इंफोसिस Q2 नतीजे 2026: 23 अक्टूबर को आएगा तिमाही परिणाम

इंफोसिस सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे 23 अक्टूबर 2026 को जारी करने वाली है। कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक 22 और 23 अक्टूबर को होगी, जिसमें 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी जाएगी। इसी बैठक में अंतरिम लाभांश देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है।

इंफोसिस सितंबर तिमाही के नतीजे कब आएंगे

इंफोसिस के नतीजे ऐसे समय में आने वाले हैं, जब देश की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां सितंबर तिमाही के परिणाम जारी कर रही हैं। टीसीएस 8 अक्टूबर को, एचसीएलटेक 12 अक्टूबर को और टाटा टेक्नोलॉजीज 14 अक्टूबर को अपने नतीजे जारी करेंगी। विप्रो और टेक महिंद्रा के परिणाम 15 अक्टूबर को आने हैं। इंफोसिस और कुछ अन्य बड़ी कंपनियां महीने के बाद के हिस्से में अपने परिणाम जारी करेंगी।

इंफोसिस Q2 नतीजे 2026 की जानकारी
इंफोसिस Q2 नतीजे 2026 और अंतरिम लाभांश पर निवेशकों की नजर

 

कंपनी ने 15 सितंबर को शेयर बाजारों को अपनी बैठक की जानकारी दी थी। इसमें बताया गया था कि निदेशक मंडल 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के वित्तीय परिणामों पर विचार करेगा और उन्हें मंजूरी देगा।

इंफोसिस के सितंबर तिमाही के नतीजे 23 अक्टूबर को बाजार बंद होने के बाद जारी किए जाने की उम्मीद है। आमतौर पर कंपनी की ओर से परिणाम दोपहर करीब 3:45 बजे के आसपास जारी किए जाते हैं। हालांकि, अंतिम समय कंपनी की ओर से ही स्पष्ट किया जाएगा।

📊 इंफोसिस सितंबर तिमाही नतीजे

  • नतीजे: 23 अक्टूबर 2026
  • निदेशक मंडल की बैठक: 22 और 23 अक्टूबर
  • संबंधित अवधि: 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही
  • अंतरिम लाभांश: प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है
  • संभावित समय: बाजार बंद होने के बाद
  • शेयर कारोबार पाबंदी: 16 सितंबर से 26 अक्टूबर तक

निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी

कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक 22 और 23 अक्टूबर को होगी। इस दौरान सितंबर तिमाही के साथ चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के परिणामों को भी मंजूरी दी जाएगी। कंपनी ने परिणाम जारी होने से पहले 16 सितंबर से शेयरों की खरीद-बिक्री से जुड़ी पाबंदी लगा रखी है, जो 26 अक्टूबर को दोबारा खुलने वाली है।

निवेशकों की नजर इस बार कई महत्वपूर्ण बातों पर रहने वाली है। इनमें वित्त वर्ष 2027 में आय की वृद्धि उम्मीद से कम रहने के कारण, हाल के वर्षों में मिले बड़े कारोबारी सौदों को बनाए रखने की क्षमता और आर्थिक परिस्थितियों का कारोबार पर असर शामिल है। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि नई तकनीक से कंपनी की आय में वास्तविक बढ़ोतरी हो रही है या मौजूदा काम की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है।

नई तकनीक से जुड़े कार्यक्रमों को शुरुआती स्तर से बड़े स्तर पर लागू करने की गति भी महत्वपूर्ण रहेगी। निवेशक यह समझने की कोशिश करेंगे कि इन कार्यक्रमों से कंपनी को अतिरिक्त आय मिल रही है या पहले से चल रहे काम की कीमतों में कमी आ रही है। लाभ में स्थिरता बनाए रखने के लिए कंपनी क्या कदम उठाती है, इस पर भी नजर रहेगी।

💰 अंतरिम लाभांश पर भी रहेगी नजर

  • प्रस्ताव: 23 अक्टूबर को अंतरिम लाभांश पर विचार
  • घोषणा: मंजूरी मिलने पर उसी दिन घोषणा हो सकती है
  • पिछला अंतरिम लाभांश: 27 अक्टूबर 2025 को 23 रुपये प्रति शेयर
  • 2025 अंतिम लाभांश: 30 मई 2025 को 22 रुपये प्रति शेयर
  • निवेशकों की दिलचस्पी: लाभांश और तिमाही प्रदर्शन दोनों पर नजर

