Gold vs US Stocks: 2026 में किस निवेश ने दिया सबसे ज्यादा Return?

30 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक भारतीय शेयर बाजार ने प्रमुख निवेश विकल्पों में सबसे कमजोर प्रदर्शन किया। इसके उलट अमेरिकी शेयरों और सोने ने दोहरे अंकों में रिटर्न दिया। Edelweiss Mutual Fund की रिसर्च प्रस्तुति के मुताबिक, अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करने वालों के नतीजों में बड़ा अंतर रहा।

2026 में किस निवेश ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया?

जनवरी से 30 सितंबर 2026 के बीच NSE 500 TRI से मापा गया भारतीय शेयर बाजार 6.81% गिरा। इसी अवधि में S&P 500 TRI से जुड़े अमेरिकी शेयरों ने 12.75% रिटर्न दिया, जबकि भारत में सोने की कीमत 11.56% बढ़ी। अमेरिकी शेयरों और भारतीय शेयरों के रिटर्न में 19.56 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। सोने ने भी भारतीय शेयरों से 18.37 प्रतिशत अंक बेहतर प्रदर्शन किया।

इन आंकड़ों के अनुसार, आठ निवेश श्रेणियों में अमेरिकी शेयर सबसे आगे रहे और सोना दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि, ये रिटर्न केवल 30 सितंबर तक की अवधि के हैं। इन्हें पूरे 2026 का अंतिम प्रदर्शन नहीं माना जाना चाहिए।

📊 1 लाख रुपये पर कितना रिटर्न?

  • US Stocks: 12.75% रिटर्न, रकम करीब ₹1,12,750
  • Gold: 11.56% रिटर्न, रकम करीब ₹1,11,560
  • Short-term Bonds: 3.57% रिटर्न, रकम करीब ₹1,03,570
  • Corporate Bonds: 2.47% रिटर्न, रकम करीब ₹1,02,470
  • Indian Stocks: 6.81% गिरावट, रकम करीब ₹93,190
  • अवधि: 30 सितंबर 2026 तक, टैक्स और खर्च से पहले

₹1 लाख के निवेश की कीमत में कितना बदलाव आया?

अगर किसी निवेशक ने साल की शुरुआत में अमेरिकी शेयरों में ₹1 लाख लगाए होते, तो 30 सितंबर तक उसकी अनुमानित कीमत ₹1,12,750 हो सकती थी। इसी रकम का सोने में निवेश बढ़कर करीब ₹1,11,560 होता। इसके विपरीत, भारतीय शेयरों में लगाए गए ₹1 लाख की कीमत घटकर लगभग ₹93,190 रह जाती। ये उदाहरण केवल रिटर्न समझाने के लिए हैं और इनमें टैक्स, फीस तथा लेनदेन की लागत शामिल नहीं है।

ये आंकड़े Edelweiss Mutual Fund की प्रस्तुति में दिए गए हैं, जिसमें Bloomberg के डेटा का इस्तेमाल किया गया। मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए Mint की वेबसाइट देख सकते हैं।

Debt Investments में सीमित बढ़त

निश्चित आय वाले निवेश भी इस अवधि में सकारात्मक रहे, लेकिन उनका रिटर्न अमेरिकी शेयरों और सोने से काफी कम था। शॉर्ट-टर्म बॉन्ड ने 3.57% रिटर्न दिया, जबकि कॉरपोरेट बॉन्ड में 2.47% और सरकारी प्रतिभूतियों में 0.67% की बढ़त दर्ज हुई।

इस हिसाब से शॉर्ट-टर्म बॉन्ड में लगाए गए ₹1 लाख की अनुमानित कीमत ₹1,03,570 हो सकती थी। सरकारी प्रतिभूतियों में यही रकम करीब ₹1,00,670 होती। इन आंकड़ों से पता चलता है कि डेट निवेश ने सकारात्मक रिटर्न दिया, लेकिन बढ़त सीमित रही।

