Global Stock Market: तेल और US Yields घटने से बाजार में तेजी

वैश्विक शेयर बाजारों में मंगलवार को ज्यादातर तेजी रही। कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में नरमी आने से निवेशकों को राहत मिली। हालांकि, फ्रांस में जारी अशांति की चिंताओं के बीच वहां के शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। निवेशक बड़ी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर हो रहे भारी खर्च से मिलने वाले रिटर्न पर भी नजर बनाए हुए हैं।

अमेरिकी शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार

अमेरिका में Dow Jones Industrial Average 529.85 अंक यानी 1.02% बढ़कर 52,495.88 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.28% की बढ़त रही और यह 7,712.57 पर पहुंच गया। वहीं Nasdaq Composite 6.07 अंक यानी 0.02% गिरकर 26,424.82 पर बंद हुआ। इस तरह प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों में कारोबार का रुख मिला-जुला रहा।

औद्योगिक कंपनी 3M के शेयरों में 5.8% की तेजी आई। कंपनी ने Amazon के साथ अपनी डेटा सेंटर साझेदारी बढ़ाने और पूरे साल के मुनाफे का अनुमान बढ़ाने की घोषणा की। निवेशक SpaceX, Netflix और Meta जैसी कंपनियों के नतीजों पर भी ध्यान दे रहे हैं।

US Treasury Yields और तेल की कीमतों में नरमी

अमेरिका के 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट की यील्ड घटकर 5.121% पर आ गई। हाल के दिनों में महंगाई की चिंताओं के कारण बॉन्ड यील्ड बढ़ी थी। ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें खासकर टेक और AI कंपनियों के शेयरों के लिए अहम बनी हुई हैं, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें भविष्य की कमाई के मूल्यांकन पर दबाव डाल सकती हैं।

कच्चे तेल की कीमतें भी पांच महीने के उच्च स्तर को छूने के बाद नीचे आईं। Brent crude futures 0.69% गिरकर 108.79 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुए। तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को कुछ राहत मिली, हालांकि मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति बाधित होने का जोखिम बना हुआ है।

फ्रांस और यूरोपीय बाजारों में गिरावट

फ्रांस में हाल की अशांति और आने वाले प्रदर्शनों को लेकर निवेशक सतर्क रहे। फ्रांसीसी शेयर बाजार 0.38% गिरा, जबकि यूरोप का STOXX 600 सूचकांक 0.14% नीचे रहा। फ्रांस की सरकारी बॉन्ड यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई, जिससे देश के वित्तीय दबाव और बजट घाटे को लेकर चिंताएं सामने आईं।

यूरो में डॉलर के मुकाबले मामूली तेजी आई, जबकि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ। बाजार की दिशा अब कंपनियों के नतीजों, ब्याज दरों की उम्मीदों, तेल की चाल और राजनीतिक घटनाक्रम से प्रभावित हो सकती है।

निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?

वैश्विक बाजारों में हालिया तेजी को स्थायी मानने से पहले निवेशकों को कई जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए। AI कंपनियों के भारी निवेश से भविष्य में कितनी कमाई होगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। इसके साथ ही महंगाई, ब्याज दरों और तेल आपूर्ति से जुड़ी अनिश्चितता भी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है।

निष्कर्ष: तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला, लेकिन फ्रांस में चिंता और AI खर्च को लेकर सवाल बने हुए हैं। यह खबर सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

स्रोत: Reuters की रिपोर्ट, Moneycontrol पर प्रकाशित।

Gourav Kumar Singh

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