यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
3. नई समिति की अध्यक्षता कौन करेंगे?
बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजनीश कर्नाटक समिति की अध्यक्षता करेंगे। पंजाब नेशनल बैंक के एमडी और सीईओ अशोक चंद्रा को वैकल्पिक अध्यक्ष बनाया गया है।
4. क्या बैंक यूनियनों की तीन दिन की हड़ताल होगी?
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल को स्थगित कर दिया है। यह फैसला आईबीए और यूनियनों के बीच बातचीत के बाद लिया गया।
5. क्या पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू हो गई है?
नई समिति बनने का मतलब यह नहीं है कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था तुरंत लागू हो गई है। समिति इस प्रस्ताव और इससे जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेगी तथा आगे की प्रक्रिया में संबंधित मंजूरियां जरूरी होंगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध विवरण पर आधारित है। बैंकिंग व्यवस्था में बदलाव से जुड़ी अंतिम जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही मान्य होगी।
