Credit Card Spending: सितंबर में खर्च 5.9% गिरा, पहली बार 2021 के बाद

भारत में क्रेडिट कार्ड से होने वाला कुल खर्च सितंबर 2026 में सालाना आधार पर 5.9 प्रतिशत घटकर लगभग 2.04 लाख करोड़ रुपये रह गया। 2021 के बाद यह पहली बार है जब सितंबर में खर्च में सालाना गिरावट दर्ज की गई। 30 अक्टूबर 2026 को यह आंकड़ा उपभोक्ता खर्च और बैंकिंग क्षेत्र की चर्चा में रहा। विश्लेषकों का मानना है कि गिरावट का बड़ा कारण त्योहारों की खरीदारी का अक्टूबर में खिसकना और पिछले साल का ऊंचा आधार हो सकता है।

Credit Card Spending से जुड़ी पूरी जानकारी

Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 में GST दरों में बदलाव के बाद त्योहारों की ऑनलाइन बिक्री महीने के आखिरी सप्ताह में शुरू हो गई थी। इस साल त्योहारों की खरीदारी अक्टूबर में शुरू हुई, इसलिए दोनों महीनों की तुलना में अंतर दिखाई दिया। इस वजह से सितंबर के आंकड़े को सीधे तौर पर उपभोक्ता मांग में बड़ी कमजोरी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

CareEdge Ratings के आंकड़ों के मुताबिक, ऑनलाइन कार्ड खर्च में 12.5 प्रतिशत की सालाना गिरावट आई और यह 1.26 लाख करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर, दुकानों और Point of Sale यानी PoS मशीनों के जरिए होने वाला खर्च 7.2 प्रतिशत बढ़कर 77,751 करोड़ रुपये तक पहुंचा। इससे पता चलता है कि ऑनलाइन और दुकानों में कार्ड से खरीदारी का रुझान एक जैसा नहीं रहा।

इस खबर के मुख्य कारण और तथ्य

सितंबर 2025 में GST दरों में कटौती और ऑनलाइन त्योहारी बिक्री जल्दी शुरू होने से कार्ड खर्च का आधार ऊंचा था। 2026 में प्रमुख त्योहारी खरीदारी अक्टूबर में शुरू हुई। जब किसी साल का आधार बहुत मजबूत होता है, तो अगले साल उसी महीने की तुलना में वृद्धि कम या गिरावट दिख सकती है। इसे Base Effect कहा जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त और सितंबर 2026 को मिलाकर कार्ड खर्च में सालाना आधार पर केवल 0.4 प्रतिशत की गिरावट थी। इससे संकेत मिलता है कि सितंबर की कमजोरी का एक हिस्सा खरीदारी के समय में बदलाव से जुड़ा हो सकता है। विश्लेषकों ने अक्टूबर में खर्च बढ़कर 2.28 लाख करोड़ से 2.38 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई है। यह अनुमान है, वास्तविक आंकड़ा बाद में स्पष्ट होगा।

ऑनलाइन कार्ड खर्च में कमी कई कारणों से हो सकती है। पिछले साल की तुलना में त्योहारों की बिक्री का समय बदलना एक कारण है। इसके अलावा छोटे भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल बढ़ने से कार्ड के औसत ऑनलाइन लेनदेन मूल्य पर असर पड़ सकता है। हवाई यात्रा और कुछ अन्य बड़े खर्चों में बदलाव भी ऑनलाइन भुगतान के कुल आंकड़े को प्रभावित कर सकता है।

📰 आज की खबर के मुख्य बिंदु

कुल खर्च ₹2.04 लाख करोड़, ऑनलाइन खर्च में 12.5% गिरावट, PoS खर्च में 7.2% वृद्धि और कार्ड संख्या 12.53 करोड़।

तारीख: 30 अक्टूबर 2026

⚠️ Card Users के लिए सावधानी

  • बिल की पूरी राशि समय पर चुकाएं
  • केवल रिवॉर्ड के लिए अतिरिक्त खर्च न करें
  • OTP, PIN और CVV किसी से साझा न करें
  • बजट और स्टेटमेंट की नियमित जांच करें

आम लोगों और निवेशकों पर संभावित असर

PoS खर्च में 7.2 प्रतिशत की बढ़त यह बताती है कि दुकानों पर कार्ड से भुगतान पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ। ग्राहक ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान के लिए अलग-अलग माध्यम चुन सकते हैं। इसलिए केवल कुल खर्च की गिरावट से यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि लोग खरीदारी बंद कर रहे हैं। खुदरा बिक्री और दूसरे भुगतान आंकड़े भी देखने चाहिए।

खर्च में गिरावट के बावजूद सितंबर में देश में क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 12.53 करोड़ हो गई। यह संख्या पिछले साल की तुलना में लगभग 10.5 प्रतिशत अधिक थी। बैंक नए कार्ड जारी कर रहे हैं, लेकिन कार्ड की संख्या बढ़ने का अर्थ यह नहीं कि हर ग्राहक अधिक पैसा खर्च कर रहा है। ग्राहक के पास कार्ड हो सकता है, लेकिन वह उसका इस्तेमाल कम कर सकता है।

