हिमाचल प्रदेश सरकार स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है। सोलन जिले में शुरू किया गया नया सौर ऊर्जा संयंत्र गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोलन जिले की ग्राम पंचायत मामलीग में 500 किलोवाट क्षमता वाले ग्राउंड माउंटेड Solar पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह परियोजना राज्य की Green Panchayat योजना के तहत तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य गांवों को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
ग्रीन पंचायत योजना के तहत नया सोलर प्रोजेक्ट
करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना पर वर्ष 2024 के अंत में काम शुरू हुआ था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे इस वर्ष बिजली ग्रिड से जोड़ दिया गया। राज्य सरकार के अनुसार यह संयंत्र फिलहाल प्रतिदिन लगभग 3,000 यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन कर रहा है और एक साल में करीब 8 लाख यूनिट बिजली पैदा करने की क्षमता रखता है। इससे राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम होगी।
इस परियोजना के तहत तैयार होने वाली बिजली को हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) 3.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदेगा। इससे राज्य को नियमित रूप से स्वच्छ बिजली मिलेगी और परियोजना से लंबे समय तक आय भी होती रहेगी।
☀️ सोलर प्रोजेक्ट की मुख्य जानकारी
- स्थान: ग्राम पंचायत मामलीग, सोलन
- क्षमता: 500 किलोवाट
- लागत: करीब 2 करोड़ रुपये
- दैनिक उत्पादन: लगभग 3,000 यूनिट
- वार्षिक उत्पादन: करीब 8 लाख यूनिट
- बिजली खरीद दर: ₹3.50 प्रति यूनिट
परियोजना से आय का वितरण
इस योजना की सबसे खास बात इसका सामुदायिक आय वितरण मॉडल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना से होने वाली कुल आय का 25 प्रतिशत ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। वहीं 25 प्रतिशत राशि अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए रखी जाएगी। इसके अलावा 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को मिलेगा, 20 प्रतिशत HIM URJA को दिया जाएगा और शेष 10 प्रतिशत राशि संयंत्र के संचालन और रखरखाव पर खर्च की जाएगी।
सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना से ग्राम पंचायत को हर साल लगभग 14 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होगी। इस राशि का उपयोग स्थानीय विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं और अन्य जनहित योजनाओं में किया जा सकेगा, जिससे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
📊 पंचायत को होने वाले प्रमुख लाभ
- पंचायत विकास: 25% आय
- अनाथ और विधवा कल्याण: 25% आय
- राज्य सरकार: 20% हिस्सा
- HIM URJA: 20% हिस्सा
- रखरखाव: 10% राशि
- अनुमानित आय: लगभग ₹14 लाख प्रति वर्ष
स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सौर ऊर्जा संयंत्र की अनुमानित कार्य अवधि लगभग 25 वर्ष है। यह परियोजना न केवल स्वच्छ बिजली उत्पादन में मदद करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण को भी बढ़ावा देगी। उनका कहना है कि ऐसी योजनाओं से पंचायतें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनेंगी और राज्य के सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भी सहायता मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से सौर और जल विद्युत परियोजनाओं के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। Renewable ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली ऐसी योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय निकायों की भागीदारी बढ़ाना, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर तैयार करना है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें।

