दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाने के बाद कथित मारपीट का मामला सामने आने पर कश्मीर के फहीम नजीर शाह एक बार फिर चर्चा में हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं और डर के कारण वह श्रीनगर में अपने रिश्तेदारों के घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है।
Faheem Nazir Shah कौन हैं?
फहीम नजीर शाह श्रीनगर के रहने वाले हैं और पेशे से इलेक्ट्रीशियन बताए जाते हैं। करीब पांच साल पहले, अगस्त 2021 में, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा लेकर श्रीनगर से दिल्ली तक लगभग 800 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकले थे। हालांकि, उन्हें रास्ते में उधमपुर में हिरासत में ले लिया गया था।
फहीम के मुताबिक, उस घटना के बाद उनके निजी जीवन में भी बदलाव आया। उन्होंने कहा कि पुलिस के उन्हें श्रीनगर वापस लाने और उनकी मां को हिरासत से ले जाने के लिए बुलाने के बाद उनकी मां ने उनसे संबंध तोड़ लिए। उनका कहना है कि तब से परिवार के साथ उनका संपर्क नहीं है और वह एक रिश्तेदार के साथ रह रहे हैं।
📌 फहीम शाह के बारे में मुख्य बातें
- नाम: फहीम नजीर शाह
- निवास: श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर
- पेशा: इलेक्ट्रीशियन
- पहली बार चर्चा: अगस्त 2021 में दिल्ली तक पदयात्रा
- मुख्य वजह: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा
- हालिया मामला: कनॉट प्लेस में कथित मारपीट और धमकियां
कनॉट प्लेस में कथित तौर पर क्या हुआ?
रिपोर्ट के अनुसार, 8 अक्टूबर को फहीम कनॉट प्लेस में एक बैनर लेकर मौजूद थे। बैनर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माफी मांगने की मांग लिखी थी। इसी दौरान उनके साथ कथित मारपीट हुई। इस मामले में अगले दिन एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई। आरोपों की जांच और पुलिस की कार्रवाई के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है।
फहीम ने बताया कि जब उन्होंने राहुल गांधी को सड़क के दूसरी ओर जाते देखा, तो वह उनसे सवाल पूछने के लिए आगे बढ़े। वह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों यानी EVM और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बारे में राहुल गांधी के बयानों पर जवाब चाहते थे। फहीम ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के सबूत देने की चुनौती भी दी थी।
⚠️ घटना के बाद फहीम की सुरक्षा को लेकर चिंता
- दावा: फहीम ने कथित मारपीट की बात कही है।
- कानूनी स्थिति: रिपोर्ट के मुताबिक, एफआईआर दर्ज की गई।
- धमकियां: फहीम ने सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिलने का दावा किया।
- वर्तमान स्थिति: उन्होंने कहा कि डर के कारण वह रिश्तेदार के घर से बाहर नहीं निकल रहे।
- अगला कदम: उन्होंने सुरक्षा के लिए पुलिस महानिदेशक से संपर्क करने की बात कही।
मोदी के समर्थन में पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं
फहीम पहले भी सार्वजनिक रूप से मोदी के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं। वर्ष 2022 में वह दिल्ली में एक बैनर के साथ दिखाई दिए थे, जिसमें पंजाब की तत्कालीन कांग्रेस सरकार की आलोचना की गई थी। यह मामला फिरोजपुर में प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान हुई सुरक्षा चूक से जुड़ा था। उस समय किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर कुछ समय के लिए रुक गया था।
फहीम का कहना है कि वह प्रधानमंत्री से किसी व्यक्तिगत लाभ की उम्मीद नहीं रखते। वह कश्मीर में शांति बहाल करने और हिंसा कम होने के लिए अपनी प्रशंसा व्यक्त करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले वर्षों में युवाओं का ध्यान पढ़ाई और कंप्यूटर की ओर बढ़ा है। ये फहीम के निजी विचार और दावे हैं।
बीजेपी नेताओं से मुलाकात, लेकिन पार्टी से संबंध से इनकार
फहीम के मुताबिक, कथित हमले के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और जम्मू-कश्मीर बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष रविंदर रैना से भी मिले। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने उन्हें समर्थन देने का भरोसा दिया। रैना ने बताया कि फहीम उनसे पहली बार मिले थे और बातचीत के दौरान भावुक हो गए थे।
फहीम ने बीजेपी से किसी भी तरह का औपचारिक संबंध होने से इनकार किया। कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता साजिद यूसुफ शाह ने भी कहा कि उन्हें फहीम के बारे में मीडिया रिपोर्टों के जरिए ही जानकारी मिली। रैना ने कथित हमले की आलोचना की और कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। राजनीतिक दलों के बयानों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
कश्मीर में शांति को लेकर फहीम का क्या कहना है?