⚠️ सोना, चांदी और चीनी शेयरों का हाल

  • Gold: घरेलू कीमत में 11.56% की बढ़त
  • Silver: घरेलू कीमत में 3.25% की गिरावट
  • China Equities: 1.38% की गिरावट
  • Indian Equities: 6.81% की गिरावट
  • मुख्य अंतर: सोने और चांदी के रिटर्न में 14.81 प्रतिशत अंक का फर्क
  • ध्यान दें: पिछला रिटर्न भविष्य के मुनाफे की गारंटी नहीं है

सोने और चांदी के रिटर्न में बड़ा अंतर

हर अंतरराष्ट्रीय निवेश या कीमती धातु ने सकारात्मक रिटर्न नहीं दिया। Hang Seng TRI से जुड़े चीनी शेयर 1.38% गिरे, जबकि भारत में चांदी की कीमत 3.25% कम हुई। सोने की कीमत में बढ़त और चांदी की गिरावट के बीच 14.81 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। इससे पता चलता है कि एक ही अवधि में दो कीमती धातुओं का प्रदर्शन भी काफी अलग हो सकता है।

निवेशकों के लिए इस तुलना का क्या मतलब है?

30 सितंबर तक अमेरिकी शेयरों ने सबसे अधिक रिटर्न दिया, उसके बाद सोना रहा। भारतीय शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। वहीं, बॉन्ड श्रेणियों में मामूली बढ़त रही और चांदी तथा चीनी शेयरों में नुकसान हुआ। लेकिन केवल बीते महीनों के प्रदर्शन के आधार पर भविष्य के निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा।

अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश रखने से किसी एक बाजार में गिरावट का असर पूरे पोर्टफोलियो पर कम हो सकता है, हालांकि इससे नुकसान का जोखिम खत्म नहीं होता। निवेश चुनते समय अपने लक्ष्य, निवेश की अवधि, जोखिम सहने की क्षमता और जरूरत के समय पैसे उपलब्ध होने जैसे पहलुओं पर विचार करना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. 2026 में 30 सितंबर तक सबसे ज्यादा रिटर्न किसने दिया?

दिए गए आंकड़ों के अनुसार अमेरिकी शेयरों ने 12.75% रिटर्न के साथ आठ एसेट क्लास में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। सोना 11.56% रिटर्न के साथ दूसरे स्थान पर रहा। ये आंकड़े केवल 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के हैं।

2. भारतीय शेयर बाजार का रिटर्न कितना रहा?

NSE 500 TRI के आधार पर भारतीय शेयरों में जनवरी से 30 सितंबर 2026 तक 6.81% की गिरावट रही। उदाहरण के तौर पर, ₹1 लाख का निवेश खर्च और टैक्स से पहले घटकर लगभग ₹93,190 रह जाता।

3. सोने में ₹1 लाख लगाने पर कितनी रकम बनती?

प्रस्तुति में दिए 11.56% रिटर्न के आधार पर ₹1 लाख की अनुमानित कीमत ₹1,11,560 होती। वास्तविक नतीजे खरीद की कीमत, मेकिंग चार्ज, कर, निवेश के तरीके और लेनदेन की लागत के अनुसार अलग हो सकते हैं।

4. क्या बॉन्ड में निवेश करने वालों को फायदा हुआ?

हां, दिए गए आंकड़ों में शॉर्ट-टर्म बॉन्ड, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों ने सकारात्मक रिटर्न दिया। इनका रिटर्न क्रमशः 3.57%, 2.47% और 0.67% रहा, जो अमेरिकी शेयरों और सोने से कम था।

5. क्या अभी सोना या अमेरिकी शेयर खरीदना बेहतर है?

केवल पुराने रिटर्न देखकर किसी एक निवेश को सबसे अच्छा नहीं कहा जा सकता। सही विकल्प आपके लक्ष्य, समयावधि और जोखिम क्षमता पर निर्भर करता है। निवेश से पहले लागत, कर और बाजार में उतार-चढ़ाव को भी समझें।

निष्कर्ष

सितंबर 2026 तक अमेरिकी शेयर और सोना बेहतर रिटर्न देने वाले विकल्प रहे, जबकि भारतीय शेयरों में गिरावट आई। फिर भी निवेश का चुनाव केवल हाल के प्रदर्शन से नहीं करना चाहिए। लक्ष्य, जोखिम और निवेश की अवधि के अनुसार विविधता रखना उपयोगी हो सकता है।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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