European Gas Prices: चार साल के उच्च स्तर से फिसली यूरोप में गैस की कीमतें

यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी के बाद मंगलवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। कीमतें लगभग चार साल के उच्च स्तर पर पहुंचकर पहली बार €90 प्रति मेगावाट-घंटा के पार गई थीं, लेकिन बाद में निवेशकों और कारोबारियों की मुनाफावसूली के कारण बाजार नीचे आ गया। इस उतार-चढ़ाव के बावजूद यूरोप में सर्दियों से पहले गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है।

European Gas Prices में 5.3% तक गिरावट

यूरोप के प्रमुख बेंचमार्क डच गैस फ्यूचर्स कारोबार के दौरान 5.3% तक टूट गए। इससे पहले कीमतें 2022 के अंत के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची थीं। एम्स्टर्डम में शाम 5:06 बजे तक डच फ्रंट-मंथ फ्यूचर्स 4.2% गिरकर €84.32 प्रति मेगावाट-घंटा पर कारोबार कर रहे थे। दिन में कीमतें €90.24 तक पहुंच गई थीं।

ऊर्जा बाजार में गिरावट के पीछे हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली एक कारण रही। तेल की कीमतों में भी कमी आई। यह गिरावट उस अपुष्ट रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें कहा गया कि कतर और पाकिस्तान ने ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत दोबारा शुरू कराने का नया प्रस्ताव दिया है।

सर्दियों से पहले यूरोप के गैस भंडार पर दबाव

कीमतों में गिरावट के बावजूद यूरोप की ऊर्जा स्थिति आसान नहीं है। क्षेत्र के गैस भंडार इस मौसम के लिए लगभग 75% भरे हुए हैं। 2009 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद यह इस समय का सबसे कम स्तर बताया गया है। जर्मनी में स्थिति और कमजोर है, जहां गैस भंडारण क्षमता 61% से कुछ अधिक भरी हुई है।

मौजूदा कीमतें पिछली ऊर्जा संकट अवधि के सबसे ऊंचे स्तरों से नीचे हैं, लेकिन हालिया तेजी से घरों, कारोबारों और उद्योगों पर लागत का दबाव बढ़ सकता है। सरकारों ने फिलहाल महंगे मूल्य नियंत्रण और टैक्स कटौती जैसे राहत उपाय दोबारा लागू करने से परहेज किया है। ऊंची उधारी लागत और सीमित सरकारी बजट भी ऐसे फैसलों को मुश्किल बनाते हैं।

मध्य पूर्व से LNG आपूर्ति बाधित

यूरोप को सर्दियों में पर्याप्त ईंधन जुटाने के लिए वैश्विक बाजार में ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। एशिया में तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी LNG की मांग बढ़ने से खरीदारों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो सकती है। एशियाई LNG कीमतें भी 2022 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं।

मध्य पूर्व से गैस की आपूर्ति युद्ध के कारण बाधित है। पिछले साल वैश्विक LNG आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा फारस की खाड़ी से आता था। हाल के दिनों में तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों पर हमलों ने चिंता और बढ़ा दी है। ईरान ने भी महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण जताने की बात कही है।

मौसम से मिली थोड़ी राहत, लेकिन जोखिम बरकरार

इस महीने अपेक्षाकृत गर्म मौसम ने यूरोपीय ऊर्जा कंपनियों को सामान्य से तेज गति से गैस भंडार भरने का मौका दिया है। हालांकि, आपूर्ति बहाल होने की समयसीमा स्पष्ट नहीं है और भू-राजनीतिक हालात अनिश्चित बने हुए हैं। कतर ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संकट सुलझाने के प्रयास जारी हैं और उनमें रुकावट नहीं आई है।

ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि €90 का स्तर छूने के बाद आई गिरावट एक अस्थायी सुधार हो सकती है। यदि मध्य पूर्व से आपूर्ति बाधित रहती है और सर्दियों में एशिया की मांग तेज होती है, तो यूरोप में गैस की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।

आम उपभोक्ताओं और उद्योग पर क्या असर होगा?

यदि गैस की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो बिजली उत्पादन, हीटिंग और गैस पर निर्भर उद्योगों की लागत बढ़ सकती है। इसका असर उपभोक्ताओं के बिलों और कंपनियों के उत्पादन खर्च पर पड़ सकता है। फिलहाल कीमतों में गिरावट से कुछ राहत मिली है, लेकिन यूरोप की कम भंडारण स्थिति और आपूर्ति संबंधी जोखिमों के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रहने की आशंका है।

डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध बाजार जानकारी पर आधारित है। ऊर्जा कीमतें तेजी से बदल सकती हैं और यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

Gourav Kumar Singh

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