बैंक ऑफ इंडिया ने नवंबर 2026 में सावधि जमा करने वाले ग्राहकों के लिए नई विशेष योजना शुरू की है। बैंक की 500 दिन की जमा योजना में सामान्य ग्राहकों को 6.85 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए दर 7.35 प्रतिशत और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.50 प्रतिशत तक है। नई दरें 2 नवंबर 2026 से लागू हुई हैं। जिन लोगों के पास कुछ समय के लिए बचत की रकम उपलब्ध है, उनके लिए यह योजना विचार करने योग्य विकल्प हो सकती है।
बैंक ऑफ इंडिया की 500 दिन की योजना क्या है?
बैंक ने विशेष जमा योजना को स्टार अक्षय सावधि जमा नाम दिया है। इसकी अवधि 500 दिन रखी गई है। इस अवधि के लिए सामान्य ग्राहकों को सालाना 6.85 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। 60 वर्ष से कम उम्र वाले सामान्य ग्राहकों के लिए यही दर लागू है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज का लाभ दिया गया है। 60 वर्ष से 80 वर्ष से कम उम्र के ग्राहकों के लिए ब्याज दर 7.35 प्रतिशत है। 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले अति वरिष्ठ नागरिकों को 7.50 प्रतिशत तक ब्याज मिलेगा।
यह योजना सीमित अवधि के लिए शुरू की गई है। इसलिए जमा करने से पहले बैंक की शाखा या आधिकारिक वेबसाइट से यह पुष्टि करना जरूरी है कि योजना में नई जमा स्वीकार की जा रही है या नहीं। बैंक ने न्यूनतम जमा राशि 10,000 रुपये बताई है, हालांकि कुछ विशेष स्थितियों में अलग शर्तें लागू हो सकती हैं। जमा की राशि, ब्याज भुगतान का तरीका और समय से पहले पैसा निकालने के नियम समझकर ही खाता खोलना चाहिए।
अन्य अवधि की जमा पर नई ब्याज दरें
बैंक ऑफ इंडिया ने केवल 500 दिन की विशेष योजना ही नहीं, बल्कि कुछ नियमित जमा अवधियों की दरों में भी बदलाव किया है। तीन करोड़ रुपये से कम की जमा पर एक वर्ष की अवधि के लिए ब्याज दर 6.60 प्रतिशत बताई गई है। एक वर्ष से अधिक और तीन वर्ष से कम अवधि के लिए दर 6.70 प्रतिशत है। तीन वर्ष से अधिक लेकिन पांच वर्ष से कम अवधि की जमा पर 6.25 प्रतिशत और पांच से दस वर्ष की जमा पर 6 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है।
अलग-अलग अवधि की ब्याज दरों को देखकर ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार जमा चुन सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को एक वर्ष के भीतर पैसे की जरूरत पड़ सकती है तो लंबी अवधि की जमा में पूरी रकम रखना उचित नहीं हो सकता। दूसरी ओर, यदि रकम लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करनी है तो लंबी अवधि के विकल्प पर विचार किया जा सकता है। ब्याज दर के साथ पैसे की उपलब्धता, समय से पहले निकासी और अन्य शर्तों की तुलना करना जरूरी है।
500 दिन की योजना की दर नियमित एक वर्ष या तीन वर्ष की जमा से अलग है। इसलिए इसे सामान्य जमा की दरों के साथ सीधे तुलना करते समय अवधि का अंतर ध्यान में रखना चाहिए। किसी भी बैंक की जमा योजना चुनने से पहले ग्राहक को समान अवधि और समान जमा राशि के आधार पर तुलना करनी चाहिए। साथ ही यह भी देखना चाहिए कि ब्याज मासिक, तिमाही या परिपक्वता पर मिलेगा। भुगतान का तरीका ग्राहक की आय की जरूरत के अनुसार चुना जा सकता है।
जमा करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
पहली बात, ग्राहक को यह समझना चाहिए कि बताई गई ब्याज दर सालाना आधार पर है। 500 दिन की अवधि के लिए वास्तविक ब्याज की गणना बैंक के नियमों के अनुसार होगी। दूसरी बात, ब्याज पर आयकर लागू हो सकता है। ग्राहक की कुल आय और लागू कर स्लैब के आधार पर जमा से मिलने वाला ब्याज कर योग्य हो सकता है। तीसरी बात, बैंक द्वारा स्रोत पर कर कटौती के नियम भी लागू हो सकते हैं। इसलिए जमा करने से पहले कर से जुड़ी जानकारी लेना उपयोगी है।
समय से पहले जमा तोड़ने की शर्त भी महत्वपूर्ण है। यदि ग्राहक को 500 दिन पूरे होने से पहले पैसा निकालना पड़े तो बैंक कम ब्याज दे सकता है या निर्धारित जुर्माना लगा सकता है। हर योजना के नियम अलग हो सकते हैं। ग्राहक को जमा रसीद, ब्याज भुगतान का तरीका, नामांकन सुविधा और परिपक्वता की तारीख संभालकर रखनी चाहिए। डिजिटल जमा करने पर भी पुष्टि संदेश और विवरण डाउनलोड करके सुरक्षित रखना चाहिए।
✅ एफडी चुनने से पहले जांचें
- अवधि: क्या 500 दिन तक रकम की जरूरत नहीं होगी?
- ब्याज: अपनी उम्र के अनुसार सही दर जांचें
- निकासी: समय से पहले तोड़ने की शर्त पढ़ें
- कर: ब्याज पर लागू आयकर समझें
- सुरक्षा: जमा बीमा की सीमा ध्यान में रखें
क्या दूसरी बैंक की दरों से तुलना जरूरी है?
