भारत में Data Center पर अरबों डॉलर की बारिश, AI देगा बड़ी रफ्तार

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण डेटा सेंटर सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। वैश्विक टेक कंपनियों, निवेश फर्मों और भारतीय उद्योग समूहों के बड़े निवेश से देश दुनिया के प्रमुख डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में उभर रहा है।

भारत तेजी से दुनिया के सबसे बड़े डेटा सेंटर निवेश केंद्रों में शामिल होता जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग, क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग और सरकार की डिजिटल नीतियों के कारण देश में डेटा सेंटर सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। वैश्विक टेक कंपनियां, प्राइवेट इक्विटी फर्म और बड़े निवेशक भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए अरबों डॉलर लगाने की तैयारी कर रहे हैं。

भारत डेटा सेंटर निवेश का बड़ा वैश्विक केंद्र क्यों बन रहा है?

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की भौगोलिक स्थिति इसे एक महत्वपूर्ण डिजिटल हब बनाती है। भारत से मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया तक कम समय में डिजिटल सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं, जिससे वैश्विक कंपनियों के लिए यहां डेटा सेंटर स्थापित करना आकर्षक विकल्प बन गया है।

सरकार की डेटा लोकलाइजेशन नीति, सॉवरेन AI पर जोर और हाल के बजट में 2047 तक बढ़ाई गई टैक्स छूट जैसी घोषणाओं ने भी इस क्षेत्र को नई गति दी है। इसके साथ ही AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग ने डेटा सेंटर उद्योग के विस्तार को तेज कर दिया है।

🏢 भारत में डेटा सेंटर निवेश की मुख्य वजहें

  • AI की मांग: तेजी से बढ़ता उपयोग
  • क्लाउड सेवाएं: लगातार बढ़ती जरूरत
  • सरकारी नीति: डेटा लोकलाइजेशन और सॉवरेन AI
  • भौगोलिक लाभ: मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया तक बेहतर कनेक्टिविटी
  • डिजिटल अर्थव्यवस्था: तेज विस्तार

वैश्विक कंपनियों और निवेशकों का बढ़ता निवेश

रिपोर्ट के अनुसार, अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी अमेरिकी टेक कंपनियां आने वाले वर्षों में भारत में डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 57 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना पर काम कर रही हैं। इसके अलावा कई वैश्विक निवेश फर्में भी भारतीय डेटा सेंटर कंपनियों में पूंजी लगा रही हैं।

मार्केट रिसर्च के अनुसार, भारत का पब्लिक क्लाउड सर्विस बाजार 2025 में लगभग 17 अरब डॉलर का था, जो 2030 तक बढ़कर करीब 44 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस दौरान इसमें लगभग 22 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि रहने का अनुमान है।

पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े निवेश सौदे भी हुए हैं। CtrlS, Nxtra Data, STT GDC और Sify Infinit Spaces जैसी कंपनियों ने घरेलू और विदेशी निवेशकों से हजारों करोड़ रुपये जुटाए हैं। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने भी HyperVault नाम से नई डेटा सेंटर कंपनी शुरू की है।

💹 भारत के डेटा सेंटर सेक्टर के प्रमुख आंकड़े

  • अमेरिकी टेक निवेश: लगभग 57 अरब डॉलर
  • पब्लिक क्लाउड बाजार: 2025 में 17 अरब डॉलर
  • 2030 अनुमान: लगभग 44 अरब डॉलर
  • अनुमानित वार्षिक वृद्धि: लगभग 22%
  • 2030 तक नई पूंजी: लगभग 25 अरब डॉलर

रिलायंस, अडानी और AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो ने अगले सात वर्षों में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है। इस निवेश का उपयोग AI आधारित डेटा सेंटर, एज कंप्यूट नेटवर्क और AI सेवाओं के विकास में किया जाएगा। दूसरी ओर, अडानी समूह भी 2035 तक 100 अरब डॉलर निवेश कर नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित AI-रेडी हाइपरस्केल डेटा सेंटर विकसित करने की तैयारी कर रहा है।

ब्लैकस्टोन, डिजिटल एज और प्रिंसटन डिजिटल ग्रुप जैसे वैश्विक निवेशकों ने भी भारत में बड़े निवेश की घोषणा की है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 तक भारत के डेटा सेंटर क्षेत्र में लगभग 25 अरब डॉलर की नई पूंजी लगाई जा सकती है।

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अब केवल डिजिटल सेवाओं का उपभोक्ता नहीं, बल्कि AI कंप्यूटिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अमेरिका और यूरोप में बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाओं के कारण भविष्य में AI से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट भारत जैसे देशों की ओर आ सकते हैं।

डेटा सेंटर की मांग बढ़ाने में क्लाउड सेवाएं, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग, सरकारी विभाग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), SaaS कंपनियां, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की कम निर्माण लागत, बेहतर बिजली व्यवस्था और तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र को और मजबूत बनाएगी।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश और व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले आधिकारिक एवं विशेषज्ञ सलाह अवश्य लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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