दिल्ली नगर निगम अपने यहां लंबे समय से काम कर रहे Contractual कर्मचारियों को राहत देने की संभावना पर विचार कर रहा है। इसके तहत योग्य कर्मचारियों को एक बार के विशेष प्रावधान के जरिए नियमित करने का प्रस्ताव देखा जा रहा है। इसके अलावा उन्हें शुरुआती वेतन, Dearness Allowance, छुट्टियां और नियमों के अनुसार मिलने वाले अन्य लाभ देने की संभावना भी जांची जा रही है।
Contractual कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण पर विचार
📋 प्रस्ताव की मुख्य बातें
- योजना: पात्र Contractual कर्मचारियों को एक बार नियमित करने पर विचार
- लाभ: शुरुआती वेतन, Dearness Allowance, छुट्टियां और अन्य सुविधाएं
- पात्रता: स्वीकृत खाली पदों पर लंबे समय से कार्यरत कर्मचारी
- श्रेणियां: Group A, Group B और Group C
- जांच: भर्ती नियमों और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर
- अंतिम फैसला: विस्तृत रिपोर्ट के बाद
बताया गया है कि नगर निगम उन कर्मचारियों की सूची तैयार करेगा जो कई वर्षों से स्वीकृत लेकिन खाली पदों पर काम कर रहे हैं। इसके लिए सभी विभागों से जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कौन-कौन कर्मचारी तय नियमों के अनुसार इस प्रक्रिया के लिए पात्र हैं।
नगर निगम आयुक्त को इस पूरे मामले पर विस्तृत Report तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पात्र कर्मचारियों की संख्या, उन पर आने वाला वित्तीय भार और इस योजना को लागू करने का तरीका शामिल होगा। अधिकारियों से निर्धारित समय के भीतर पूरी जानकारी देने के लिए कहा गया है।
रिपोर्ट में किन बातों की होगी जांच
यह प्रस्ताव उन कर्मचारियों पर लागू हो सकता है जिन्हें नगर निगम ने सीधे नियुक्त किया था और जो लंबे समय से स्वीकृत खाली Group A, B और C पदों के विरुद्ध काम कर रहे हैं। उनकी पात्रता संबंधित भर्ती नियमों के आधार पर तय की जाएगी। साथ ही यह भी जांच होगी कि उनकी शुरुआती नियुक्ति तय प्रक्रिया के अनुसार हुई थी और उसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं थी।
प्रस्ताव में यह विकल्प भी शामिल है कि पात्र कर्मचारियों को एक बार नियमित किया जाए या फिर उन्हें सेवानिवृत्ति की आयु तक सेवा जारी रखने की अनुमति दी जाए। यदि किसी श्रेणी में नियमित पद उपलब्ध नहीं हैं, तो जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पद बनाने की संभावना भी कानूनी और वित्तीय मंजूरी के आधार पर देखी जाएगी।
📌 आगे क्या हो सकता है
- विकल्प: एक बार नियमितीकरण या सेवा जारी रखने की अनुमति
- अतिरिक्त पद: जरूरत होने पर बनाए जा सकते हैं
- कानूनी जांच: सभी नियमों के अनुसार फैसला
- वित्तीय आकलन: खर्च का पूरा मूल्यांकन
- रिपोर्ट: आयुक्त की विस्तृत रिपोर्ट के बाद निर्णय
- उद्देश्य: पात्र कर्मचारियों को राहत देना
अंतिम फैसला नियमों के अनुसार होगा
हालांकि नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का नियमितीकरण लागू भर्ती नियमों और Supreme Court के निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा। अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी कानूनी पहलुओं की जांच की जाएगी ताकि भविष्य में किसी तरह की समस्या न आए।
इस बीच पंजाब सरकार ने भी हाल ही में हजारों कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। राज्य सरकार ने पुराने प्रावधानों में बदलाव करते हुए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही कर्मचारियों और पेंशनधारकों से जुड़े कुछ लंबित भुगतान पर भी विचार किया जा रहा है।
यदि दिल्ली नगर निगम की यह योजना आगे बढ़ती है, तो लंबे समय से सेवा दे रहे कई कर्मचारियों को नौकरी में अधिक स्थिरता और सरकारी नियमों के अनुसार मिलने वाले लाभ प्राप्त हो सकते हैं। अब सभी की नजर नगर निगम की अंतिम रिपोर्ट और उसके बाद लिए जाने वाले फैसले पर रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध आधिकारिक विवरण पर आधारित है। किसी भी अंतिम निर्णय के लिए संबंधित सरकारी आदेश का इंतजार करें।

