Gold Bar Scam: बुजुर्ग दंपति की $350,000 की बचत गई

अमेरिका के शिकागो में रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक डेविड और चेरिल बेकर एक फोन घोटाले में अपनी लगभग 3.5 लाख डॉलर की जीवनभर की बचत गंवा बैठे। ठगों ने सरकारी अधिकारी बनकर उन्हें डराया और कहा कि उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर का इस्तेमाल अपराधों में किया जा रहा है। दंपति को लगा कि वे जांच में मदद कर रहे हैं, लेकिन वे एक सुनियोजित धोखाधड़ी का शिकार हो गए।

Gold Bar Scam में कैसे फंसे बुजुर्ग दंपति?

अप्रैल के आखिर और मई की शुरुआत में चेरिल बेकर को एक ही नंबर से कई फोन आए। पहले फोन करने वाले ने खुद को टेक्सास के वॉलमार्ट का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके नाम पर 900 डॉलर का कैंपिंग सामान खरीदने की कोशिश हुई है। चेरिल ने इससे इनकार किया तो उन्हें कथित सोशल सिक्योरिटी प्रशासन के जांच अधिकारी से बात कराई गई।

उस व्यक्ति ने दावा किया कि कोई उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर से क्रेडिट कार्ड और बैंक खाते खोलकर अपराध कर रहा है। बाद में उसने कहा कि चेरिल खुद धोखाधड़ी की शिकार हो सकती हैं। अगले दिन उन्हें अदालत के दस्तावेज जैसे दिखने वाले कागज भेजे गए, जिनमें उनकी संपत्ति सुरक्षित रखने के लिए एक अधिकारी नियुक्त किए जाने की बात लिखी थी।

🚨 ठगी में पैसे कैसे गंवाए?

  • कुल नुकसान: लगभग 3.5 लाख डॉलर
  • पहला भुगतान: करीब 49,000 डॉलर दक्षिण कैरोलिना के बैंक खाते में भेजे
  • अगला कदम: निवेश खाते से करीब 3 लाख डॉलर निकालकर कैशियर चेक लिया
  • सोने की खरीद: चेक से सोने की छड़ें खरीदी गईं
  • सामान सौंपना: मई में एवरग्रीन पार्क के पास कथित एजेंट को पैकेज दिया

सरकारी कार्रवाई का डर दिखाकर कराई गई ठगी

फोन करने वालों ने चेरिल से कहा कि अगर उन्होंने संपत्ति सुरक्षित नहीं की तो सरकार उनके बैंक खातों पर रोक लगा सकती है। उन्हें यह भी कहा गया कि जांच के बारे में किसी को न बताएं। चेरिल ने कई बार सवाल किए, लेकिन हर बार सामने वाले ने कोई न कोई जवाब देकर उनका शक दूर करने की कोशिश की।

चेरिल कई हफ्तों तक डरी हुई थीं। तनाव के कारण उनकी नींद और भूख प्रभावित हुई और उनका वजन भी कम हुआ। सोने की छड़ें सौंपने के बाद कथित एजेंट ने कहा कि जांच जारी है और बाद में संपर्क किया जाएगा। अगस्त में अखबार में सोशल सिक्योरिटी से जुड़े घोटालों पर लेख पढ़ने के बाद चेरिल को समझ आया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।

परिवार को कैसे पता चला?

दंपति की बचत का एक हिस्सा उनके बड़े बेटे मैथ्यू के जीवन बीमा से मिला था। मैथ्यू की 1998 में 25 साल की उम्र में मौत हो गई थी। परिवार के लिए यह नुकसान केवल आर्थिक नहीं, बल्कि पुराने दुख को फिर से महसूस करने जैसा भी था।

चेरिल ने सितंबर में अपने बेटे आरोन को घटना के बारे में बताया। आरोन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, FBI के इंटरनेट क्राइम रिपोर्टिंग सिस्टम पर शिकायत दी और माता-पिता की क्रेडिट रिपोर्ट से जुड़े खातों को फ्रीज करने के कदम उठाए। चूंकि ठगी कई महीने पहले हुई थी, इसलिए पूरी रकम वापस मिलने की संभावना कम मानी जा रही है।

