भारत में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच ब्राजील एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। भारत सरकार इथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने के लिए ब्राजील के मॉडल का उदाहरण देती रही है, जहां कई दशकों से पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर इस्तेमाल किया जा रहा है।
ब्राजील ने 1970 के दशक में तेल संकट के बाद इथेनॉल को ईंधन के विकल्प के रूप में अपनाना शुरू किया था। उस समय देश कच्चे तेल के आयात पर काफी निर्भर था। दूसरी ओर, ब्राजील दुनिया का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक देश था, जिससे उसे इथेनॉल उत्पादन में आसानी मिली। साल 1975 में वहां नेशनल अल्कोहल प्रोग्राम (Pro-Álcool) शुरू किया गया, जिसने इथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा दिया।
ब्राजील में कैसे सफल हुआ इथेनॉल मिश्रित ईंधन मॉडल
ब्राजील में वाहन चालकों को पेट्रोल में करीब 27 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E27) और शुद्ध इथेनॉल ईंधन (E100) जैसे विकल्प मिलते हैं। वहां इथेनॉल की कीमत अक्सर पेट्रोल मिश्रित ईंधन से कम रही है, जिससे लोगों ने इसे अपनाया। वहीं भारत में पेट्रोल पंपों पर फिलहाल E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल वाला ईंधन ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
⛽ ब्राजील और भारत के इथेनॉल मॉडल की तुलना
- ब्राजील: 1975 से इथेनॉल कार्यक्रम शुरू
- मुख्य फसल: गन्ना आधारित इथेनॉल उत्पादन
- ईंधन विकल्प: E27 और E100 उपलब्ध
- भारत: फिलहाल E20 पेट्रोल उपलब्ध
- लक्ष्य: तेल आयात कम करना और स्वच्छ ईंधन बढ़ाना
भारत सरकार का कहना है कि E20 ईंधन से पर्यावरण को फायदा होगा, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों को भी लाभ मिलेगा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा है कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन से वाहनों को कोई बड़ी तकनीकी समस्या नहीं हुई है।
हालांकि, भारत में E20 को लेकर वाहन मालिकों के बीच चिंता भी सामने आई है। कई लोगों ने माइलेज कम होने और इंजन के कुछ हिस्सों पर असर पड़ने की शिकायतें की हैं। आलोचकों का कहना है कि भारत और ब्राजील की परिस्थितियां अलग हैं, क्योंकि दोनों देशों की कृषि व्यवस्था, ईंधन जरूरतें और वाहन बाजार में अंतर है।
E20 पेट्रोल को लेकर भारत में क्यों उठ रहे सवाल
ब्राजील की सफलता के पीछे वहां की गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था और लंबे समय से तैयार इथेनॉल इंफ्रास्ट्रक्चर को अहम माना जाता है। भारत सरकार का कहना है कि आगे E25 या इससे अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को लागू करने का फैसला वैज्ञानिक परीक्षण और वाहन कंपनियों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
🌱 भारत में E20 पेट्रोल के संभावित फायदे
- पर्यावरण: प्रदूषण कम करने में मदद
- ऊर्जा सुरक्षा: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी
- किसानों को लाभ: गन्ना और अन्य फसलों से आय के अवसर
- भविष्य: E25 और अधिक मिश्रण की संभावना
- जरूरी कदम: वैज्ञानिक परीक्षण और वाहन कंपनियों से चर्चा
Disclaimer: यह जानकारी ईंधन नीति और सार्वजनिक चर्चाओं पर आधारित सामान्य जानकारी है।

