महादेव बेटिंग ऐप केस: CBI ने 6 चार्जशीट में 66 आरोपियों को घेरा

करीब ₹6,000 करोड़ के महादेव बेटिंग ऐप मामले में सीबीआई ने जांच को तेज करते हुए छह चार्जशीट दाखिल की हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि पूरे नेटवर्क, कथित आरोपियों और अवैध धन के लेनदेन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच अभी भी जारी है।

करीब ₹6,000 करोड़ के चर्चित महादेव बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच तेज करते हुए छह चार्जशीट दाखिल की हैं। इन चार्जशीट में ऐप के कथित मुख्य आरोपी और संस्थापक सौरभ चंद्राकर, सह-संस्थापक रवि उप्पल समेत कई अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की जांच अभी भी जारी है और इससे जुड़े सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

महादेव बेटिंग ऐप मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई

सीबीआई ने पांच चार्जशीट में कुल 66 आरोपियों को नामजद किया है। इनमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और कथित सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े कई लोग शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता (या संबंधित दंड कानूनों के प्रावधान), छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एजेंसी ने एक अलग छठी चार्जशीट भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में दाखिल की है। इसमें आशीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपरिया, अनिल धमानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा को आरोपी बनाया गया है। इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

महादेव बेटिंग ऐप केस की प्रमुख बातें

  • मामला: ₹6,000 करोड़ महादेव बेटिंग ऐप
  • जांच एजेंसी: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)
  • दाखिल चार्जशीट: 6
  • नामजद आरोपी: 66
  • मुख्य आरोपी: सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल
  • जांच: अभी भी जारी

जांच में सामने आए अहम आरोप

सीबीआई के अनुसार, महादेव बेटिंग ऐप विदेश से संचालित होने वाला देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक था। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क देशभर में अलग-अलग बेटिंग पैनल और एजेंटों के जरिए लोगों को जोड़ता था। अवैध कमाई को कई बैंक खातों के माध्यम से घुमाकर विदेश भेजने का भी आरोप है।

जांच एजेंसी का दावा है कि इस अवैध कमाई का एक हिस्सा कुछ सरकारी अधिकारियों तक “सुरक्षा राशि” के रूप में भी पहुंचाया गया। एजेंसी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क को किस स्तर तक राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण मिला।

CBI जांच की वर्तमान स्थिति

  • संचालन: विदेश से नेटवर्क संचालित होने का आरोप
  • धन का प्रवाह: बैंक खातों के जरिए विदेश भेजने का आरोप
  • रेड कॉर्नर नोटिस: 4 आरोपियों के खिलाफ
  • विदेशी कार्रवाई: भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने की प्रक्रिया
  • हालिया घटनाक्रम: सौरभ चंद्राकर ओमान में हिरासत में
  • आगे की कार्रवाई: नए सबूत मिलने पर और चार्जशीट संभव

विदेश में मौजूद आरोपियों पर भी कार्रवाई

सीबीआई ने बताया कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित कई आरोपी कुछ वर्ष पहले पश्चिम एशिया चले गए थे और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। एजेंसी ने विदेश में रह रहे चार आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कराया है और उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान में हिरासत में लिया गया था। भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं। सीबीआई का कहना है कि जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे नए सबूत सामने आएंगे, मामले में और भी चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक और आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। जांच जारी है, इसलिए भविष्य में नए तथ्यों या आधिकारिक अपडेट के अनुसार जानकारी बदल सकती है।

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I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

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