हां, जमा करने से पहले दूसरी बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना समझदारी है। अलग-अलग बैंक अलग अवधि और ग्राहक वर्ग के लिए अलग दरें देते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ बैंक वरिष्ठ नागरिकों को लंबी अवधि की जमा पर अधिक ब्याज देते हैं, जबकि कुछ बैंक सीमित अवधि की विशेष योजना पेश करते हैं। तुलना करते समय केवल सबसे अधिक प्रतिशत नहीं देखना चाहिए। बैंक की विश्वसनीयता, जमा की अवधि, समय से पहले निकासी और भुगतान सुविधा भी महत्वपूर्ण हैं।
यदि किसी ग्राहक को नियमित मासिक आय चाहिए तो संचयी जमा और गैर-संचयी जमा के बीच अंतर समझना जरूरी है। संचयी जमा में ब्याज परिपक्वता पर मूलधन के साथ मिल सकता है, जबकि गैर-संचयी जमा में ब्याज चुने गए अंतराल पर मिल सकता है। किस विकल्प से अधिक फायदा होगा, यह ग्राहक की जरूरत और ब्याज गणना पर निर्भर करता है। बैंक से दोनों विकल्पों की अनुमानित परिपक्वता या भुगतान राशि पूछना अच्छा रहेगा।
जमा योजना चुनने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सीमित अवधि की योजना का नाम देखकर तुरंत पैसा जमा करने के बजाय उसकी शर्तें पढ़ें। यदि कोई एजेंट ऊंचे ब्याज का दावा करता है तो आधिकारिक बैंक वेबसाइट या शाखा से पुष्टि करें। किसी अनजान लिंक पर व्यक्तिगत जानकारी या बैंक विवरण साझा न करें। जमा केवल आधिकारिक माध्यम से करें और रसीद जरूर प्राप्त करें।
आगे ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
जो ग्राहक बैंक ऑफ इंडिया की 500 दिन की योजना में रुचि रखते हैं, वे पहले अपनी जमा राशि और जरूरत की अवधि तय करें। इसके बाद बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से वर्तमान ब्याज दर, न्यूनतम जमा, पात्रता, भुगतान विकल्प और निकासी की शर्तें जांचें। यदि ग्राहक वरिष्ठ या अति वरिष्ठ नागरिक हैं तो अपनी उम्र के अनुसार लागू दर की पुष्टि करें। दरें समय के साथ बदल सकती हैं, इसलिए पुराने विज्ञापन या सोशल मीडिया संदेश के आधार पर निर्णय न लें।
बचत का उद्देश्य केवल अधिक ब्याज पाना नहीं होना चाहिए। आपातकालीन खर्च, परिवार की जरूरत, नियमित आय और कर भुगतान को ध्यान में रखकर रकम बांटना बेहतर होता है। कुछ रकम बचत खाते में और कुछ अलग-अलग अवधि की जमा में रखी जा सकती है। इससे जरूरत पड़ने पर पूरी जमा तोड़ने की स्थिति कम हो सकती है। हर व्यक्ति की वित्तीय स्थिति अलग होती है, इसलिए एक ही योजना सभी के लिए सही नहीं होती।
घर या छोटे कार्यालय में इंटरनेट कनेक्शन को व्यवस्थित रखने के लिए उपयोगी उपकरण: वाई-फाई राउटर देखें। यह एक सहयोगी लिंक है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. बैंक ऑफ इंडिया की 500 दिन की एफडी पर कितना ब्याज है?
इस विशेष योजना में सामान्य ग्राहकों को 6.85 प्रतिशत, वरिष्ठ नागरिकों को 7.35 प्रतिशत और 80 वर्ष या अधिक उम्र के अति वरिष्ठ नागरिकों को 7.50 प्रतिशत तक सालाना ब्याज दिया जा रहा है।
2. नई ब्याज दरें कब से लागू हुई हैं?
बैंक ऑफ इंडिया की संशोधित जमा दरें 2 नवंबर 2026 से लागू हुई हैं। ग्राहक जमा करने से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से उसी दिन लागू दर की पुष्टि करें।
3. क्या 500 दिन की योजना सभी ग्राहकों के लिए है?
योजना में सामान्य ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग दरें दी गई हैं। पात्रता, न्यूनतम जमा और विशेष शर्तों की पुष्टि बैंक से करनी चाहिए, क्योंकि सीमित अवधि की योजनाओं के नियम बदल सकते हैं।
4. क्या एफडी का ब्याज कर मुक्त होता है?
आम तौर पर सावधि जमा से मिलने वाला ब्याज कर योग्य होता है। ग्राहक की कुल आय और लागू कर नियमों के अनुसार कर देना पड़ सकता है। कर कटौती के नियम भी लागू हो सकते हैं।
5. क्या 500 दिन पूरे होने से पहले एफडी तोड़ी जा सकती है?
समय से पहले जमा तोड़ने की सुविधा और उस पर लागू जुर्माना बैंक की शर्तों पर निर्भर करता है। जमा खोलने से पहले निकासी नियम और मिलने वाले ब्याज की जानकारी जरूर लें।
निष्कर्ष
बैंक ऑफ इंडिया की 500 दिन की योजना वरिष्ठ नागरिकों को अधिक ब्याज देती है। जमा करने से पहले अवधि, कर, निकासी और बीमा सीमा समझना जरूरी है।
स्रोत और अधिक जानकारी
बैंक जमा दरों की रिपोर्ट पढ़ें।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। जमा करने से पहले बैंक की आधिकारिक शर्तें और कर नियम जांचें।
