Delhi Police CJP केस: दूसरी FIR Crime Branch को ट्रांसफर

दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रंका से जुड़े दूसरे मामले को भी क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। ये मामले 13 अक्टूबर को कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश और प्रदर्शन से जुड़े हैं। इस बीच, दोनों कार्यकर्ताओं ने अपनी हिरासत बढ़ाने के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

CJP कार्यकर्ताओं से जुड़े दोनों मामले Crime Branch को सौंपे

सूत्रों के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रंका के खिलाफ 13 अक्टूबर को दो मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से कनॉट प्लेस से जुड़ा मामला पहले क्राइम ब्रांच को भेजा गया था। अब जंतर-मंतर से जुड़े दूसरे मामले को भी इसी शाखा को सौंप दिया गया है।

ये मामले उस समय दर्ज हुए, जब CJP के प्रतिनिधि कथित तौर पर बिना अनुमति कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर पहुंचे थे। पुलिस की ओर से मामले की जाँच और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

📌 मामले की मुख्य बातें

  • कार्यकर्ता: सौरव दास और आशुतोष रंका
  • मामले की तारीख: 13 अक्टूबर 2026
  • जगह: कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर, दिल्ली
  • पुलिस का कदम: दोनों FIR क्राइम ब्रांच को सौंपी गईं
  • अगला कदम: हिरासत बढ़ाने के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती

हिरासत बढ़ाने के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती

दोनों कार्यकर्ताओं की कानूनी टीम के अनुसार, उन्होंने विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के 19 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी है। वकीलों का कहना है कि जमानती मुचलके जमा करने के बावजूद हिरासत जारी रखना व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा सवाल है। यह उनका पक्ष है, जिस पर अदालत में सुनवाई होनी है।

कानूनी टीम ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने 19 अक्टूबर को नए जमानती मुचलकों को स्वीकार नहीं किया और दोनों से यह बताने को कहा कि शांति भंग होने की आशंका क्यों न मानी जाए। मामले पर आगे की सुनवाई आज होने की जानकारी दी गई है। अदालत की आधिकारिक जानकारी के लिए दिल्ली हाई कोर्ट की वेबसाइट देखी जा सकती है।

⚖️ हिरासत और कानूनी कार्रवाई

  • 10 अक्टूबर: दोनों को IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर रोके जाने की बात कही गई
  • 11 अक्टूबर: निवारक कार्रवाई शुरू हुई और बांड भरने के बाद रिहाई हुई
  • 13 अक्टूबर: जंतर-मंतर जाने के बाद फिर हिरासत में लिए जाने की जानकारी
  • 14 अक्टूबर: BNSS की धारा 126 और 170 के तहत गिरफ्तारी दिखाई गई
  • 19 अक्टूबर: हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी गई

हिरासत की घटनाओं का क्रम

कानूनी टीम के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रंका को 10 अक्टूबर को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर पहुँचने के बाद हिरासत में लिया गया था। अगले दिन उनके खिलाफ निवारक कार्रवाई शुरू की गई और 50,000 रुपये के बांड भरने के बाद उन्हें छोड़ा गया।

टीम के अनुसार, 13 अक्टूबर को राष्ट्रीय ध्वज लेकर जंतर-मंतर जाने के बाद उन्हें फिर हिरासत में लिया गया। 14 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गई। पुलिस ने 19 अक्टूबर को शांति भंग होने की आशंका जताते हुए हिरासत आगे बढ़ाने की माँग की थी। कार्यकर्ताओं ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार से जुड़ा मामला बताया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. दिल्ली पुलिस ने CJP कार्यकर्ताओं के मामले क्राइम ब्रांच को क्यों सौंपे?

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर से जुड़े दोनों मामलों को क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। पुलिस ने जाँच के इस कदम का विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है।

2. इस मामले में किन कार्यकर्ताओं के नाम हैं?

मामले में कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रंका के नाम हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

3. FIR किन घटनाओं से जुड़ी हैं?

दोनों FIR 13 अक्टूबर को कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश और प्रदर्शन से संबंधित हैं। इन मामलों में पुलिस की आगे की जाँच और अदालत की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।

4. कार्यकर्ताओं ने अदालत में क्या चुनौती दी है?

उनकी कानूनी टीम ने 19 अक्टूबर को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि जमानती मुचलके देने के बाद भी हिरासत जारी रखना व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को प्रभावित करता है।

5. BNSS की धारा 126 और 170 किससे संबंधित हैं?

इन धाराओं का इस्तेमाल कुछ परिस्थितियों में शांति बनाए रखने और संभावित संज्ञेय अपराध को रोकने से जुड़ी निवारक कार्रवाई के लिए किया जा सकता है। किसी खास मामले में इनका लागू होना और उसका कानूनी आधार संबंधित रिकॉर्ड तथा अदालत की समीक्षा पर निर्भर करता है।

निष्कर्ष

दिल्ली पुलिस ने CJP कार्यकर्ताओं से जुड़े दोनों मामलों को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। वहीं, सौरव दास और आशुतोष रंका ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को अदालत में चुनौती दी है। अब आगे की स्थिति जाँच और न्यायिक सुनवाई से स्पष्ट होगी।

Disclaimer: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। आरोपों और कानूनी दावों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया से तय होगा।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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