देश की जानी-मानी उपभोक्ता सामान कंपनी इमामी ने सितंबर 2026 में समाप्त दूसरी तिमाही में अपने कारोबार को लेकर अहम संकेत दिए हैं। कंपनी के पारंपरिक उत्पादों के साथ उन ब्रांडों की बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है, जिनमें उसने निवेश किया है या जिन्हें खरीदा है। 5 नवंबर 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, कंपनी के रणनीतिक निवेश वाले ब्रांडों की बिक्री तुलनात्मक आधार पर 73 प्रतिशत बढ़कर 239 करोड़ रुपये पहुंच गई। यह कंपनी के घरेलू कारोबार का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा है। कंपनी के प्रबंधन ने आने वाले महीनों में कुछ और डिजिटल माध्यम से कारोबार करने वाले ब्रांड खरीदने की संभावना भी जताई है।
इमामी की दूसरी तिमाही में क्या बदला?
कंपनी के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उपभोक्ताओं की खरीदारी की आदत तेजी से बदल रही है। पहले लोग साबुन, तेल, त्वचा की देखभाल और व्यक्तिगत उपयोग के सामान के लिए मुख्य रूप से दुकानों पर निर्भर रहते थे। अब ग्राहक मोबाइल के जरिए नए ब्रांड खोजते हैं, उत्पादों की जानकारी पढ़ते हैं और घर बैठे सामान मंगाते हैं। इस बदलाव ने छोटे और नए ब्रांडों को भी बड़े बाजार तक पहुंचने का अवसर दिया है। इमामी इसी अवसर का लाभ उठाने के लिए अपने पुराने ब्रांडों के साथ नए कारोबारों को जोड़ रही है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि रणनीतिक निवेश वाले ब्रांडों से मिलने वाली आय में मजबूत बढ़त रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कंपनी अगले 12 महीनों में नए निवेश या अधिग्रहण के अवसर तलाश सकती है। हालांकि कंपनी केवल बिक्री बढ़ाने के लिए किसी भी कीमत पर कारोबार खरीदना नहीं चाहती। प्रबंधन ने साफ किया है कि नए सौदे में ब्रांड की उपयोगिता, भविष्य की संभावना और खरीद मूल्य का संतुलन देखा जाएगा।
5 नवंबर को जारी कंपनी के तिमाही नतीजों के अनुसार, समेकित आय 36 प्रतिशत बढ़कर 1,088 करोड़ रुपये रही। ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले का लाभ लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर 222 करोड़ रुपये हुआ। कंपनी ने 5 रुपये प्रति शेयर का पहला अंतरिम लाभांश भी मंजूर किया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि वृद्धि केवल नए ब्रांडों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्य कारोबार ने भी योगदान दिया है।
📊 इमामी के तिमाही नतीजे
- तिमाही: जुलाई से सितंबर 2026
- कुल आय: 1,088 करोड़ रुपये
- रणनीतिक ब्रांडों की बिक्री: 239 करोड़ रुपये
- रणनीतिक ब्रांडों की वृद्धि: 73 प्रतिशत
- घरेलू कारोबार में हिस्सा: लगभग 26 प्रतिशत
- पहला अंतरिम लाभांश: 5 रुपये प्रति शेयर
नए ब्रांड खरीदने की रणनीति क्यों?
नए ब्रांड खरीदने से किसी कंपनी को तैयार ग्राहक समूह, उत्पाद और बिक्री का रास्ता मिल सकता है। शुरुआत से नया ब्रांड खड़ा करने में कई साल लग सकते हैं। इसके लिए विज्ञापन, वितरण, उत्पाद परीक्षण और ग्राहक भरोसा बनाने पर खर्च करना पड़ता है। यदि कोई छोटा ब्रांड पहले से ग्राहकों के बीच लोकप्रिय है, तो उसे खरीदकर बड़ी कंपनी अपने वितरण नेटवर्क और अनुभव की मदद से आगे बढ़ा सकती है। इमामी की रणनीति भी इसी दिशा में दिखाई देती है।
कंपनी के निवेश वाले पोर्टफोलियो में पुरुषों की देखभाल, सौंदर्य, त्वचा की देखभाल और आयुर्वेद से जुड़े ब्रांड शामिल हैं। द मैन कंपनी पुरुषों की व्यक्तिगत देखभाल से जुड़ा ब्रांड है। ब्रिलारे सौंदर्य और त्वचा उत्पादों के क्षेत्र में काम करता है। इसके अलावा कंपनी ने आयुर्वेदिक पेय और त्वचा देखभाल के कारोबारों में भी निवेश किया है। अलग-अलग जरूरतों वाले ग्राहक समूह तक पहुंचने से कंपनी को अपनी आय के स्रोत बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
