प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है।
सलीम इस्माइल डोला, जो एक अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों का तस्कर है और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी दोस्त है, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक बड़ी छापेमारी का निशाना बना है।
ED की बड़ी कार्रवाई और छापेमारी
मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट उन बीस जगहों में शामिल थे, जहाँ ED के मुंबई ज़ोनल ऑफ़िस की एक टीम ने एक साथ छापेमारी की। यह ऑपरेशन मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है।
सलीम इस्माइल डोला और उसके दोस्तों ने मिलकर नशीले पदार्थों की तस्करी की एक अंतरराष्ट्रीय साज़िश रची थी, जो ED के इस ऑपरेशन का मुख्य विषय है।
🚨 ED ड्रग तस्करी जांच
- मुख्य आरोपी: सलीम इस्माइल डोला
- जांच एजेंसी: प्रवर्तन निदेशालय (ED)
- कार्रवाई स्थल: मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर, राजकोट सहित 20 स्थान
- मामला: मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी
- कानून: PMLA, 2002
- फोकस: हवाला नेटवर्क और बेनामी संपत्तियां
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसी का दावा है कि यह नेटवर्क सैकड़ों करोड़ रुपये के नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा था और कई देशों तक फैला हुआ था। सलीम डोला को हाल ही में तुर्की से प्रत्यर्पित करके भारत सरकार द्वारा भारत वापस लाया गया था।
दाऊद इब्राहिम, जो आतंकवाद को वित्तपोषित करने वाला और फरार अपराधी है, के बारे में कहा जाता है कि उसके सलीम डोला के साथ गहरे संबंध हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, उसने कथित तौर पर लंबे समय तक नशीले पदार्थों की तस्करी का एक वैश्विक नेटवर्क चलाया।
उसके नेटवर्क ने अवैध नशीले पदार्थों की बड़े पैमाने पर तस्करी में मदद की, जिससे भारी मात्रा में आपराधिक लाभ कमाया गया। इस पूरे नेटवर्क के ज़रूरी हिस्से रहे लोग और संगठन ही ED की छापेमारी का निशाना हैं।
मेफेड्रोन और हवाला नेटवर्क
इनमें सिंथेटिक ड्रग मेफेड्रोन (MD) के उत्पादक और वितरक, केमिकल व्यापार के बिचौलिए, और दवाइयों के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर केमिकल्स (कच्चे माल) के सप्लायर शामिल हैं। जांच का दायरा बढ़ाकर इसमें “हवाला” ऑपरेटरों और “बेनामी” (किसी और के नाम पर रखी गई) संपत्ति के मालिकों को भी शामिल किया गया है।
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की गई है। सलीम डोला और अन्य आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मुंबई में कई FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज की गई थीं।
💰 हवाला और बेनामी संपत्ति कनेक्शन
- मुख्य आरोप: अवैध धन को छिपाना
- माध्यम: हवाला लेनदेन
- संपत्ति: बेनामी नामों पर खरीदारी
- जांच में शामिल: CA, अकाउंटेंट और वित्तीय सलाहकार
- सबूत: बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा
- उद्देश्य: अपराध से अर्जित धन का पता लगाना
PMLA के तहत जांच
इन मामलों में साइकोट्रॉपिक और नशीली दवाओं की अवैध तस्करी के आरोप शामिल हैं। जांच के दौरान ED को ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे एक बेहद सुनियोजित वैश्विक आपराधिक नेटवर्क के होने का पता चलता है।
जांच एजेंसी का दावा है कि इस गिरोह ने प्रीकर्सर केमिकल्स हासिल करने, गुपचुप तरीके से मेफेड्रोन (MD) बनाने, राज्यों के बीच नशीले पदार्थों की ढुलाई करने और उन्हें विदेशों में तस्करी करने जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया। इन गतिविधियों के परिणामस्वरूप भारी मात्रा में अवैध पैसा कमाया गया।
बेनामी संपत्तियों की पड़ताल
जांच से यह भी पता चला है कि अपनी कमाई के असली स्रोत को छिपाने के लिए, अपराध से कमाए गए मुनाफे को “हवाला” के ज़रिए एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता था। इस नकदी का इस्तेमाल करके कई लोगों और पार्टनरों के नाम पर चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
इसके अलावा, ऐसे संकेत भी मिले हैं कि कई कामों में *बेनामी* (छद्म) नामों का इस्तेमाल किया गया। इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय कामकाज की ED की टीम अभी बारीकी से जांच कर रही है। जांच के दायरे में केमिकल बनाने वाली फैक्ट्रियां और वे लोग, जो पैसों के लेन-देन में मदद करते हैं, दोनों शामिल हैं।
अकाउंटेंट, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और दूसरे वित्तीय सलाहकारों के कामों की भी जांच की जा रही है। यह संस्था इस बात की भी जांच कर रही है कि हवाला के ज़रिए भेजे गए पैसों का इस्तेमाल भारत और दूसरी जगहों पर संपत्तियां खरीदने के लिए कैसे किया गया।
डिजिटल सबूत और आगे की जांच
तलाशी के दौरान दस्तावेज़, बैंक की जानकारी और दूसरे डिजिटल सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस जांच से मनी लॉन्ड्रिंग और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफ़ाश हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध रिपोर्टों और जांच एजेंसियों द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। जांच जारी है।
