ITC Q2 Results: मुनाफा 18.7% घटा, FMCG कारोबार मजबूत

आईटीसी लिमिटेड के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों में कारोबार के अलग-अलग हिस्सों का प्रदर्शन अलग रहा। सितंबर 2026 में समाप्त तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 18.7 प्रतिशत घटकर 4,168.40 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले कंपनी ने 5,126.11 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। दूसरी ओर कंपनी की समेकित शुद्ध आय 3.9 प्रतिशत बढ़कर 20,269 करोड़ रुपये पहुंच गई। मुनाफे में गिरावट की सबसे बड़ी वजह सिगरेट कारोबार पर बढ़ा कर दबाव रहा, जबकि रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान और कागज कारोबार ने अच्छी वृद्धि दिखाई। इससे पता चलता है कि कंपनी के अलग-अलग कारोबारों की स्थिति एक जैसी नहीं है।

Table of Contents

आईटीसी के नतीजों में क्या बदला?

📉 आईटीसी के तिमाही नतीजों की मुख्य बातें

  • तिमाही: जुलाई से सितंबर 2026
  • समेकित शुद्ध मुनाफा: 4,168.40 करोड़ रुपये
  • मुनाफे में बदलाव: 18.7 प्रतिशत की गिरावट
  • समेकित आय: 20,269 करोड़ रुपये
  • रोजमर्रा के सामान की आय: 7,218.36 करोड़ रुपये
  • कागज कारोबार की आय: 3,017.45 करोड़ रुपये

सिगरेट कारोबार पर कर का दबाव

आईटीसी के कुल मुनाफे पर सिगरेट कारोबार का बड़ा प्रभाव रहता है। कंपनी के अनुसार फरवरी 2026 से सिगरेट पर कर व्यवस्था में बदलाव लागू हुआ। वस्तु एवं सेवा कर की दर लेनदेन मूल्य के 28 प्रतिशत से बढ़ाकर खुदरा बिक्री मूल्य के 40 प्रतिशत के आधार पर की गई। इसके साथ उत्पाद शुल्क में भी बदलाव हुआ। कर में इस वृद्धि के बाद कानूनी सिगरेट कारोबार की मात्रा पर दबाव पड़ा। कंपनी ने कहा कि उसने अपने उत्पादों और कारोबार की रणनीति में बदलाव करके इस असर को संभालने की कोशिश की।

रोजमर्रा के सामान कारोबार ने दिखाई मजबूती

कंपनी के गैर-सिगरेट रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान कारोबार ने इस तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया। इस हिस्से की आय सालाना आधार पर 19.1 प्रतिशत बढ़कर 7,218.36 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी के अनुसार बिस्कुट, नमकीन, नूडल्स, मसाले, नमक, जमे हुए खाद्य पदार्थ, घरेलू देखभाल और कॉपी-किताब जैसे उत्पादों ने वृद्धि में योगदान दिया। कुछ उत्पाद समूहों में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। दूध और व्यक्तिगत सफाई से जुड़े उत्पादों में भी अच्छी बढ़ोतरी रही।

इस कारोबार का पूर्व-कर लाभ 576.69 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 31.4 प्रतिशत अधिक है। इससे पता चलता है कि कंपनी की रोजमर्रा के सामान वाली इकाई ने केवल बिक्री ही नहीं बढ़ाई, बल्कि लाभ में भी सुधार किया। ग्रामीण और शहरी बाजारों में मांग, उत्पादों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और नए उत्पाद इस कारोबार के लिए अहम हैं।

🛒 आईटीसी के अन्य कारोबारों का प्रदर्शन

  • रोजमर्रा के सामान: आय में 19.1 प्रतिशत वृद्धि
  • कृषि कारोबार: आय 4,550.60 करोड़ रुपये, 12.7 प्रतिशत वृद्धि
  • कागज कारोबार: आय 3,017.45 करोड़ रुपये, 35.9 प्रतिशत वृद्धि
  • कृषि कारोबार का लाभ: 14.3 प्रतिशत बढ़ा
  • कागज कारोबार का लाभ: 50.7 प्रतिशत बढ़ा

कृषि और कागज कारोबार से भी सहारा

कंपनी के कृषि कारोबार ने सितंबर तिमाही में 4,550.60 करोड़ रुपये की आय दर्ज की। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 12.7 प्रतिशत अधिक है। इस कारोबार का पूर्व-कर लाभ 518.41 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 14.3 प्रतिशत बढ़ा। हालांकि कंपनी ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ग्राहकों की ओर से खरीद में देरी के कारण कृषि कारोबार पर कुछ दबाव बना रहा। कंपनी ने नए बाजारों में पहुंच बढ़ाने और अधिक मूल्य वाले उत्पादों पर काम तेज किया है।

कागज और पैकेजिंग कारोबार ने अपेक्षाकृत मजबूत वृद्धि दिखाई। इस हिस्से की आय 35.9 प्रतिशत बढ़कर 3,017.45 करोड़ रुपये रही। इसका पूर्व-कर लाभ 50.7 प्रतिशत बढ़कर 273.32 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी ने बेहतर मांग और कीमतों में किए गए बदलाव को इस प्रदर्शन के लिए उपयोगी बताया। कागज का इस्तेमाल पैकेजिंग, शिक्षा, प्रकाशन और कई औद्योगिक कामों में होता है। ई-कॉमर्स और उत्पाद पैकेजिंग की जरूरत बढ़ने से इस क्षेत्र में मांग के अवसर बन सकते हैं।

आम ग्राहकों और कारोबारियों के लिए क्या मायने हैं?

