फीफा World Cup 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले से पहले फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशां ने टीम की मानसिक स्थिति और इस मैच के महत्व पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि फाइनल खेलने का सपना टूटने के बाद भी फ्रांस पूरी गंभीरता के साथ जीत के लिए मैदान में उतरेगा।
डिडिएर डेशां ने तीसरे स्थान के मुकाबले पर क्या कहा
फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशां ने साफ कहा है कि उनकी टीम और इंग्लैंड, दोनों ही FIFA World Cup 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में खेलना नहीं चाहते थे। सेमीफाइनल में हार के बाद दोनों टीमों का सपना फाइनल खेलने का था, लेकिन अब उन्हें तीसरे स्थान के लिए मैदान में उतरना होगा। फ्रांस को स्पेन ने सेमीफाइनल में 2-0 से हराया था, जबकि इंग्लैंड आखिरी समय में बढ़त गंवाने के बाद अर्जेंटीना से 2-1 से हार गया।
मैच से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में डेशां ने कहा कि यह मुकाबला किसी भी टीम की पहली पसंद नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी निभाना हर खिलाड़ी और कोच का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यह कोई अभ्यास मैच नहीं है, बल्कि विश्व कप का आधिकारिक मुकाबला है। इसलिए टीम पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतरेगी और जीत हासिल करने की कोशिश करेगी।
मैच से पहले डेशां की बड़ी बातें
- मुकाबला: FIFA World Cup 2026 तीसरे स्थान का मैच
- प्रतिद्वंद्वी: फ्रांस बनाम इंग्लैंड
- संदेश: यह अभ्यास मैच नहीं है
- लक्ष्य: जीत के साथ टूर्नामेंट का समापन
- भावना: फाइनल नहीं खेलने की निराशा
- दृष्टिकोण: पूरी गंभीरता से मुकाबला
टीम की मानसिक तैयारी
डेशां ने माना कि फाइनल से ठीक पहले तीसरे स्थान का मुकाबला खेलना खिलाड़ियों के लिए मानसिक रूप से आसान नहीं होता। सेमीफाइनल में हार के बाद निराशा स्वाभाविक है, लेकिन ऐसे समय में भी टीम को अपने देश के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और पूरी टीम की जिम्मेदारी है कि टूर्नामेंट का अंत सकारात्मक परिणाम के साथ किया जाए।
यह मुकाबला डिडिएर डेशां के लिए भी बेहद खास होगा क्योंकि फ्रांस के कोच के रूप में यह उनका आखिरी मैच होगा। उन्होंने करीब 14 वर्षों तक टीम का नेतृत्व किया और इस दौरान फ्रांस को 2018 का विश्व कप जिताया। इसके अलावा टीम ने 2022 में फाइनल तक का सफर तय किया और इस बार भी सेमीफाइनल तक पहुंची। डेशां ने कहा कि उनके दिमाग में यह बात है कि यह उनका आखिरी मुकाबला है, लेकिन वह भावुक होने के बजाय जीत के साथ विदाई लेना चाहते हैं।
डेशां के कार्यकाल की उपलब्धियां
- कार्यकाल: करीब 14 वर्ष
- विश्व कप: 2018 चैंपियन
- 2022: फाइनल तक सफर
- 2026: सेमीफाइनल तक पहुंच
- आखिरी मैच: इंग्लैंड के खिलाफ
- लक्ष्य: जीत के साथ विदाई
कांस्य पदक पर दोनों टीमों की नजर
फ्रांस के डिफेंडर इब्राहिमा कोनाते ने भी माना कि टीम का कोई भी खिलाड़ी तीसरे स्थान का मुकाबला नहीं खेलना चाहता था। हालांकि उन्होंने कहा कि अब जब यह मैच खेलना ही है तो सभी खिलाड़ी पूरी मेहनत करेंगे। उनके अनुसार टीम अपने कोच को जीत के साथ विदाई देना चाहती है, क्योंकि उन्होंने वर्षों तक फ्रांस के लिए शानदार काम किया है और खिलाड़ी उनके योगदान का सम्मान करते हैं।
फ्रांस और इंग्लैंड दोनों की नजर अब कम से कम Bronze Medal जीतकर टूर्नामेंट का अंत अच्छे तरीके से करने पर होगी। हालांकि इस मुकाबले को फाइनल जितना महत्व नहीं मिलता, लेकिन दोनों टीमें जीत के साथ अपने अभियान का समापन करना चाहेंगी। फ्रांस के लिए यह मुकाबला अपने सफल कोच को यादगार विदाई देने का मौका होगा, जबकि इंग्लैंड भी जीत हासिल कर टूर्नामेंट से सकारात्मक संदेश के साथ लौटना चाहेगा।
डिस्क्लेमर: मैच से जुड़ी जानकारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार है। समय या अन्य विवरण में बदलाव होने पर संबंधित आयोजकों की सूचना मान्य होगी।

