Havells India Share Price: शेयर 52-week low पर, निवेशक क्यों चिंतित?

Havells India के शेयर शुक्रवार को करीब 6% गिरकर ₹1,002.80 के नए 52-week low पर पहुंच गए। कंपनी ने सितंबर तिमाही यानी Q2 FY27 में अच्छी बिक्री वृद्धि दर्ज की, लेकिन निवेशकों को बढ़ती लागत, केबल और वायर कारोबार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और Lloyd बिजनेस के लगातार घाटे की चिंता है। पिछले एक साल में शेयर करीब 33% टूट चुका है।

Havells India Share Price में गिरावट की मुख्य वजह

कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर 34.6% बढ़कर ₹6,432 करोड़ हो गई। इसके बावजूद EBITDA 30.8% बढ़कर ₹573 करोड़ रहा। EBITDA का मतलब ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई है। आय के मुकाबले कम तेजी से बढ़ी कमाई के कारण कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल के 9.2% से घटकर 8.9% रह गया।

कच्चे माल की महंगाई और कुछ कारोबारों में कम मार्जिन का असर नतीजों पर पड़ा। कंपनी के विज्ञापन और बिक्री प्रचार खर्च में केवल 4.4% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन अन्य आय में तेज गिरावट के चलते कर से पहले लाभ 15.3% बढ़कर ₹472.6 करोड़ रहा।

📉 शेयर पर दबाव क्यों है?

  • शेयर का निचला स्तर: ₹1,002.80 प्रति शेयर
  • एक साल की गिरावट: करीब 33%
  • कुल आय: ₹6,432 करोड़, सालाना 34.6% अधिक
  • EBITDA मार्जिन: 9.2% से घटकर 8.9%
  • मुख्य चिंता: कच्चे माल की लागत, प्रतिस्पर्धा और Lloyd का घाटा

Cables और Wires कारोबार में मार्जिन की चुनौती

Havells के केबल कारोबार की आय सालाना आधार पर करीब 48% बढ़कर ₹2,999 करोड़ पहुंच गई। कमोडिटी की कीमतों से जुड़े दामों में बढ़ोतरी और बड़े आकार के केबल की बिक्री बढ़ने से आय को सहारा मिला। हालांकि, इस सेगमेंट का EBIT मार्जिन 357 बेसिस पॉइंट घटकर 10.15% रह गया। एल्युमीनियम की कीमतों में बदलाव और बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने मार्जिन पर दबाव डाला।

कंपनी प्रबंधन ने संकेत दिया है कि कच्चे माल की लागत ऊंची बनी रहने पर उत्पादों की कीमतें और बढ़ाई जा सकती हैं। Havells ने FY27 के लिए ₹1,400 करोड़ के पूंजीगत खर्च की योजना बरकरार रखी है। इसका बड़ा हिस्सा केबल, वायर और रिसर्च व डेवलपमेंट पर खर्च किया जाएगा।

दूसरे कारोबारों में कैसा रहा प्रदर्शन?

लाइटिंग कारोबार की आय 7% बढ़कर ₹459 करोड़ रही, लेकिन कुछ प्रोजेक्ट ऑर्डर के असर से इसका EBIT मार्जिन 283 बेसिस पॉइंट घटकर 9.91% पर आ गया। स्विचगियर कारोबार की आय 31% बढ़कर ₹782 करोड़ हुई और मार्जिन बढ़कर 25.4% पहुंच गया। रिन्यूएबल्स कारोबार ने भी तेजी दिखाई और इसकी आय 148% बढ़कर ₹329 करोड़ हो गई।

⚠️ Lloyd बिजनेस और आगे के जोखिम

  • Lloyd की आय: 28.5% बढ़कर ₹619 करोड़
  • सेगमेंट का घाटा: ₹105 करोड़
  • पिछली तिमाही का घाटा: ₹56 करोड़
  • विश्लेषकों की चिंता: लागत बढ़ना और कीमतों का असर देर से दिखना
  • निवेशकों की नजर: मार्जिन में सुधार और केबल कारोबार की प्रतिस्पर्धा

विश्लेषकों ने घटाए कमाई के अनुमान

Lloyd Consumer कारोबार का घाटा भी निवेशकों के लिए चिंता बना हुआ है। इस सेगमेंट ने ₹105 करोड़ का EBIT घाटा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के करीब है और पिछली तिमाही के ₹56 करोड़ के घाटे से काफी अधिक है। हालांकि, Lloyd की आय 28.5% बढ़कर ₹619 करोड़ रही।

Motilal Oswal ने कच्चे माल की महंगाई और मार्जिन पर दबाव का हवाला देते हुए FY27 और FY28 के लिए EBITDA अनुमान क्रमशः करीब 5% और 8% घटाए हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक, लागत में बढ़ोतरी और कीमतों में बदलाव का असर देर से दिखना आगे भी अहम जोखिम रहेंगे।

Nomura ने Havells के लिए अपने मूल्य-आय अनुपात के अनुमान को 38 गुना से घटाकर 35 गुना कर दिया है। ब्रोकरेज ने शेयर का लक्ष्य मूल्य ₹1,361 से घटाकर ₹1,232 किया। ये अनुमान हैं, निश्चित नतीजे नहीं। निवेशकों को कंपनी के तिमाही नतीजों, मार्जिन और प्रबंधन की टिप्पणी पर नजर रखनी चाहिए।

इस खबर से जुड़ी मूल रिपोर्ट LiveMint की वेबसाइट पर पढ़ी जा सकती है।

निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?

Havells की बिक्री में मजबूत बढ़ोतरी के बावजूद लाभ मार्जिन पर दबाव दिख रहा है। केबल कारोबार की प्रतिस्पर्धा, कच्चे माल की कीमतें और Lloyd का घाटा आगे के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। शेयर में गिरावट के बाद भी निवेश का फैसला करने से पहले कंपनी के अगले नतीजों और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। शेयर बाजार में जोखिम होता है; निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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