Form 141 TDS Filing: नए Income Tax Act में क्या बदला?

नए आयकर कानून के तहत 1 अप्रैल 2026 से कुछ खास लेनदेन पर TDS जमा करने और उसकी जानकारी देने की प्रक्रिया में बदलाव हुआ है। Form 141 के जरिए संपत्ति खरीदने, किराया देने, ठेकेदारों या पेशेवरों को भुगतान करने और कुछ डिजिटल एसेट ट्रांसफर से जुड़े चार पुराने फॉर्म को एक जगह लाया गया है। इससे फॉर्म चुनने की प्रक्रिया आसान हो सकती है, लेकिन करदाता को अपने लेनदेन के हिसाब से सही शेड्यूल भरना होगा।

Form 141 क्या है और किसे जानना चाहिए?

Form 141, Income-tax Act, 2025 के तहत लागू एक संयुक्त TDS फॉर्म है। यह उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए उपयोगी है जिन्हें संपत्ति खरीदने, किराए या कुछ अन्य भुगतान पर स्रोत पर कर कटौती करनी होती है। नया फॉर्म हर तरह के भुगतान पर अपने आप लागू नहीं होता। लेनदेन की तारीख और उस पर लागू नियमों को ध्यान से देखना जरूरी है।

आयकर विभाग के बताए बदलाव के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद भुगतान या रकम खाते में दर्ज होने वाले संबंधित लेनदेन के लिए नया फॉर्म लागू होता है। 31 मार्च 2026 तक के लेनदेन के लिए पुराने कानून के तहत संबंधित पुराने फॉर्म इस्तेमाल किए जाते हैं। आधिकारिक जानकारी के लिए Income Tax Department की ई-फाइलिंग वेबसाइट देखें।

Form 141 में शामिल पुराने TDS फॉर्म

  • Form 26QB: अचल संपत्ति की खरीद पर लागू TDS
  • Form 26QC: व्यक्तियों या HUF द्वारा दिए जाने वाले किराए पर TDS
  • Form 26QD: ठेकेदारों और पेशेवरों को कुछ भुगतानों पर TDS
  • Form 26QE: नियम लागू होने पर वर्चुअल डिजिटल एसेट के ट्रांसफर पर TDS
  • नया तरीका: संबंधित लेनदेन के लिए Form 141 का सही शेड्यूल चुनना होगा

संपत्ति खरीदने वालों के लिए क्या बदला?

संपत्ति खरीदने से जुड़े पात्र लेनदेन के लिए Form 141 का Schedule B पुराने Form 26QB की जगह लेता है। खरीदार को संपत्ति का प्रकार और पता, समझौते की तारीख, भुगतान का विवरण, विक्रेता की जानकारी और काटे गए कर से जुड़ी जानकारी देनी होती है। फॉर्म बदलने का अर्थ यह नहीं है कि TDS की मूल जिम्मेदारी भी खत्म हो गई है।

खरीदार को पहले यह देखना चाहिए कि उसके सौदे पर TDS लागू होता है या नहीं और फिर तय नियमों के अनुसार कर कटौती तथा भुगतान करना चाहिए। गैर-निवासी विक्रेता से संपत्ति खरीदने वालों के लिए भी अलग व्यवस्था बताई गई है। 1 अक्टूबर 2026 से पात्र निवासी व्यक्ति और HUF, Form 141 के Schedule E के जरिए ऐसे मामलों की रिपोर्ट कर सकते हैं। लागू शर्तों की पुष्टि करना जरूरी है।

फॉर्म भरने से पहले ये बातें जाँचें

  • लेनदेन की तारीख: 1 अप्रैल 2026 से पहले या उसके बाद
  • सही शेड्यूल: भुगतान की प्रकृति के अनुसार शेड्यूल चुनें
  • PAN विवरण: अपना और भुगतान पाने वाले का विवरण जाँचें
  • कर भुगतान: राशि और भुगतान की जानकारी दोबारा देखें
  • रिकॉर्ड: चालान और फाइलिंग की पुष्टि सुरक्षित रखें

किराया, ठेकेदार और पेशेवर भुगतान पर असर

किराए पर TDS की रिपोर्टिंग के लिए Schedule A, पुराने Form 26QC की जगह इस्तेमाल किया जाता है। निवासी ठेकेदारों और पेशेवरों को किए जाने वाले पात्र भुगतानों के लिए Schedule C, Form 26QD का स्थान लेता है। करदाता को अपने लेनदेन के अनुसार सही शेड्यूल चुनना होगा और जरूरी जानकारी भरनी होगी।

Schedules A से D में शामिल लेनदेन के लिए फॉर्म PAN आधारित प्रक्रिया पर केंद्रित है और सामान्यतः TAN की जरूरत नहीं होती। फिर भी, TDS काटने की सीमा, दर और समय संबंधित भुगतान पर लागू नियमों से तय होते हैं। केवल नया फॉर्म आने से इन जिम्मेदारियों में अपने आप बदलाव नहीं माना जाना चाहिए।

Form 141 ऑनलाइन कैसे भरें?

