फॉर्म 68 क्या है? जानें किसे भरना होगा और क्या हैं नए नियम

आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम 2025 के तहत नया फॉर्म 68 लागू किया है। यह फॉर्म आम करदाताओं के लिए नहीं, बल्कि निर्दिष्ट निवेश फंडों के लिए है। जानिए कौन इसे भर सकता है, कब जमा करना होगा और इससे जुड़े महत्वपूर्ण नियम।

आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम 2025 के तहत नया फॉर्म 68 शुरू किया है। यह फॉर्म कर छूट (Tax Exemption) से जुड़ी जानकारी देने के लिए बनाया गया है। हालांकि यह फॉर्म आम करदाताओं के लिए नहीं है। इसे केवल कुछ विशेष निवेश फंडों (Specified Investment Funds) को भरना होगा, ताकि वे पात्र विदेशी निवेशकों से जुड़ी कर छूट का लाभ प्राप्त कर सकें।

फॉर्म 68 क्या है और किसे भरना होगा?

फॉर्म 68 एक वार्षिक विवरण (Annual Statement) है, जिसमें ऐसे निवेश फंड अपनी कर-मुक्त आय की जानकारी देते हैं। यह फॉर्म भरना उन फंडों के लिए अनिवार्य है जो आयकर अधिनियम 2025 के तहत उपलब्ध टैक्स छूट का दावा करना चाहते हैं। यह छूट केवल उन विदेशी निवेशकों से संबंधित आय पर मिलेगी, जिनका भारत में कोई स्थायी कारोबारी प्रतिष्ठान (Permanent Establishment) नहीं है।

📄 फॉर्म 68: मुख्य जानकारी

  • लागू कानून: आयकर अधिनियम 2025
  • फॉर्म का उद्देश्य: कर-मुक्त आय का वार्षिक विवरण
  • किसके लिए: निर्दिष्ट निवेश फंड
  • लाभ: पात्र विदेशी निवेशकों से जुड़ी टैक्स छूट
  • आवश्यक शर्त: भारत में स्थायी कारोबारी प्रतिष्ठान नहीं
  • प्रक्रिया: केवल ऑनलाइन ई-फाइलिंग

यह फॉर्म मुख्य रूप से कैटेगरी-III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF), रिटेल फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) जैसे निर्दिष्ट निवेश फंडों पर लागू होगा। यदि ये फंड पात्र विदेशी यूनिट धारकों से जुड़ी आय पर टैक्स छूट का दावा करते हैं, तो उन्हें हर साल फॉर्म 68 दाखिल करना होगा।

किन निवेश फंडों पर लागू होगा फॉर्म 68?

फॉर्म 68 केवल आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किया जा सकता है। इसे ऑफलाइन स्वीकार नहीं किया जाएगा। फॉर्म जमा करने के बाद इसे संबंधित फंड के प्रधान अधिकारी (Principal Officer) या प्रबंध न्यासी (Managing Trustee) को डिजिटल सिग्नेचर या इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) के जरिए सत्यापित करना होगा। सत्यापन के दौरान यह भी पुष्टि करनी होगी कि दी गई सभी जानकारी सही है और कर छूट की गणना में किसी निवासी निवेशक को गलती से अनिवासी नहीं माना गया है।

✅ फॉर्म 68 दाखिल करने से पहले रखें तैयार

  • वैध PAN: फंड और सत्यापन अधिकारी दोनों के लिए
  • ट्रस्ट डीड/कानूनी दस्तावेज: अनिवार्य
  • IFSC पंजीकरण प्रमाणपत्र: आवश्यक
  • ऑडिटेड वित्तीय विवरण: संबंधित वित्त वर्ष के
  • यूनिट धारकों की सूची: निवासी और अनिवासी का विवरण
  • जमा करने का माध्यम: केवल ई-फाइलिंग पोर्टल

फॉर्म 68 दाखिल करने की प्रक्रिया और जरूरी शर्तें

फॉर्म 68 दाखिल करने के लिए निवेश फंड और फॉर्म का सत्यापन करने वाले अधिकारी, दोनों के पास वैध पैन (PAN) होना अनिवार्य है। बिना पैन के यह फॉर्म जमा नहीं किया जा सकेगा।

इस फॉर्म के साथ कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी तैयार रखने होंगे। इनमें फंड के गठन से संबंधित ट्रस्ट डीड, मेमोरेंडम या अन्य कानूनी दस्तावेज, IFSC का पंजीकरण प्रमाणपत्र, संबंधित वित्त वर्ष के ऑडिट किए गए वित्तीय विवरण, वर्षभर की प्रतिभूतियों और उनसे हुई आय का विवरण तथा सभी यूनिट धारकों की सूची शामिल है। सूची में यह भी बताना होगा कि कौन-सा निवेशक निवासी है और कौन अनिवासी।

फॉर्म 68 जमा करने की अंतिम तिथि और महत्वपूर्ण नियम

फॉर्म 68 को आयकर अधिनियम 2025 के तहत निर्धारित आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि तक जमा करना होगा। संबंधित फंड के लिए जो रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख तय होगी, उसी के भीतर यह फॉर्म भी जमा करना आवश्यक होगा।

आयकर विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक बार फॉर्म 68 सफलतापूर्वक जमा होकर सत्यापित हो जाने और उसकी रसीद (Acknowledgement) जारी होने के बाद उसमें कोई संशोधन या बदलाव नहीं किया जा सकता। इसलिए फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारियों और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लेना जरूरी है, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। कर संबंधी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देश या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

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