आईटीसी के रोजमर्रा के सामान की बिक्री बढ़ने का असर ग्राहकों को उत्पादों की उपलब्धता और नए विकल्पों के रूप में दिख सकता है। लेकिन किसी कंपनी की आय बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि उसके उत्पाद सस्ते हो जाएंगे। पैक का आकार, कच्चे माल की कीमत, परिवहन, प्रतिस्पर्धा और कंपनी की मूल्य नीति खुदरा कीमतों को प्रभावित करती है। ग्राहक खरीदारी करते समय प्रति ग्राम या प्रति इकाई कीमत की तुलना करें तो उन्हें बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।

दुकानदारों और छोटे वितरकों के लिए कंपनी के अलग-अलग उत्पाद समूहों की मांग महत्वपूर्ण है। यदि बिस्कुट, मसाले, नमकीन और घरेलू सामान की बिक्री बढ़ती है, तो खुदरा दुकानों में इन वस्तुओं का स्टॉक रखने के अवसर बन सकते हैं। हालांकि दुकानदारों को स्थानीय मांग, उत्पाद की समाप्ति तारीख, वितरण की शर्तें और उपलब्ध मार्जिन देखकर ही माल खरीदना चाहिए। केवल कंपनी के तिमाही नतीजों के आधार पर अधिक स्टॉक जमा करना सही नहीं होगा।

कंपनी की तिमाही जानकारी, वित्तीय दस्तावेज और आधिकारिक वक्तव्य देखने के लिए पाठक आईटीसी के आधिकारिक परिणाम पृष्ठ पर जा सकते हैं। किसी भी खबर को समझते समय कंपनी की ओर से जारी विवरण और स्वतंत्र कारोबारी रिपोर्टों को साथ पढ़ना बेहतर है।

छोटे कार्यालय के लिए उपयोगी उत्पाद

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. आईटीसी का दूसरी तिमाही का मुनाफा कितना रहा?

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में आईटीसी का समेकित शुद्ध मुनाफा 4,168.40 करोड़ रुपये रहा। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 5,126.11 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 18.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

2. आईटीसी की आय बढ़ने के बाद भी मुनाफा क्यों घटा?

कंपनी की आय में वृद्धि के बावजूद सिगरेट कारोबार पर कर का दबाव और बिक्री की मात्रा में कमजोरी मुनाफे को प्रभावित कर गई। अलग-अलग कारोबारों की लागत और लाभ में बदलाव के कारण कुल आय बढ़ने पर भी अंतिम मुनाफा घट सकता है।

3. आईटीसी के रोजमर्रा के सामान कारोबार ने कैसा प्रदर्शन किया?

गैर-सिगरेट रोजमर्रा के सामान कारोबार की आय सालाना आधार पर 19.1 प्रतिशत बढ़कर 7,218.36 करोड़ रुपये रही। बिस्कुट, नमकीन, नूडल्स, मसाले, घरेलू देखभाल और अन्य उत्पादों ने वृद्धि में योगदान दिया। इस हिस्से का पूर्व-कर लाभ भी बढ़ा।

4. सिगरेट कारोबार पर कर बदलाव का क्या असर पड़ा?

फरवरी 2026 से लागू कर बदलाव के बाद कानूनी सिगरेट कारोबार की बिक्री मात्रा पर दबाव पड़ा। कंपनी ने बताया कि कर बढ़ने से इस कारोबार का पूर्व-कर लाभ सालाना आधार पर 26 प्रतिशत घटा। आने वाली तिमाहियों में बिक्री और कीमतों पर नजर जरूरी होगी।

5. आईटीसी के किन कारोबारों में सबसे अच्छी वृद्धि दिखी?

सितंबर तिमाही में कागज कारोबार की आय 35.9 प्रतिशत बढ़ी, जबकि रोजमर्रा के सामान कारोबार की आय 19.1 प्रतिशत बढ़ी। कृषि कारोबार की आय में भी 12.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इन क्षेत्रों ने सिगरेट कारोबार की कमजोरी के बीच सहारा दिया।

निष्कर्ष

आईटीसी के नतीजे बताते हैं कि सिगरेट कारोबार पर कर का दबाव बढ़ा, जबकि रोजमर्रा के सामान, कृषि और कागज कारोबार ने बेहतर प्रदर्शन किया। आगे कंपनी की मुनाफे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि वह इन कारोबारों की वृद्धि और लागत को कैसे संभालती है।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। शेयर बाजार में निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज और विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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