लेकिन अधिग्रहण का लाभ अपने आप नहीं मिलता। किसी ब्रांड को खरीदने के बाद उसके ग्राहक बनाए रखना, उत्पाद की गुणवत्ता कायम रखना और पुराने प्रबंधन की अच्छी कार्यशैली को समझना जरूरी होता है। यदि कंपनी बहुत अधिक कीमत देकर ब्रांड खरीदती है, तो भविष्य में उससे पर्याप्त लाभ कमाना कठिन हो सकता है। इसलिए इमामी द्वारा कीमत को लेकर सावधानी बरतने की बात निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।
ऑनलाइन खरीदारी से प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी
डिजिटल माध्यम से उत्पाद बेचने में दुकान का किराया और पारंपरिक वितरण खर्च कुछ मामलों में कम हो सकता है, लेकिन विज्ञापन और ग्राहक तक पहुंचने की लागत बढ़ सकती है। इंटरनेट पर एक ही तरह के कई उत्पाद उपलब्ध होते हैं। ग्राहक कीमत, समीक्षा, सामग्री और डिलीवरी की तुलना आसानी से कर सकता है। ऐसे में केवल विज्ञापन से लंबे समय तक बिक्री बनाए रखना संभव नहीं है। उत्पाद की गुणवत्ता और ग्राहक का भरोसा सबसे अहम बने रहते हैं।
इमामी के लिए एक चुनौती यह भी है कि उसके पारंपरिक ब्रांड और नए खरीदे गए ब्रांड अलग-अलग तरह के ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। कंपनी को हर ब्रांड की अलग पहचान बनाए रखनी होगी। यदि सभी उत्पादों को एक ही तरीके से बेचने की कोशिश की गई, तो किसी ब्रांड की खासियत कमजोर हो सकती है। इसके उलट, अलग पहचान के साथ साझा वितरण और आपूर्ति व्यवस्था का उपयोग खर्च घटाने में मदद कर सकता है।
ग्राहकों और निवेशकों पर क्या असर होगा?
ग्राहकों के लिए नए ब्रांडों का जुड़ना विकल्प बढ़ा सकता है। बड़े वितरण नेटवर्क के कारण कुछ उत्पाद अधिक शहरों और दुकानों तक पहुंच सकते हैं। ऑनलाइन उपलब्धता भी बेहतर हो सकती है। हालांकि अधिग्रहण का मतलब यह नहीं है कि उत्पाद तुरंत सस्ते हो जाएंगे। कीमत कच्चे माल, पैकेजिंग, परिवहन, विज्ञापन और कंपनी की नीति पर निर्भर करेगी। ग्राहक को खरीदारी से पहले सामग्री, मात्रा और उपयोग संबंधी जानकारी देखनी चाहिए।
निवेशकों के लिए बिक्री में तेज वृद्धि सकारात्मक संकेत है, लेकिन केवल एक तिमाही के आंकड़ों के आधार पर कंपनी का भविष्य तय करना ठीक नहीं होगा। उन्हें मुख्य कारोबार की वृद्धि, नए ब्रांडों से मिलने वाला लाभ, विज्ञापन खर्च, कर्ज और नकदी की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए। यदि नए ब्रांडों की बिक्री बढ़ती है लेकिन उन्हें चलाने का खर्च उससे भी तेजी से बढ़ता है, तो कुल लाभ पर दबाव पड़ सकता है।
कंपनी के सामने अगला काम यह साबित करना होगा कि नए ब्रांड लंबे समय तक लाभ दे सकते हैं। प्रबंधन ने रणनीतिक ब्रांडों से चालू वित्त वर्ष के अंत तक 800 करोड़ रुपये से अधिक की कुल आय का लक्ष्य बताया है। यह लक्ष्य कितना पूरा होता है, इसे आने वाली तिमाहियों में देखना होगा। आधिकारिक विवरण और प्रबंधन के बयान के लिए यह रिपोर्ट पढ़ें।
🛍️ ग्राहकों के लिए जरूरी बातें
- उत्पाद चुनें: जरूरत और त्वचा के प्रकार के अनुसार
- लेबल देखें: सामग्री, मात्रा और उपयोग की जानकारी पढ़ें
- तुलना करें: कीमत के साथ गुणवत्ता भी जांचें
- ऑनलाइन खरीद: भरोसेमंद विक्रेता और वापसी नियम देखें
- ध्यान रखें: कंपनी का अधिग्रहण अपने आप कीमत कम नहीं करता
व्यक्तिगत देखभाल के उत्पादों में रुचि रखने वाले पाठक यहां संबंधित उत्पाद देख सकते हैं।
निष्कर्ष
इमामी पारंपरिक उत्पादों के साथ नए डिजिटल ब्रांडों को जोड़कर कारोबार बढ़ाना चाहती है। बिक्री में तेज वृद्धि उत्साहजनक है, लेकिन अधिग्रहण की कीमत और लाभ पर नजर रखना जरूरी होगा। आने वाली तिमाहियां कंपनी की रणनीति की वास्तविक सफलता बताएंगी।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज पढ़ें और योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।