दिवाली और दूसरे त्योहारों से पहले दिल्ली में मिठाई बनाने वाली इकाइयों और दुकानों की जांच तेज कर दी गई है। दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग को कई जगह साफ-सफाई, खाने की चीजों को रखने और उन्हें तैयार करने के तरीके में कमियां मिली हैं। अधिकारियों ने अलग-अलग दुकानों से मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
मिठाई की दुकानों में क्या कमियां मिलीं?
जांच के दौरान कुछ जगहों पर सामान रखने वाले क्षेत्रों में कीड़े और उनके होने के संकेत मिले। एक मिठाई की दुकान पर कर्मचारी बिना दस्ताने पहने खाद्य पदार्थ संभालते दिखे। अधिकारियों ने कुछ दुकानों पर साफ-सफाई, कीट नियंत्रण और खाद्य सुरक्षा नियमों का सही पालन न होने की बात भी दर्ज की।
विभाग की टीमों को कई प्रतिष्ठानों पर FSSAI लाइसेंस प्रदर्शित नहीं मिला। कुछ जगह खाद्य पदार्थ संभालने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण, पैकेट पर सही जानकारी लिखने और जरूरी जांच रिकॉर्ड रखने में भी कमियां सामने आईं।
🍬 मिठाई दुकानों की जांच में सामने आई बातें
- जांच का कारण: त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना
- कमियां: साफ-सफाई, कीट नियंत्रण और खाद्य पदार्थ रखने के तरीके
- लाइसेंस: कुछ दुकानों पर FSSAI लाइसेंस प्रदर्शित नहीं था
- नमूने: खोया, रसगुल्ला जैसी मिठाई, बर्फी, मिल्क केक और बूंदी के लड्डू
- अगला कदम: प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
दिल्ली के किन इलाकों से लिए गए नमूने?
खाद्य सुरक्षा विभाग ने चांदनी चौक, नरेला, नारायणा और ओखला समेत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से नमूने इकट्ठा किए। इनमें खोया, रसगुल्ला, बर्फी, मिल्क केक, बूंदी के लड्डू, काजू बाइट्स और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इनकी प्रयोगशाला जांच से पता चलेगा कि वे तय मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि त्योहारों के दौरान लोगों की सेहत से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से साफ-सफाई बनाए रखने, सामान को सुरक्षित तरीके से रखने और भोजन तैयार करते समय जरूरी सावधानियां बरतने को कहा है। विभाग के अनुसार, आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।
⚠️ घी के नमूनों में भी मिली गड़बड़ी
- कुल नमूने: देसी घी के 59 नमूनों की जांच हुई
- असुरक्षित: 19 नमूने असुरक्षित पाए गए
- मानकों पर खरे नहीं: 4 नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे
- अन्य कमियां: कुछ जगहों पर एक्सपायरी सामान, कीट और गलत तापमान पर भंडारण मिला
- कार्रवाई: नियमों के उल्लंघन पर आगे कदम उठाने की बात कही गई
ऑनलाइन सामान रखने वाले गोदामों की भी जांच
दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स कंपनियों के गोदामों तथा डार्क स्टोर का भी निरीक्षण किया है। जांच में कुछ स्थानों पर एक्सपायरी खाद्य उत्पाद, कीट, अस्वच्छ भंडारण और जरूरी तापमान बनाए रखने में कमी मिली। 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जांच किए गए देसी घी के 59 नमूनों में 19 असुरक्षित और चार खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलावट या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों से लोगों की सेहत को खतरे में डालना स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार ने बाजारों, भंडारण केंद्रों और ऑनलाइन मंचों के जरिए खाद्य उत्पाद बेचने वाले कारोबारों की निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और जानकारी के लिए पाठक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
खरीदार मिठाई लेते समय किन बातों का ध्यान रखें?
मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई देखें और पैक की गई चीजों पर निर्माण तिथि, इस्तेमाल की अंतिम तारीख तथा जरूरी जानकारी जांचें। खुली मिठाई को धूल, कीड़े और गंदगी से बचाकर रखा जाना चाहिए। किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो तो उसे खरीदने से बचें और जरूरत पड़ने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. दिल्ली में मिठाई की दुकानों की जांच क्यों की जा रही है?
त्योहारों के समय मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसी दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग दुकानों और निर्माण इकाइयों की जांच कर रहा है, ताकि साफ-सफाई, सही भंडारण और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
2. जांच में किन तरह की कमियां मिलीं?
कुछ जगहों पर गंदगी, कीटों के संकेत, गलत तरीके से खाद्य पदार्थ रखने और कर्मचारियों के बिना दस्ताने भोजन संभालने जैसी कमियां मिलीं। कुछ प्रतिष्ठानों में लाइसेंस प्रदर्शित करने और जरूरी रिकॉर्ड रखने में भी कमी दर्ज की गई।
3. दिल्ली में किन मिठाइयों के नमूने लिए गए?
विभाग ने खोया, रसगुल्ला, बर्फी, मिल्क केक, बूंदी के लड्डू, काजू बाइट्स और दूसरे खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। इन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है, ताकि उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा का पता लगाया जा सके।
4. देसी घी की जांच में क्या सामने आया?
मुख्यमंत्री कार्यालय की 17 अक्टूबर की जानकारी के अनुसार, जांच किए गए 59 नमूनों में 19 असुरक्षित पाए गए, जबकि चार नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन नतीजों के आधार पर विभाग नियमों के अनुसार कार्रवाई कर सकता है।
5. मिठाई खरीदते समय ग्राहक क्या जांचें?
ग्राहकों को दुकान की साफ-सफाई, मिठाइयों को रखने का तरीका और पैक उत्पादों पर लिखी तारीखें देखनी चाहिए। खुली मिठाई को धूल और कीटों से सुरक्षित रखा जाना चाहिए। संदेह होने पर उत्पाद न खरीदें और संबंधित विभाग को सूचना दें।
निष्कर्ष
त्योहारों से पहले दिल्ली में खाद्य सुरक्षा जांच का उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन पहुंचाना है। दुकानदारों को नियमों का पालन करना चाहिए, जबकि ग्राहकों को खरीदारी में सावधानी रखनी चाहिए। प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद विभाग की कार्रवाई अहम होगी।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और समाचार रिपोर्ट पर आधारित है। जांच के अंतिम निष्कर्षों के लिए संबंधित विभाग की सूचना देखें।
