भारतीय शेयर बाजार में अगले सप्ताह भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर बाजार की दिशा तय करेगा। पिछले सप्ताह चार हफ्तों की तेजी के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 0.25% गिरकर 77,569.39 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 0.26% की गिरावट आई और यह 24,206.90 अंक पर बंद हुआ।
हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती बनी रही। दोनों इंडेक्स में 1% से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक चुनिंदा शेयरों में खरीदारी कर रहे हैं। सप्ताह की शुरुआत में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, अच्छे कारोबारी अपडेट और मानसून की बेहतर प्रगति से बाजार को समर्थन मिला था, लेकिन मध्य सप्ताह में अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से बाजार पर दबाव आया।
अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल से तय होगी बाजार की दिशा
📊 अगले सप्ताह बाजार के प्रमुख संकेत
- मुख्य जोखिम: अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतें
- बाजार फोकस: जून तिमाही के नतीजे
- डेटा: घरेलू और अमेरिकी महंगाई आंकड़े
- सकारात्मक संकेत: विदेशी निवेशकों की वापसी
- रणनीति: मजबूत कंपनियों पर ध्यान
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अगले सप्ताह निवेशकों की नजर कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों, घरेलू महंगाई के आंकड़ों और अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर रहेगी। अगर वैश्विक स्तर पर तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रहती है तो भारतीय शेयर बाजार को फायदा मिल सकता है।
तिमाही नतीजे और विदेशी निवेश से मिल सकता है समर्थन
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, बेहतर तिमाही नतीजे और महंगाई में नरमी बाजार में भरोसा बढ़ा सकते हैं। वहीं, विदेशी निवेशकों की वापसी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है।
रिलायंस ब्रोकिंग के विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को मजबूत कमाई वाली कंपनियों, बेहतर बैलेंस शीट और अच्छी कारोबारी संभावनाओं वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
📈 सेंसेक्स और निफ्टी के अहम स्तर
- सेंसेक्स रुकावट: 77,800 से 78,000
- सेंसेक्स लक्ष्य: 78,400 से 78,600
- सेंसेक्स सपोर्ट: 77,300 से 77,200
- निफ्टी रुकावट: 24,400 से 24,600
- निफ्टी लक्ष्य: 25,000 स्तर
- निफ्टी सपोर्ट: 23,800 से 24,000
तकनीकी स्तर पर सेंसेक्स के लिए 77,800 से 78,000 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर सेंसेक्स इस स्तर को पार करता है तो यह 78,400 से 78,600 तक जा सकता है। वहीं, 77,300 से 77,200 का स्तर इसके लिए अहम सपोर्ट रहेगा। 77,000 से नीचे जाने पर बाजार में फिर से बिकवाली बढ़ सकती है।
निफ्टी 50 के लिए 24,400 से 24,600 का क्षेत्र बड़ी रुकावट माना जा रहा है। इसके ऊपर मजबूत बढ़त आने पर इंडेक्स 25,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। नीचे की ओर 23,800 से 24,000 का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट है।
बैंक निफ्टी में भी बनी हुई है मजबूती
बैंक निफ्टी में भी मजबूती बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार 58,800 के ऊपर टिकने पर इसमें 60,000 तक तेजी आ सकती है, जबकि 56,400 से 57,300 का स्तर सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।
कुल मिलाकर, अगले सप्ताह शेयर बाजार की दिशा वैश्विक घटनाओं, अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही परिणामों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने के बजाय जोखिम प्रबंधन और मजबूत कंपनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
Disclaimer: यह लेख निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार निवेश जोखिमों के अधीन है।