सितंबर में कुल कार्ड लेनदेन की संख्या 23.2 प्रतिशत बढ़कर लगभग 61 करोड़ रही, जबकि औसत लेनदेन मूल्य 23.6 प्रतिशत घटकर 3,343 रुपये रह गया। प्रति कार्ड औसत खर्च भी 14.8 प्रतिशत घटकर करीब 16,305 रुपये बताया गया। इससे संकेत मिलता है कि लेनदेन की संख्या बढ़ने के बावजूद प्रत्येक भुगतान का औसत आकार कम हुआ।

आगे किन बातों पर नजर रखें?

क्रेडिट कार्ड खर्च बैंक और कार्ड जारी करने वाली कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे लेनदेन गतिविधि, ग्राहक उपयोग और संभावित शुल्क आय का संकेत मिलता है। खर्च घटने पर कंपनियों को कार्ड के उपयोग और ग्राहकों की सक्रियता पर ध्यान देना पड़ सकता है। कार्ड की संख्या में बढ़ोतरी और त्योहारों के दौरान संभावित खर्च वृद्धि से आने वाले महीनों में तस्वीर बदल सकती है।

कार्डधारकों के लिए समय पर पूरा बिल चुकाना जरूरी है। केवल न्यूनतम देय राशि भरने से बाकी बकाया पर ब्याज लग सकता है। खरीदारी से पहले अपने बजट की सीमा तय करें और केवल रिवॉर्ड पॉइंट या कैशबैक के लिए अनावश्यक खर्च न करें। बिल की तारीख, ब्याज दर, लेट फीस और वार्षिक शुल्क समझना चाहिए।

यदि खर्च बढ़ रहा है, तो महीने के अंत में बैंक स्टेटमेंट देखकर जरूरी और गैरजरूरी खरीदारी अलग करें। अनजान लेनदेन दिखने पर तुरंत कार्ड जारी करने वाले बैंक से संपर्क करें। कार्ड का OTP, PIN और CVV किसी को न बताएं। अक्टूबर और नवंबर के आंकड़े बताएंगे कि त्योहारों की खरीदारी अगले महीनों में स्थानांतरित हुई या नहीं।

विषय से जुड़ी आधिकारिक और विस्तृत जानकारी के लिए मूल समाचार रिपोर्ट और स्रोत देखें। इस विषय को बेहतर समझने के लिए यह Amazon पर संबंधित Finance Book या Planner भी देख सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. सितंबर 2026 में क्रेडिट कार्ड खर्च कितना रहा?

सितंबर 2026 में भारत का कुल क्रेडिट कार्ड खर्च लगभग 2.04 लाख करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल के समान महीने की तुलना में 5.9 प्रतिशत कम था और फरवरी 2021 के बाद पहली सालाना गिरावट थी।

2. क्रेडिट कार्ड खर्च घटने की मुख्य वजह क्या थी?

विश्लेषकों ने पिछले साल के ऊंचे आधार और इस साल त्योहारी खरीदारी अक्टूबर में शुरू होने को प्रमुख कारण बताया। ऑनलाइन बिक्री में गिरावट ने भी कुल खर्च को नीचे खींचा।

3. क्या ऑनलाइन कार्ड खर्च भी कम हुआ?

हां। सितंबर में ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड खर्च सालाना आधार पर 12.5 प्रतिशत घटकर 1.26 लाख करोड़ रुपये रहा। इसके विपरीत दुकानों पर PoS खर्च में 7.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

4. क्या भारत में क्रेडिट कार्ड की संख्या घटी?

नहीं। सितंबर 2026 में कुल क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर लगभग 12.53 करोड़ हो गई। कार्ड संख्या बढ़ने के बावजूद औसत खर्च कम रहा, जिससे उपयोग के तरीके में बदलाव का संकेत मिलता है।

5. अक्टूबर में कार्ड खर्च बढ़ने की उम्मीद क्यों है?

विश्लेषकों के अनुसार, इस साल त्योहारी खरीदारी अक्टूबर में शुरू हुई है। इसलिए त्योहारों और दिवाली से जुड़ी खरीदारी अगले महीने के आंकड़ों में दिख सकती है। यह अनुमान है, सुनिश्चित आंकड़ा नहीं।

निष्कर्ष

कुल खर्च ₹2.04 लाख करोड़, ऑनलाइन खर्च में 12.5% गिरावट, PoS खर्च में 7.2% वृद्धि और कार्ड संख्या 12.53 करोड़। इसलिए किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक जानकारी, अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता को समझना जरूरी है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य समाचार जानकारी है, निवेश या कानूनी सलाह नहीं। निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत देखें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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