Global Gold Recycling: दुनिया में पुराने सोने की आपूर्ति घटी

सोने की कीमत ऊंची रहने के बावजूद दुनिया भर में पुराने सोने को बेचकर बाजार में वापस लाने की मात्रा घट गई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की 3 नवंबर 2026 को जारी वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार जुलाई से सितंबर की तीसरी तिमाही में सोने की रीसाइक्लिंग आपूर्ति 314 टन रही। यह पिछले साल की समान अवधि से 8 प्रतिशत कम है और 2023 की चौथी तिमाही के बाद सबसे निचला स्तर है। आम तौर पर कीमत बढ़ने पर कुछ लोग पुराने गहने बेचते हैं, लेकिन इस बार ऊंचे भाव के बावजूद बिक्री में वैसी तेजी नहीं दिखी। इससे वैश्विक बाजार में सोने की आपूर्ति और मांग के संतुलन पर ध्यान बढ़ा है।

पुराने सोने की आपूर्ति में गिरावट

रीसाइक्लिंग का अर्थ है पुराने गहनों, सिक्कों और अन्य सोने को पिघलाकर दोबारा उपयोग योग्य धातु में बदलना। इससे ज्वेलर्स और दूसरे खरीदारों को बाजार में नया सोना उपलब्ध हो सकता है। जब सोने की कीमत तेजी से बढ़ती है, तो पुराने गहने बेचने का आकर्षण बढ़ सकता है। लेकिन तीसरी तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि केवल कीमत बढ़ना ही बिक्री के लिए पर्याप्त कारण नहीं है। परिवारों की बचत की आदत, भावनात्मक जुड़ाव और भविष्य की उम्मीदें भी फैसला बदलती हैं।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने बताया कि तीसरी तिमाही में वैश्विक रीसाइक्लिंग 314 टन रही। सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। यह गिरावट ऐसे समय आई जब सोने का औसत भाव पिछले साल से काफी ऊंचा था। रिपोर्ट के अनुसार कुल वैश्विक सोने की आपूर्ति भी सालाना आधार पर 1 प्रतिशत घटकर 1,369 टन रही। यानी ऊंची कीमतों के बावजूद पुराने सोने की बिक्री ने बाजार को अतिरिक्त धातु उपलब्ध नहीं कराई।

कीमत बढ़ने पर भी लोग सोना क्यों रोकते हैं?

सोना कई परिवारों के लिए केवल निवेश नहीं, बल्कि सुरक्षा और विरासत का हिस्सा होता है। शादी में मिला हार, परिवार से मिला सिक्का या वर्षों से रखा कंगन बेचने का फैसला भावनात्मक रूप से कठिन हो सकता है। कुछ लोग सोने को भविष्य की जरूरतों के लिए बचाकर रखते हैं और नकदी की जरूरत न होने पर उसे बेचने से बचते हैं।

कुछ निवेशक यह भी सोचते हैं कि आगे कीमत और बढ़ सकती है। हालांकि सोने की कीमत का भविष्य निश्चित नहीं होता। डॉलर, ब्याज दरों, केंद्रीय बैंकों की खरीद, निवेशकों की मांग और वैश्विक घटनाओं से भाव बदल सकते हैं। इसलिए केवल भविष्य में ज्यादा भाव मिलने की उम्मीद में सोना रोकना भी जोखिम वाला फैसला हो सकता है।

पुराने गहने बेचते समय ग्राहक को बाजार में दिख रहे पूरे भाव का भुगतान नहीं मिलता। पहले गहने की शुद्धता और वास्तविक सोने का वजन जांचा जाता है। पत्थर, मोती, धागे और अन्य सामग्री का वजन अलग किया जा सकता है। इसके बाद गलाने या जांच की कटौती लग सकती है। इसी वजह से ग्राहक को मिलने वाली रकम बाजार के संकेतक भाव से कम हो सकती है।

वैश्विक सोने की आपूर्ति पर असर

दुनिया में सोने की आपूर्ति मुख्य रूप से खदानों से निकलने वाले नए सोने और पुराने सोने की रीसाइक्लिंग से आती है। तीसरी तिमाही में खदानों से उत्पादन 3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 1,071 टन पहुंचा। इसके बावजूद कुल आपूर्ति 1 प्रतिशत कम रही, क्योंकि रीसाइक्लिंग में गिरावट आई। यह दिखाता है कि खदानों का उत्पादन बढ़ने से हर बार कुल आपूर्ति भी बढ़े, ऐसा जरूरी नहीं है।

पुराने सोने की बिक्री कम रहने से बाजार में उपलब्ध धातु का एक स्रोत कमजोर पड़ता है। यदि मांग मजबूत बनी रहती है, तो कारोबारियों को खदानों के उत्पादन और आयात पर अधिक ध्यान देना पड़ सकता है। हालांकि कीमत पर असर कई दूसरे कारकों से भी तय होगा। वैश्विक मांग में गिरावट हो तो कम रीसाइक्लिंग का असर सीमित रह सकता है। इसलिए आपूर्ति के आंकड़े को मांग और निवेश के साथ समझना जरूरी है।

भारत के लिए इसका क्या महत्व है?

