सोलर पैनल दिन के समय बिजली बनाते हैं, लेकिन बिजली की मांग शाम या रात में भी बनी रहती है। इसी वजह से ऊर्जा भंडारण यानी बैटरी स्टोरेज पर कंपनियों का ध्यान बढ़ रहा है। Microtek ने Renewable Energy India Expo 2026 में अपने सोलर और स्टोरेज पोर्टफोलियो के साथ हाई-वोल्टेज लिथियम बैटरी पैक और i-BESS 125kW/261kWh सिस्टम को प्रमुखता से प्रदर्शित किया। यह समाधान खासकर कारोबारों और ऐसी जगहों के लिए उपयोगी हो सकता है जहाँ बिजली खर्च और निरंतर आपूर्ति महत्वपूर्ण हैं।
Microtek का i-BESS सिस्टम क्या है?
BESS का पूरा नाम Battery Energy Storage System है। इसमें बैटरी के साथ बिजली बदलने, नियंत्रण, सुरक्षा और निगरानी से जुड़े उपकरण शामिल हो सकते हैं। इसका काम उपलब्ध बिजली को बाद में उपयोग के लिए जमा करना और जरूरत पड़ने पर उसे वापस उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट में बैटरी दिन के अतिरिक्त उत्पादन को जमा करने में मदद कर सकती है, ताकि उसे शाम या मांग बढ़ने के समय इस्तेमाल किया जा सके।
Microtek ने i-BESS 125kW/261kWh सिस्टम दिखाया। यहाँ 125 kW बिजली देने या लेने की शक्ति से संबंधित रेटिंग है, जबकि 261 kWh ऊर्जा क्षमता बताती है। इन दोनों इकाइयों का अर्थ अलग है। वास्तविक बैकअप अवधि सिस्टम की उपयोगी क्षमता, दक्षता, बैटरी की सुरक्षित सीमा और जुड़े लोड पर निर्भर करेगी। इसलिए केवल इन दो संख्याओं से हर स्थिति में मिलने वाला बैकअप तय नहीं किया जा सकता।
व्यवसायों के लिए स्टोरेज क्यों जरूरी है?
कारखानों, दुकानों, कार्यालयों और व्यावसायिक इमारतों में बिजली की जरूरत समय के साथ बदलती रहती है। कुछ जगहों पर एक ही समय में कई मशीनें चलने से मांग बढ़ जाती है। बैटरी स्टोरेज सही तरीके से डिजाइन किया जाए तो अधिक मांग के समय बैटरी से बिजली देकर ग्रिड से ली जाने वाली बिजली का दबाव कम करने में मदद कर सकता है। इस प्रक्रिया को पीक शेविंग कहा जाता है।
स्टोरेज सिस्टम माइक्रोग्रिड के साथ भी इस्तेमाल हो सकता है, जहाँ सोलर पैनल, बैटरी और अन्य बिजली स्रोत मिलकर स्थानीय जरूरतें पूरी करते हैं। हालांकि हर सिस्टम अपने आप बिजली कटने पर पूरे परिसर को चालू नहीं रख सकता। बैकअप के लिए उपयुक्त इन्वर्टर, नियंत्रण प्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और सही तरीके से अलग किया गया लोड आवश्यक हो सकता है।
🔋 Microtek i-BESS की मुख्य जानकारी
- प्रणाली: बैटरी ऊर्जा भंडारण
- बताई गई रेटिंग: 125 kW / 261 kWh
- संभावित उपयोग: पीक शेविंग और माइक्रोग्रिड
- तकनीक: हाई-वोल्टेज लिथियम बैटरी समाधान
- ध्यान दें: वास्तविक बैकअप साइट की जरूरतों पर निर्भर है
सोलर ऊर्जा के साथ बैटरी का तालमेल
सोलर उत्पादन मौसम, बादलों, धूल, पैनल के कोण और दिन के समय के अनुसार बदलता है। जब उत्पादन मांग से अधिक हो, तो अतिरिक्त बिजली बैटरी में जमा की जा सकती है, यदि सिस्टम और नियंत्रण इसकी अनुमति दें। बाद में जरूरत बढ़ने पर जमा बिजली का उपयोग किया जा सकता है। इस तरह उपयोगकर्ता बिजली के समय और मांग को बेहतर तरीके से व्यवस्थित कर सकता है।
लेकिन बैटरी में ऊर्जा जमा करने और बाद में निकालने के दौरान कुछ ऊर्जा का नुकसान होता है। बैटरी की क्षमता समय के साथ घट भी सकती है। इसलिए स्टोरेज सिस्टम का आर्थिक लाभ निकालते समय सिर्फ बिजली दर नहीं, बल्कि खरीद लागत, स्थापना, रखरखाव, संभावित प्रतिस्थापन और दक्षता को भी शामिल करना चाहिए। हर स्थान पर बैटरी लगाने से लागत घटेगी, यह जरूरी नहीं है।
Microtek की ऊर्जा समाधान श्रृंखला
कंपनी के प्रदर्शन में घरेलू इन्वर्टर, UPS, बैटरी, सोलर पैनल, सोलर इन्वर्टर और बिजली प्रबंधन से जुड़े उत्पाद भी शामिल थे। इस तरह के पोर्टफोलियो का उद्देश्य बिजली उत्पादन, वितरण, सुरक्षा और स्टोरेज को एक साथ समझना है। घरों के लिए छोटा बैकअप सिस्टम और उद्योगों के लिए बड़े BESS की जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए दोनों के उपकरणों और लागत की सीधी तुलना नहीं करनी चाहिए।