फहीम का दावा है कि कश्मीर में पहले की तुलना में रक्तपात और पत्थरबाजी की घटनाएं कम हुई हैं। उन्होंने कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पर भी आरोप लगाए। ये राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें संबंधित दलों के पक्ष और स्वतंत्र तथ्यों के साथ देखा जाना चाहिए। जम्मू-कश्मीर से जुड़ी नीतियों और चुनावी प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी के लिए भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
फहीम ने कहा कि श्रीनगर लौटने के बाद से वह डर के कारण रिश्तेदारों के घर से बाहर नहीं निकले हैं। उन्होंने सुरक्षा के लिए पुलिस महानिदेशक से संपर्क करने की इच्छा जताई। मामले में कथित मारपीट, ऑनलाइन धमकियों और पुलिस जांच की आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. फहीम नजीर शाह कौन हैं?
फहीम नजीर शाह श्रीनगर के निवासी और इलेक्ट्रीशियन बताए जाते हैं। वह 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए श्रीनगर से दिल्ली तक पदयात्रा शुरू करने के बाद चर्चा में आए थे। हाल में कनॉट प्लेस की कथित घटना के कारण उनका नाम फिर सुर्खियों में आया।
2. फहीम शाह 2021 में क्यों चर्चा में आए थे?
अगस्त 2021 में फहीम ने प्रधानमंत्री मोदी से मिलने की इच्छा से करीब 800 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू की थी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें उधमपुर में हिरासत में लिया गया और बाद में श्रीनगर वापस भेज दिया गया। वह अपनी यात्रा के जरिए प्रधानमंत्री से मिलना चाहते थे।
3. कनॉट प्लेस में फहीम के साथ क्या हुआ?
रिपोर्ट के मुताबिक, 8 अक्टूबर को मोदी के समर्थन वाला बैनर लेकर मौजूद फहीम ने कथित मारपीट की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वह राहुल गांधी से EVM और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल करना चाहते थे। इस मामले में अगले दिन एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी गई।
4. क्या फहीम बीजेपी के सदस्य हैं?
फहीम ने बीजेपी से किसी औपचारिक संबंध से इनकार किया है। कश्मीर बीजेपी के प्रवक्ता ने भी कहा कि उन्हें फहीम के बारे में मीडिया रिपोर्टों से पता चला। फहीम का कहना है कि वह प्रधानमंत्री का समर्थन अपनी व्यक्तिगत सोच के आधार पर करते हैं, न कि किसी पार्टी पद के कारण।
5. घटना के बाद फहीम ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
फहीम का दावा है कि उन्हें सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि श्रीनगर लौटने के बाद डर के कारण वह रिश्तेदारों के घर से बाहर नहीं निकले। उन्होंने सुरक्षा के लिए पुलिस महानिदेशक से संपर्क करने की बात कही है।
निष्कर्ष
फहीम नजीर शाह 2021 की पदयात्रा और हाल की कनॉट प्लेस घटना के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने कथित मारपीट और धमकियों का दावा किया है। मामले की सच्चाई, जिम्मेदारी और सुरक्षा से जुड़े सवालों पर पुलिस जांच और विश्वसनीय आधिकारिक जानकारी का इंतजार जरूरी है।
अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और संबंधित लोगों के बयानों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के अंतिम नतीजे अलग हो सकते हैं।