इंफोसिस के लाभांश का पुराना रिकॉर्ड

अंतरिम लाभांश को लेकर भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। कंपनी के अनुसार, निदेशक मंडल 23 अक्टूबर को अंतरिम लाभांश के प्रस्ताव पर विचार कर सकता है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो उसी दिन इसकी घोषणा की जा सकती है। इसके बाद कंपनी निवेशकों और विश्लेषकों के साथ बैठक भी करेगी, जिसमें तिमाही प्रदर्शन और आगे की कारोबारी स्थिति पर चर्चा होगी।

इंफोसिस का अपने शेयरधारकों को लाभांश देने का लगातार रिकॉर्ड रहा है। 27 अक्टूबर 2025 को कंपनी ने प्रति शेयर 23 रुपये का अंतरिम लाभांश दिया था। इससे पहले 30 मई 2025 को 22 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की घोषणा की गई थी। वर्ष 2024 में कंपनी ने 20 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश घोषित किया था, जिसमें 8 रुपये का विशेष लाभांश भी शामिल था। उसी वर्ष 29 अक्टूबर को 21 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश दिया गया था।

वर्ष 2023 में कंपनी ने 17.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश और 18 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश दिया था। 2022 में 16 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश और 16.50 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया गया था। वर्ष 2021 में कंपनी ने 31 मई को 15 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश और 26 अक्टूबर को 15 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश दिया था।

6 अक्टूबर को इंफोसिस शेयर का प्रदर्शन

6 अक्टूबर को कारोबार के दौरान इंफोसिस का शेयर बीएसई पर 1,019.45 रुपये के भाव पर खुला। कारोबार के दौरान यह 1,020.80 रुपये के ऊपरी स्तर तक गया, जबकि इसका निचला स्तर 1,005.05 रुपये रहा।

एसबीआई सिक्योरिटीज के तकनीकी और डेरिवेटिव शोध विभाग से जुड़े सुदीप शाह के अनुसार, शेयर को 20 दिन के औसत स्तर के पास रुकावट का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि शेयर दैनिक और साप्ताहिक दोनों स्तरों पर कई महत्वपूर्ण औसत स्तरों से नीचे कारोबार कर रहा है। इससे फिलहाल कमजोरी का संकेत मिलता है।

इंफोसिस शेयर के लिए महत्वपूर्ण स्तर

उनके अनुसार, 980 से 975 रुपये का स्तर शेयर के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकता है। यदि शेयर इस दायरे से नीचे मजबूती से जाता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है। दूसरी ओर, 1,050 से 1,060 रुपये का स्तर तत्काल रुकावट के रूप में काम कर सकता है।

शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों को किसी विशेषज्ञ की सलाह के बिना केवल इन आंकड़ों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। कंपनी के तिमाही परिणाम, आय में वृद्धि, लाभ, आगे की कारोबारी योजना और बाजार की स्थिति को समझने के बाद ही निवेश से जुड़ा निर्णय लेना बेहतर होता है।

Frequently Asked Questions

1. इंफोसिस सितंबर तिमाही के नतीजे कब जारी करेगी?

इंफोसिस सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे 23 अक्टूबर 2026 को जारी करने वाली है। निदेशक मंडल की बैठक 22 और 23 अक्टूबर को होगी।

2. क्या इंफोसिस अंतरिम लाभांश की घोषणा कर सकती है?

कंपनी के अनुसार, निदेशक मंडल 23 अक्टूबर को अंतरिम लाभांश के प्रस्ताव पर विचार कर सकता है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर उसी दिन इसकी घोषणा की जा सकती है।

3. इंफोसिस के शेयर के लिए 980 से 975 रुपये का स्तर क्यों महत्वपूर्ण है?

सुदीप शाह के अनुसार, 980 से 975 रुपये का स्तर शेयर के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकता है। इस दायरे से नीचे मजबूती से जाने पर शेयर में और कमजोरी आ सकती है।

4. इंफोसिस शेयर के लिए तत्काल रुकावट का स्तर क्या है?

सुदीप शाह के अनुसार, 1,050 से 1,060 रुपये का स्तर इंफोसिस शेयर के लिए तत्काल रुकावट के रूप में काम कर सकता है।

5. निवेशकों को इंफोसिस के नतीजों में किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?

निवेशकों की नजर आय की वृद्धि, बड़े कारोबारी सौदों को बनाए रखने की क्षमता, आर्थिक परिस्थितियों का असर, नई तकनीक से अतिरिक्त आय और लाभ में स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर रह सकती है।

Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले कंपनी की जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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