भारत के लग्जरी कार बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों और हाइब्रिड कारों को लेकर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। प्रमुख ऑटो कंपनियां अपनी-अपनी रणनीति के साथ ग्राहकों को आकर्षित करने में जुटी हैं, जिससे आने वाले वर्षों में भारतीय ऑटो सेक्टर में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
भारत के लग्जरी कार बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन जर्मनी की दो बड़ी कंपनियां मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू हाइब्रिड कारों को लेकर अलग-अलग सोच रखती हैं। जहां मर्सिडीज का मानना है कि हाइब्रिड कारें पेट्रोल-डीजल से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने का अच्छा विकल्प हैं, वहीं बीएमडब्ल्यू का कहना है कि अब लग्जरी ग्राहकों के बीच ईवी की मांग इतनी तेजी से बढ़ रही है कि हाइब्रिड की ज्यादा जरूरत नहीं है।
भारत में EV और हाइब्रिड कारों को लेकर कंपनियों की अलग रणनीति
इस साल जनवरी से जून के दौरान बीएमडब्ल्यू की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 78 प्रतिशत बढ़कर 2,359 यूनिट हो गई। कंपनी की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी बढ़कर 26 प्रतिशत पहुंच गई, जो पिछले साल 21 प्रतिशत थी। दूसरी ओर, मर्सिडीज ने अपनी कुल ईवी बिक्री का आंकड़ा जारी नहीं किया, लेकिन अप्रैल से जून के बीच उसकी कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई, जो 2025 के अंत में करीब 8 प्रतिशत थी।
जनवरी से जून 2026 के दौरान मर्सिडीज-बेंज ने भारत में 9,768 लग्जरी कारों की बिक्री की, जो पिछले साल की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है। वहीं बीएमडब्ल्यू ने इसी अवधि में 9,075 कारें बेचीं और उसकी बिक्री में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दोनों कंपनियों के बीच भारतीय लग्जरी कार बाजार में शीर्ष स्थान की प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है।
🚗 भारत के लग्जरी EV बाजार की प्रमुख बातें
- बीएमडब्ल्यू EV बिक्री: 2,359 यूनिट (78% वृद्धि)
- बीएमडब्ल्यू EV हिस्सेदारी: 26%
- मर्सिडीज EV हिस्सेदारी: 14% (अप्रैल-जून 2026)
- मर्सिडीज कुल बिक्री: 9,768 यूनिट
- बीएमडब्ल्यू कुल बिक्री: 9,075 यूनिट
हाइब्रिड कारों पर मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू की राय
बीएमडब्ल्यू इंडिया का मानना है कि हाइब्रिड कारों में इंजन और बैटरी दोनों होने के कारण उनकी लागत बढ़ जाती है। कंपनी का कहना है कि जैसे-जैसे बैटरी की कीमतें कम होंगी और चार्जिंग सुविधाएं बेहतर होंगी, ग्राहक सीधे इलेक्ट्रिक कारों को अपनाना पसंद करेंगे।
वहीं मर्सिडीज-बेंज का कहना है कि अभी भी बड़ी संख्या में ग्राहक पेट्रोल और डीजल कारों को पसंद करते हैं। कई लोगों को लंबी दूरी, चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता और रेंज को लेकर चिंता रहती है। ऐसे ग्राहकों के लिए हाइब्रिड कारें इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने का एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं।
⚡ भविष्य की ऑटो रणनीति
- मर्सिडीज: प्लग-इन हाइब्रिड मॉडल लॉन्च
- बीएमडब्ल्यू: फिलहाल हाइब्रिड लॉन्च की योजना नहीं
- फोकस: इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग
- 2030 अनुमान: हाइब्रिड हिस्सेदारी 7-8% तक
- मुख्य बदलाव: बैटरी तकनीक और चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार
भारत में हाइब्रिड और EV का भविष्य
मर्सिडीज ने जून 2026 में भारत में अपनी पहली प्लग-इन हाइब्रिड कार भी पेश की है। दूसरी ओर, बीएमडब्ल्यू ने फिलहाल भारतीय बाजार में हाइब्रिड मॉडल लॉन्च करने की कोई योजना घोषित नहीं की है।
ऑटो उद्योग के जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में हाइब्रिड कारों की मांग बढ़ सकती है, खासकर जब अधिक कंपनियां नए मॉडल बाजार में उतारेंगी। हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में कमी, बैटरी तकनीक में सुधार और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से ईवी की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ती रहेगी。
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले कुछ वर्षों में भारतीय यात्री वाहन बाजार में मजबूत हाइब्रिड कारों की हिस्सेदारी मौजूदा लगभग 2 से 3 प्रतिशत से बढ़कर 2030 तक 7 से 8 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता के कारण ऑटो कंपनियां अपनी रणनीति को लगातार बदल रही हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। वाहन खरीदने से पहले आधिकारिक जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

