दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह फिल्म की रिलीज नहीं, बल्कि निर्देशक हनी त्रेहन का एक बड़ा खुलासा है।
पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि निर्देशक हनी त्रेहन का बड़ा खुलासा है। उन्होंने बताया कि मानवाधिकार कार्यकर्ता सरदार जसवंत सिंह खालड़ा का किरदार निभाने के लिए दिलजीत दोसांझ ने कोई फीस नहीं ली थी।
दिलजीत दोसांझ ने बिना फीस निभाया सरदार जसवंत सिंह खालड़ा का किरदार
फिल्म समीक्षक सुचरिता त्यागी को दिए एक इंटरव्यू में हनी त्रेहन ने कहा कि जब उन्होंने दिलजीत को इस फिल्म का प्रस्ताव दिया, तब अभिनेता ने पैसे की कोई बात नहीं की। उनके अनुसार, दिलजीत ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें कब और कहां आना है, यह बता दिया जाए, वह पूरी लगन के साथ शूटिंग के लिए मौजूद रहेंगे। निर्देशक ने बताया कि दिलजीत का यह समर्पण उनके लिए बेहद खास था।
इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर दिलजीत दोसांझ की काफी तारीफ हो रही है। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने सिर्फ एक कलाकार के तौर पर नहीं, बल्कि कहानी और किरदार के प्रति सम्मान दिखाते हुए यह फैसला लिया।
🎬 ‘सतलुज’ फिल्म की प्रमुख बातें
- मुख्य अभिनेता: दिलजीत दोसांझ
- निर्देशक: हनी त्रेहन
- निर्माता: रोनी स्क्रूवाला
- मुख्य किरदार: सरदार जसवंत सिंह खालड़ा
- विशेष: दिलजीत ने फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली
फिल्म की कहानी और रिलीज से जुड़ी जानकारी
हनी त्रेहन के निर्देशन में बनी ‘सतलुज’ का निर्माण रोनी स्क्रूवाला ने किया है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने मानवाधिकार कार्यकर्ता सरदार जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाई है, जिन्होंने 1990 के दशक में पंजाब में कथित अवैध अंतिम संस्कार और लापता लोगों के मामलों की जांच की थी। फिल्म में अर्जुन रामपाल, गीतांजलि कुलकर्णी और सुविंदर विक्की भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।
इस फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब 95’ था और इसे पिछले साल रिलीज किया जाना था। हालांकि, कई कारणों से इसकी रिलीज लगातार टलती रही। बाद में इसका नाम बदलकर ‘सतलुज’ रखा गया। फरवरी 2026 में फिल्म को केवल विदेशों में रिलीज किया गया, जबकि भारत में इसका अनकट संस्करण 3 जुलाई 2026 को ZEE5 पर स्ट्रीम किया गया।
📺 रिलीज और विवाद
- पुराना नाम: पंजाब 95
- नया नाम: सतलुज
- भारत में रिलीज: 3 जुलाई 2026 (ZEE5)
- स्थिति: दो दिन बाद प्लेटफॉर्म से हटाई गई
- चर्चा: हटाए जाने के बाद विवाद तेज
फिल्म हटने के बाद बढ़ी बहस
हालांकि, फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर केवल दो दिन ही उपलब्ध रही और बाद में इसे हटा लिया गया। प्लेटफॉर्म की ओर से आधिकारिक कारण नहीं बताया गया, लेकिन विभिन्न रिपोर्टों में इसे राजनीतिक कारणों से हटाए जाने की बात कही गई। इसके बाद फिल्म को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई।
फिल्म हटाए जाने पर कई फिल्मी हस्तियों ने भी प्रतिक्रिया दी। कॉमेडियन कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस बार फिल्म को सेंसर बोर्ड ने “फिर से गायब” कर दिया। वहीं फिल्म निर्देशक ओनिर ने इस मुद्दे पर फिल्म इंडस्ट्री की चुप्पी पर सवाल उठाए। निर्देशक अनुराग बसु ने भी हनी त्रेहन के समर्थन में अपनी बात रखी और इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताई।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों और बयानों पर आधारित है। आधिकारिक जानकारी में बदलाव संभव है।

