अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की आगामी नीति को लेकर बढ़ी अनिश्चितता प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर कीमती धातुओं पर पड़ा। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की अगली नीति के संकेतों पर है, जिससे आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय हो सकती है।
सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट
🥇 गोल्ड और सिल्वर मार्केट अपडेट
- COMEX गोल्ड: 107 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस की गिरावट
- COMEX सिल्वर: करीब 3 डॉलर टूटकर 60 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस से नीचे
- MCX असर: सोने और चांदी के वायदा भाव में कमजोरी
- मुख्य कारण: मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक तनाव
- फोकस: फेडरल रिजर्व की अगली नीति
कॉमेक्स (COMEX) बाजार में सोने की कीमत 107 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक गिर गई, जबकि चांदी करीब 3 डॉलर टूटकर 60 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस से नीचे पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। एमसीएक्स (MCX) पर सोने और चांदी दोनों के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका की ओर से ईरान पर नए हमले और उसके बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव से कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी आई है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे दुनिया के कई केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकते हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव और बाजार पर असर
📈 निवेशकों के लिए अहम संकेत
- बढ़ता तनाव: अमेरिका-ईरान टकराव
- तेल की कीमत: महंगाई बढ़ने की आशंका
- ब्याज दर: लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रह सकती है
- डॉलर: सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत
- निवेशकों की नजर: फेडरल रिजर्व के मिनट्स और वैश्विक घटनाक्रम
ऊंची ब्याज दरों का असर सोने पर भी पड़ता है, क्योंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता। ऐसे माहौल में कई निवेशक डॉलर जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ गया।
बाजार के जानकारों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बनी रहेगी। इन दोनों घटनाक्रमों के आधार पर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार की दिशा पर नजर रखनी चाहिए।
आने वाले दिनों में किन बातों पर रहेगी नजर
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

