झारखंड में बड़े होटलों में ठहरने वाले पर्यटकों के लिए अब बिल पर अतिरिक्त कर लग सकता है। राज्य सरकार ने नगरीय पर्यटक कर की व्यवस्था लागू की है। जारी अधिसूचना के अनुसार, भारतीय पर्यटकों से होटल बिल का 2 से 5 प्रतिशत और विदेशी पर्यटकों से 4 से 10 प्रतिशत तक कर वसूला जाएगा। यह नियम तय क्षेत्रफल से बड़े और आवास सुविधा देने वाले होटलों पर लागू होगा।
सरकार का कहना है कि इस कर से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल शहरी पर्यटन सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में किया जाएगा। यह व्यवस्था नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी की सीमा में आने वाले 3,000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में निर्मित होटलों के लिए है। पंचायत राज अधिनियम और छावनी अधिनियम के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र इसके दायरे से बाहर रखे गए हैं।
नगरीय पर्यटक कर: मुख्य बातें
भारतीय पर्यटकों के लिए दर: 2 से 5 प्रतिशत
विदेशी पर्यटकों के लिए दर: 4 से 10 प्रतिशत
दायरा: 3,000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में बने पात्र होटल
जीएसटी श्रेणी के आधार पर तय होगी कर की दर
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नगरीय पर्यटक कर की दर होटल पर लागू जीएसटी श्रेणी और पर्यटक की राष्ट्रीयता के आधार पर निर्धारित होगी। इसकी गणना होटल के कुल बिल पर की जाएगी, लेकिन जीएसटी और अन्य स्थानीय करों को गणना से अलग रखा जाएगा। भारतीय पर्यटकों के लिए कर 2 से 5 प्रतिशत और विदेशी पर्यटकों के लिए 4 से 10 प्रतिशत तक होगा। किसी होटल के मामले में लागू दर संबंधित नियमों के आधार पर तय की जाएगी।
होटल संचालकों के लिए पंजीकरण जरूरी
नियमावली के अनुसार, पहले से संचालित होटलों को अधिसूचना जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर पंजीकरण कराना होगा। नए होटलों को अपना संचालन शुरू करने से सात दिन पहले पंजीकरण कराना होगा। होटल संचालकों को पर्यटकों से वसूली गई राशि संबंधित नगरपालिका में जमा करनी होगी।
कर की राशि प्रत्येक वित्तीय तिमाही समाप्त होने के 15 दिनों के भीतर जमा करना और तिमाही रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा। इससे स्थानीय निकायों को कर संग्रह और रिकॉर्ड की निगरानी करने में मदद मिलेगी।
नियमों की समय-सीमा
मौजूदा होटल: अधिसूचना की तारीख से दो महीने में पंजीकरण
नए होटल: संचालन शुरू होने से सात दिन पहले पंजीकरण
कर जमा करना: हर वित्तीय तिमाही के अंत के 15 दिनों के भीतर
नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना
नियमों का पालन नहीं करने पर 5,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। बकाया कर पर एक प्रतिशत प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज लगाने का भी प्रावधान है। लगातार नियमों का उल्लंघन होने पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। होटल संचालकों को पंजीकरण, कर जमा करने और रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा का ध्यान रखना होगा।
यह व्यवस्था विशेष रूप से निर्धारित शहरी सीमाओं में आने वाले पात्र होटलों पर लागू होगी। होटल में ठहरने की योजना बना रहे यात्रियों को अपने बिल में लागू कर की जानकारी होटल से पहले ही पूछ लेनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए प्रभात खबर की मूल रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
झारखंड में नया पर्यटक कर किन होटलों पर लागू होगा?
यह नियम नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी की सीमा में स्थित 3,000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में बने और आवास सुविधा देने वाले पात्र होटलों पर लागू होगा। कुछ अधिनियमों के दायरे वाले क्षेत्र इससे बाहर रखे गए हैं।
भारतीय पर्यटकों को कितना अतिरिक्त कर देना होगा?
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पर्यटकों के लिए नगरीय पर्यटक कर की दर होटल बिल का 2 से 5 प्रतिशत तय की गई है। लागू दर होटल पर लागू जीएसटी श्रेणी और नियमों के आधार पर निर्धारित होगी।
विदेशी पर्यटकों के लिए कर की दर कितनी है?
विदेशी पर्यटकों से होटल बिल पर 4 से 10 प्रतिशत तक नगरीय पर्यटक कर वसूले जाने का प्रावधान बताया गया है। वास्तविक दर संबंधित होटल की श्रेणी और लागू नियमों के अनुसार तय होगी।
होटल संचालकों को कब तक पंजीकरण कराना होगा?
मौजूदा होटल संचालकों को अधिसूचना की तारीख से दो महीने के भीतर पंजीकरण कराना होगा। नए होटलों के लिए संचालन शुरू करने से सात दिन पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य बताया गया है।
कर जमा करने में देरी पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
नियमों का पालन नहीं करने पर 5,000 रुपये तक जुर्माना और बकाया कर पर एक प्रतिशत प्रतिमाह साधारण ब्याज लगाया जा सकता है। लगातार उल्लंघन की स्थिति में अतिरिक्त जुर्माने का भी प्रावधान है।
निष्कर्ष
झारखंड में नगरीय पर्यटक कर लागू होने से निर्धारित श्रेणी के बड़े होटलों में ठहरने वाले यात्रियों के बिल में अतिरिक्त राशि जुड़ सकती है। होटल संचालकों को पंजीकरण, कर जमा करने और तिमाही रिटर्न से जुड़े नियमों का पालन करना होगा।
अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। कर की लागू दर और नियमों की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचना देखें।