भारत में तेजी से बढ़ते पेट केयर और पैकेज्ड पेट फूड बाजार को देखते हुए गोदरेज पेट केयर अपने कारोबार का विस्तार कर रही है। जानिए कंपनी की नई रणनीति, बाजार का आकार और भविष्य की संभावनाएं।
भारत में तेजी से बढ़ते पेट केयर बाजार को देखते हुए गोदरेज पेट केयर अपने कारोबार का विस्तार करने की तैयारी में है। कंपनी अब अपने डॉग फूड ब्रांड ‘निंजा’ के साथ-साथ वेट फूड, पेट ट्रीट्स और कैट फूड जैसे नए उत्पाद भी बाजार में उतारने की योजना बना रही है। कंपनी इन नए उत्पादों को ‘निंजा’ ब्रांड के तहत लॉन्च करेगी या अलग ब्रांड बनाएगी, इस पर अभी विचार किया जा रहा है।
गोदरेज पेट केयर क्यों बढ़ा रही है अपना कारोबार?
भारत में पालतू जानवरों के लिए तैयार पैकेज्ड फूड की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से इस क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां उतर चुकी हैं। लंबे समय से इस बाजार में कुछ चुनिंदा कंपनियों का दबदबा रहा है, लेकिन अब नई कंपनियां भी तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण पालतू जानवर रखने वालों की बढ़ती संख्या और घर के बने भोजन की जगह संतुलित पैकेज्ड फूड की ओर बढ़ता रुझान है।
🐶 गोदरेज पेट केयर: प्रमुख योजनाएं
- मुख्य ब्रांड: निंजा
- नए उत्पाद: वेट फूड, पेट ट्रीट्स और कैट फूड
- रणनीति: नए उत्पादों के जरिए पोर्टफोलियो विस्तार
- लॉन्च: निंजा या नए ब्रांड के तहत फैसला बाकी
- फोकस: बढ़ती पैकेज्ड पेट फूड मांग
- लक्ष्य: भारत में पेट फूड की पहुंच बढ़ाना
बाजार से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, भारत का पेट फूड बाजार लगातार विस्तार कर रहा है। 2023 में इसका आकार लगभग 690.5 मिलियन डॉलर था, जो 2024 में बढ़कर 786.6 मिलियन डॉलर हो गया। 2025 में इसके करीब 884.4 मिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं देश में पालतू जानवरों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, जिससे इस उद्योग में आगे भी मजबूत विकास की संभावना दिखाई दे रही है।
भारत का पेट फूड बाजार कितनी तेजी से बढ़ रहा है?
गोदरेज ने अपने ‘निंजा’ ब्रांड की शुरुआत सबसे पहले तमिलनाडु में की थी। कंपनी का मानना है कि राज्य में पेट केयर से जुड़ा अच्छा नेटवर्क, पशु चिकित्सकों की उपलब्धता और विशेष पेट स्टोर्स होने के कारण यहां नए उत्पाद को परखना आसान था। शुरुआती सफलता के बाद अब कंपनी कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल में विस्तार की तैयारी कर रही है। इसके बाद महाराष्ट्र और पश्चिम भारत के अन्य राज्यों में भी कारोबार बढ़ाया जाएगा।
📊 पेट फूड बाजार: प्रमुख आंकड़े
- 2023 बाजार आकार: 690.5 मिलियन डॉलर
- 2024 बाजार आकार: 786.6 मिलियन डॉलर
- 2025 अनुमान: 884.4 मिलियन डॉलर
- शुरुआत: तमिलनाडु से
- शुरुआती कीमत: ₹199 प्रति किलोग्राम
- विस्तार: दक्षिण भारत के बाद पश्चिम भारत
कंपनी की विस्तार रणनीति और ग्राहकों का अनुभव
कंपनी ने स्वीकार किया कि शुरुआत में कई पालतू जानवरों के मालिक घर के बने भोजन से पैकेज्ड डॉग फूड पर आने में हिचकिचा रहे थे। हालांकि समय के साथ ग्राहकों का भरोसा बढ़ा और मांग में भी सुधार देखने को मिला। कुछ दुकानदारों ने छोटे कुत्तों के लिए उत्पाद की उपयुक्तता और भोजन बदलने के बाद पाचन संबंधी परेशानी की बात भी कही थी। कंपनी का कहना है कि ऐसे मामलों का मुख्य कारण अचानक भोजन बदलना होता है। पालतू जानवरों को नया भोजन धीरे-धीरे पुराने भोजन के साथ मिलाकर देना चाहिए, ताकि उनका शरीर आसानी से नए आहार के अनुसार ढल सके।
गोदरेज ने इस कारोबार के लिए अलग वितरण व्यवस्था तैयार की है। कंपनी का मानना है कि पेट फूड की बिक्री सामान्य किराना दुकानों की बजाय पेट शॉप, पशु चिकित्सालय और ब्रीडर नेटवर्क के जरिए अधिक होती है। इसलिए इस क्षेत्र के लिए विशेष डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की जरूरत होती है।
भारत में पेट फूड उद्योग का भविष्य
कंपनी अपने उत्पादों को आम ग्राहकों के लिए किफायती कीमत पर उपलब्ध कराने की रणनीति पर काम कर रही है। ‘निंजा’ डॉग फूड की शुरुआती कीमत लगभग ₹199 प्रति किलोग्राम रखी गई है। कंपनी का उद्देश्य सिर्फ दूसरे ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा करना नहीं, बल्कि भारत में पैकेज्ड पेट फूड का उपयोग बढ़ाना भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल भारत में पालतू जानवरों के भोजन का केवल एक छोटा हिस्सा ही पैकेज्ड फूड से आता है, जबकि ज्यादातर लोग अभी भी घर का बना खाना खिलाते हैं। ऐसे में आने वाले वर्षों में इस बाजार के 15% से अधिक सालाना दर से बढ़ने की संभावना है। इसी वजह से कंपनियां इस क्षेत्र में बड़े निवेश और नए उत्पादों के साथ अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी खरीदारी या व्यावसायिक निर्णय से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य जांचें।
