Deepfake से करोड़ों की ठगी! SaaS कंपनी के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड

बेंगलुरु स्थित SaaS कंपनी कैपिलरी टेक्नोलॉजीज की विदेशी सहयोगी कंपनी डीपफेक आधारित साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुई है। कंपनी ने घटना की पुष्टि करते हुए जांच और रकम की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बेंगलुरु स्थित सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) कंपनी कैपिलरी टेक्नोलॉजीज (Capillary Technologies) की एक विदेशी सहयोगी कंपनी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गई है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि डीपफेक (Deepfake) तकनीक का इस्तेमाल कर करीब 30 लाख यूरो (लगभग 3 मिलियन यूरो) की रकम फर्जी तरीके से अनधिकृत बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई।

डीपफेक तकनीक से हुआ साइबर फ्रॉड

कंपनी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने बेहद आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों की आवाज की नकल (Voice Cloning), फर्जी हस्ताक्षर (Signature Forgery) और सोशल इंजीनियरिंग जैसी तरकीबों के जरिए कंपनी के प्रमुख अधिकारियों की पहचान बनाकर बैंक ट्रांजैक्शन को मंजूरी दिला दी।

घटना का पता चलते ही कंपनी ने कानूनी और तकनीकी स्तर पर तुरंत कार्रवाई शुरू की। कैपिलरी टेक्नोलॉजीज ने स्थानीय पुलिस, साइबर क्राइम एजेंसियों, बैंकों और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर रकम वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की। अब तक कंपनी 4.5 लाख यूरो की राशि वापस हासिल कर चुकी है। इसके अलावा कुछ अन्य रकम का भी पता लगा लिया गया है और संबंधित बैंक खातों को स्थानीय अधिकारियों की सलाह पर फ्रीज कर दिया गया है।

🚨 साइबर धोखाधड़ी की प्रमुख जानकारी

  • कंपनी: Capillary Technologies
  • धोखाधड़ी: Deepfake आधारित साइबर फ्रॉड
  • कुल रकम: लगभग 30 लाख यूरो
  • तकनीक: Voice Cloning, Signature Forgery, Social Engineering
  • स्थिति: जांच और रिकवरी जारी

रिकवरी और जांच की प्रक्रिया

कंपनी ने बताया कि प्रभावित विदेशी इकाई के पास साइबर और क्राइम इंश्योरेंस पॉलिसी मौजूद है। इस घटना की जानकारी बीमा कंपनी को भी दे दी गई है और फिलहाल यह आकलन किया जा रहा है कि बीमा के तहत कितना नुकसान कवर होगा।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस साइबर हमले में ग्राहकों का डेटा, कर्मचारियों की जानकारी या कंपनी के तकनीकी सिस्टम से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। कंपनी की सभी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं और कारोबार पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

🛡️ कंपनी की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

  • रिकवर राशि: 4.5 लाख यूरो
  • फ्रीज खाते: संदिग्ध बैंक खाते
  • बीमा: Cyber & Crime Insurance Policy
  • डेटा सुरक्षा: ग्राहकों का डेटा सुरक्षित
  • सेवाएं: सभी बिजनेस ऑपरेशन सामान्य

कंपनी ने कारोबार पर असर से किया इनकार

कंपनी का कहना है कि इस घटना के बावजूद उसके मौजूदा कारोबारी लक्ष्य और लंबी अवधि की योजनाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही, वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और जरूरत पड़ने पर सेबी के नियमों के अनुसार आगे की जानकारी भी साझा करेगी.

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य जांचें।

About the Author

I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

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