भारत में भी पुराने गहनों की बिक्री कमजोर रही। देश में तीसरी तिमाही के दौरान रीसाइक्लिंग से लगभग 19 टन सोना बाजार में आया, जो पिछले साल की समान अवधि से 12 प्रतिशत कम था। घरेलू कीमतें ऊंची रहने के बावजूद परिवारों ने अपने गहने बेचने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। इससे साफ है कि पुराने सोने को रोककर रखने का रुझान केवल एक देश तक सीमित नहीं है।

भारत में गहनों का सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है। कई परिवार पुराने आभूषणों को विरासत मानते हैं और उन्हें बेचने के बजाय अगली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखते हैं। कुछ लोग पुराने गहने बदलकर नया डिजाइन लेते हैं, लेकिन इससे जरूरी नहीं कि पूरा सोना बाजार में नकद बिक्री के रूप में आए। इसलिए रीसाइक्लिंग और गहनों के आदान-प्रदान के आंकड़ों को अलग-अलग समझना चाहिए।

खरीदार और विक्रेता क्या ध्यान रखें?

पुराने गहने बेचने से पहले कम से कम दो या तीन भरोसेमंद दुकानों से मूल्यांकन लेना बेहतर है। शुद्धता की जांच अपने सामने करवाएं और वास्तविक सोने का वजन लिखित में लें। यदि गहने में पत्थर लगे हैं, तो उनका वजन अलग दर्ज होना चाहिए। गलाने, जांच या अन्य कटौती की जानकारी पहले मांगें। भुगतान का तरीका और अंतिम रकम बिल या रसीद में दर्ज होनी चाहिए।

जो परिवार पुराने गहने बेचना नहीं चाहते, वे उन्हें सुरक्षित रखने की व्यवस्था करें। आभूषणों को नमी और रसायनों से दूर रखें। साफ करने के लिए तेज रगड़ या घरेलू रसायन का उपयोग न करें, क्योंकि इससे कुछ गहनों की सतह और जड़ाई खराब हो सकती है। हल्के कपड़े से सफाई के लिए यहां आभूषण साफ करने वाले मुलायम कपड़े देखें। हर गहने के लिए सफाई का तरीका अलग हो सकता है, इसलिए पहले निर्माता या जौहरी की सलाह लें।

वैश्विक रीसाइक्लिंग के आंकड़े

  • तीसरी तिमाही की आपूर्ति: 314 टन
  • सालाना गिरावट: 8 प्रतिशत
  • सबसे कम स्तर: 2023 की चौथी तिमाही के बाद
  • खदान उत्पादन: रिकॉर्ड 1,071 टन

पुराना सोना बेचने से पहले जांचें

  • शुद्धता और वास्तविक वजन की पुष्टि करें
  • पत्थरों का वजन अलग करवाएं
  • कटौती और जांच शुल्क पूछें
  • लिखित रसीद और भुगतान विवरण लें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. तीसरी तिमाही में दुनिया भर में कितना सोना रीसाइकिल हुआ?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान वैश्विक रीसाइक्लिंग आपूर्ति 314 टन रही। यह पिछले साल की समान अवधि से 8 प्रतिशत कम और 2023 की चौथी तिमाही के बाद सबसे कम स्तर था।

2. कीमत ऊंची होने पर भी पुराने सोने की बिक्री क्यों घटी?

कुछ परिवार और निवेशक भविष्य में बेहतर भाव मिलने की उम्मीद में सोना रोक सकते हैं। गहनों का भावनात्मक महत्व और बेचने के समय होने वाली कटौती भी बिक्री के फैसले को प्रभावित कर सकती है।

3. रीसाइक्लिंग बाजार के लिए क्यों जरूरी है?

पुराने गहने और सिक्के पिघलाकर दोबारा उपयोग किए जा सकते हैं। इससे बाजार में उपलब्ध सोने की आपूर्ति बढ़ती है और खदानों तथा नए आयात पर निर्भरता कुछ कम हो सकती है।

4. क्या कम रीसाइक्लिंग से सोने की कीमत बढ़ सकती है?

कम आपूर्ति कीमत पर दबाव डाल सकती है, लेकिन भाव केवल इसी कारण नहीं बदलते। मांग, आयात, डॉलर, ब्याज दरें, निवेशकों की खरीद और वैश्विक तनाव भी कीमत को प्रभावित करते हैं।

5. क्या पुराने गहने बेचने का यह सही समय है?

सही समय व्यक्ति की नकदी जरूरत, गहने के महत्व और मिलने वाले मूल्य पर निर्भर करता है। पहले शुद्धता और वजन जांचें, कई दुकानों से भाव लें और सभी कटौतियों का लिखित विवरण मांगें।

निष्कर्ष

दुनिया में सोने की रीसाइक्लिंग घटने से पुराने गहनों की आपूर्ति कमजोर हुई है। ऊंची कीमतों के बावजूद परिवार सोना रोककर रख रहे हैं। आगे बाजार का संतुलन खदान उत्पादन, मांग और निवेश पर निर्भर करेगा।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। सोना बेचने या खरीदने से पहले शुद्धता, कटौती और भुगतान की शर्तें जांचें।

स्रोत: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की वैश्विक रिपोर्ट

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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