🛡️ फोन पर ठगी से बचने के उपाय

  • संदेह हो तो फोन काटें: पैसे या निजी जानकारी मांगने वाले अनजान कॉल पर भरोसा न करें।
  • जानकारी साझा न करें: सोशल सिक्योरिटी नंबर या बैंक विवरण फोन पर न बताएं।
  • पहचान की पुष्टि करें: सरकारी विभाग का नंबर उसकी आधिकारिक वेबसाइट से लेकर खुद संपर्क करें।
  • गोपनीय रखने की मांग पर सतर्क रहें: किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें।
  • तुरंत भुगतान न करें: कानून प्रवर्तन अधिकारी फोन पर तत्काल भुगतान की मांग नहीं करते।

परिवार दूसरों को जागरूक करना चाहता है

आरोन ने परिवार की मदद के लिए 50,000 डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखते हुए ऑनलाइन फंडरेजर शुरू किया। दोस्तों और पड़ोसियों ने भी सहायता दी। परिवार मई में Older Americans Month के दौरान जागरूकता के लिए एक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है, ताकि दूसरे लोग ऐसे घोटालों से बच सकें।

चेरिल का कहना है कि अगर उन्होंने शुरुआत में ही अपने बेटे से बात की होती, तो वह नकली दस्तावेज पहचान सकता था और ठगी रोकी जा सकती थी। संदिग्ध कॉल आने पर चुप न रहें और परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को जरूर बताएं।

भारत में ऐसी ठगी होने पर बैंक को तुरंत सूचित करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. Gold Bar Scam क्या है?

इस तरह की ठगी में अपराधी सरकारी अधिकारी या जांचकर्ता बनकर लोगों को डराते हैं। वे दावा करते हैं कि पैसा खतरे में है और उसे सुरक्षित रखने के लिए नकद, बैंक ट्रांसफर या सोना सौंपने को कहते हैं।

2. ठग बुजुर्गों को कैसे निशाना बनाते हैं?

ठग सरकारी कार्रवाई, पहचान की चोरी या बैंक खाते बंद होने का डर दिखाते हैं। वे जल्दी फैसला लेने का दबाव बनाते हैं और पीड़ित को परिवार से बात न करने के लिए कहते हैं।

3. क्या सरकारी अधिकारी पैसे सुरक्षित करने के लिए सोना खरीदने को कहते हैं?

ऐसी मांग को गंभीर चेतावनी मानें। किसी अनजान कॉल करने वाले के कहने पर सोना न खरीदें, पैसे ट्रांसफर न करें और निजी जानकारी न दें। संबंधित विभाग से उसके आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें।

4. फोन पर ठगी हो जाए तो सबसे पहले क्या करें?

अपने बैंक को तुरंत सूचित करें, खाते और कार्ड सुरक्षित कराएं, कॉल और संदेशों के सबूत संभालें और पुलिस या साइबर अपराध विभाग में रिपोर्ट दर्ज करें। भारत में 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।

5. परिवार बुजुर्गों को ऐसे घोटालों से कैसे बचा सकता है?

परिवार के सदस्य फोन और ऑनलाइन ठगी के तरीके समझाएं। बुजुर्गों को भरोसा दिलाएं कि संदिग्ध कॉल आने पर वे बिना डर या शर्म के बात कर सकते हैं। बड़े वित्तीय फैसले से पहले सलाह लेने की आदत मददगार है।

निष्कर्ष

यह घटना बताती है कि ठग डर और भरोसे का गलत इस्तेमाल करके बड़ी रकम हड़प सकते हैं। सरकारी जांच के नाम पर पैसा या सोना सौंपने से पहले स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। संदेह होने पर परिवार को बताएं और संबंधित एजेंसी से मदद लें।

अस्वीकरण: यह लेख जागरूकता के उद्देश्य से है। धोखाधड़ी होने पर बैंक, पुलिस या साइबर अपराध एजेंसी से संपर्क करें।

Gourav Kumar Singh

About the Author

Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

Read More →

Leave a Comment