Microtek ने अपने लंबे समय के पावर मैनेजमेंट अनुभव और व्यापक डीलर नेटवर्क का उल्लेख किया है। फिर भी बड़े स्टोरेज सिस्टम की खरीद में स्थानीय सेवा क्षमता, तकनीकी टीम, स्पेयर पार्ट की उपलब्धता और सिस्टम की निगरानी की व्यवस्था लिखित रूप में जानना जरूरी है। खरीदार को यह भी देखना चाहिए कि बैटरी और पावर कन्वर्जन उपकरणों की वारंटी अलग-अलग है या एक ही पैकेज में शामिल है।
सुरक्षा और लागत की जाँच
हाई-वोल्टेज बैटरी सिस्टम की स्थापना प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा होनी चाहिए। बैटरी प्रबंधन प्रणाली, तापमान नियंत्रण, ओवरकरंट सुरक्षा, आग से बचाव, उचित वेंटिलेशन और आपातकालीन बंद करने की व्यवस्था परियोजना के डिजाइन में शामिल होनी चाहिए। उपकरणों को केवल उपलब्ध जगह देखकर नहीं लगाया जाना चाहिए। भवन के नियम, विद्युत मानक और स्थानीय अग्नि सुरक्षा जरूरतों की भी जाँच करनी चाहिए।
व्यवसायों को सिस्टम लगाने से पहले अपने बिजली बिल और कम से कम कई महीनों के लोड आंकड़ों का विश्लेषण करना चाहिए। इससे पता चलेगा कि बिजली की मांग कब बढ़ती है और कितनी ऊर्जा स्टोर करने की जरूरत हो सकती है। इंस्टॉलर से अलग-अलग क्षमता के विकल्पों का अनुमान, अनुमानित बचत, वारंटी, रखरखाव लागत और बैटरी के जीवनकाल के बारे में लिखित जानकारी लेना उपयोगी है।
REI Expo 2026 में Microtek का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारतीय बाजार में सोलर पैनल के साथ स्टोरेज पर भी ध्यान बढ़ रहा है। इस तकनीक से बिजली प्रबंधन में मदद मिल सकती है, लेकिन किसी व्यवसाय के लिए सही फैसला तभी होगा जब उसकी बिजली खपत, स्थानीय दरों, सुरक्षा जरूरतों और निवेश की वापसी का वास्तविक आकलन किया जाए।
अधिक जानकारी के लिए Microtek के REI Expo प्रदर्शन पर प्रकाशित रिपोर्ट पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल 1: BESS का क्या अर्थ है?
BESS का अर्थ Battery Energy Storage System है। यह बैटरी और संबंधित नियंत्रण उपकरणों की ऐसी व्यवस्था है, जो बिजली जमा करके बाद में उपयोग करने में मदद करती है। इसका इस्तेमाल सोलर सिस्टम, व्यवसायों और कुछ माइक्रोग्रिड परियोजनाओं में किया जा सकता है।
सवाल 2: 125 kW और 261 kWh में क्या अंतर है?
kW बिजली की शक्ति या एक समय में बिजली देने की दर को दर्शाता है, जबकि kWh ऊर्जा की मात्रा बताता है। इसलिए 125 kW/261 kWh प्रणाली की शक्ति और ऊर्जा क्षमता अलग-अलग चीजें हैं। वास्तविक बैकअप लोड और दक्षता पर निर्भर करेगा।
सवाल 3: क्या बैटरी से बिजली बिल कम हो सकता है?
कुछ व्यवसायों में बैटरी को सही समय पर चार्ज और डिस्चार्ज करके मांग या बिजली खर्च घटाने में मदद मिल सकती है। लेकिन बचत बिजली दर, लोड के समय, बैटरी की लागत, दक्षता और रखरखाव पर निर्भर करती है। पहले लागत का पूरा हिसाब करें।
सवाल 4: क्या BESS बिजली कटने पर पूरा भवन चला सकता है?
यह सिस्टम की डिजाइन और बैकअप व्यवस्था पर निर्भर करता है। कुछ सिस्टम चुने हुए जरूरी लोड चलाते हैं, जबकि पूरे भवन को चलाने के लिए अधिक क्षमता और विशेष नियंत्रण की जरूरत हो सकती है। स्थापना से पहले बैकअप सीमा लिखित रूप में पूछें।
सवाल 5: बैटरी सिस्टम खरीदते समय क्या जाँचना चाहिए?
उपयोगी क्षमता, सुरक्षा सुविधाएँ, दक्षता, वारंटी, सेवा नेटवर्क, स्थापना खर्च और बैटरी बदलने की संभावित लागत जाँचें। विशेषज्ञ से बिजली खपत का विश्लेषण कराएँ और सुनिश्चित करें कि सिस्टम स्थानीय विद्युत व अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुसार लगाया जाएगा।
निष्कर्ष
Microtek का i-BESS 125kW/261kWh सिस्टम व्यवसायों में बिजली स्टोरेज और मांग प्रबंधन के लिए पेश किया गया है। इसका लाभ जानने के लिए लोड डेटा, कुल लागत, सुरक्षा और सेवा सहायता की जाँच जरूरी है।
अस्वीकरण: लेख सार्वजनिक प्रदर्शनी रिपोर्ट पर आधारित है। क्षमता, कीमत और उपयोग की पुष्टि के लिए निर्माता से तकनीकी दस्तावेज लें।