करदाता को आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपने PAN आधारित खाते से लॉगिन करना होगा। इसके बाद e-Pay Tax सेक्शन में Form 141 चुनकर संबंधित शेड्यूल खोलें। लेनदेन और भुगतान पाने वाले व्यक्ति की जानकारी भरें, फिर दर्ज किए गए विवरण की सावधानी से जाँच करें।

प्रक्रिया में कर भुगतान और चालान-सह-विवरण जमा करना शामिल हो सकता है। भुगतान की रसीद और फाइलिंग की पुष्टि अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखें। यदि मामला गैर-निवासी विक्रेता से संपत्ति खरीदने का है, तो 1 अक्टूबर 2026 से उपलब्ध Schedule E की पात्रता और शर्तें भी जाँचें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: Form 141 कब से लागू हुआ?

संबंधित लेनदेन के लिए Form 141, 1 अप्रैल 2026 से लागू नए आयकर कानून के अंतर्गत इस्तेमाल किया जाता है। भुगतान या रकम खाते में दर्ज होने की तारीख देखें। 31 मार्च 2026 तक के पात्र पुराने लेनदेन पर पुराने फॉर्म लागू रह सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या Form 141 पुराने चारों फॉर्म की जगह लेता है?

यह Form 26QB, 26QC, 26QD और 26QE से जुड़े निर्धारित लेनदेन को एक फॉर्म में समेटता है। हर करदाता को चारों शेड्यूल भरने की जरूरत नहीं है। अपने लेनदेन के लिए निर्धारित शेड्यूल ही चुनें और लागू नियमों की पुष्टि करें।

प्रश्न 3: क्या Form 141 भरने के लिए TAN जरूरी है?

Schedules A से D में आने वाले संबंधित लेनदेन के लिए प्रक्रिया PAN आधारित है, इसलिए सामान्यतः TAN की जरूरत नहीं होती। हालांकि, नियम और लेनदेन की स्थिति महत्वपूर्ण हैं। फाइल करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर लागू शर्तें जाँचें या कर विशेषज्ञ से सलाह लें।

प्रश्न 4: संपत्ति खरीदने वाले को कौन-सा शेड्यूल चुनना चाहिए?

नए कानून के तहत आने वाली पात्र संपत्ति खरीद के लिए सामान्यतः Schedule B का उपयोग किया जाता है। गैर-निवासी विक्रेता से संपत्ति खरीदने के कुछ पात्र मामलों में Schedule E लागू हो सकता है। सही विकल्प तय करने के लिए विक्रेता की कर स्थिति और लेनदेन की तारीख जाँचें।

प्रश्न 5: Form 141 जमा करने के बाद क्या सुरक्षित रखना चाहिए?

करदाता को चालान की रसीद, फाइलिंग की पुष्टि और लेनदेन से जुड़े जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। जमा करने से पहले PAN, भुगतान राशि, तारीख और संबंधित व्यक्ति के विवरण की जाँच करें। गलती दिखने पर उसे ठीक करने की प्रक्रिया के लिए आधिकारिक निर्देश देखें।

निष्कर्ष

Form 141 का उद्देश्य कुछ TDS लेनदेन की रिपोर्टिंग को एक प्रक्रिया में लाना है। फिर भी, सही शेड्यूल चुनना, लेनदेन की तारीख देखना और लागू कर नियमों का पालन करना जरूरी है। फॉर्म जमा करने से पहले आधिकारिक आयकर पोर्टल पर नवीनतम निर्देशों की पुष्टि करें।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। कर नियम बदल सकते हैं; व्यक्तिगत सलाह के लिए आयकर विभाग या योग्य कर विशेषज्ञ से पुष्टि करें।

Gourav Kumar Singh

About the Author

Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

Read More →

Leave a Comment