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NALCO Expansion: ₹30,000 करोड़ से Aluminium क्षमता बढ़ेगी

NALCO Expansion: ₹30,000 करोड़ से Aluminium क्षमता बढ़ाने की तैयारी

नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड ने ओडिशा में अपने बड़े विस्तार की तैयारी तेज कर दी है। कंपनी करीब 30,000 करोड़ रुपये की लागत से अंगुल स्थित मौजूदा परिसर के पास नया एल्यूमिनियम गलाने का संयंत्र लगाने की योजना पर आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित परियोजना से सालाना 5 लाख टन नई क्षमता जुड़ सकती है। कंपनी की मौजूदा गलाने की क्षमता करीब 4.6 लाख टन सालाना है, इसलिए परियोजना पूरी होने पर कुल क्षमता लगभग 10 लाख टन सालाना तक पहुंच सकती है। citeturn780146search0

NALCO के विस्तार में क्या हो रहा है?

कंपनी का प्रस्तावित संयंत्र ओडिशा के अंगुल में मौजूदा एल्यूमिनियम परिसर के पास बनाया जाएगा। इसका लक्ष्य 2030-31 तक परियोजना को चालू करना है। जमीन, तकनीकी साझेदारी और बिजली की व्यवस्था जैसे जरूरी कामों पर कंपनी आगे बढ़ रही है। लंबे समय से जमीन से जुड़ी कुछ समस्याओं के कारण परियोजना की गति धीमी थी, लेकिन अब प्रशासनिक स्तर पर इन्हें तेजी से सुलझाने की कोशिश हो रही है। citeturn780146search0

इस परियोजना के लिए करीब 267.21 एकड़ जमीन की जरूरत है। इसमें लगभग 130 एकड़ जमीन कंपनी के पास पहले से है। बाकी 137.21 एकड़ में सरकारी और निजी जमीन शामिल है। मुआवजा, पुनर्वास और जमीन हस्तांतरण से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर बैठकें भी की जा रही हैं।

नई क्षमता से कंपनी को क्या फायदा होगा?

एल्यूमिनियम की मांग निर्माण, परिवहन, बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा और विनिर्माण जैसे कई क्षेत्रों में बढ़ रही है। यह धातु हल्की होने के साथ मजबूत और पुनर्चक्रण योग्य भी है। ऐसे में लंबे समय में इसकी मांग का आधार मजबूत माना जाता है। नई क्षमता तैयार होने से कंपनी घरेलू बाजार और निर्यात दोनों के लिए अधिक उत्पादन कर सकेगी।

कंपनी ने प्रस्तावित संयंत्र के लिए विदेश की प्रमुख एल्यूमिनियम कंपनी एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम के साथ तकनीकी साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत आधुनिक गलाने की तकनीक उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य ऊर्जा की खपत को बेहतर ढंग से नियंत्रित करना और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। citeturn780146search0

🏭 NALCO विस्तार की मुख्य बातें

  • कुल निवेश: करीब 30,000 करोड़ रुपये
  • नई क्षमता: 5 लाख टन सालाना
  • मौजूदा क्षमता: करीब 4.6 लाख टन सालाना
  • स्थान: अंगुल, ओडिशा
  • लक्ष्य: 2030-31 तक संयंत्र चालू करना
  • जमीन: करीब 267.21 एकड़ की जरूरत

बिजली की जरूरत सबसे बड़ी चुनौती क्यों है?

एल्यूमिनियम गलाने की प्रक्रिया में बहुत अधिक बिजली की जरूरत होती है। नई परियोजना के लिए करीब 1,100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता बताई गई है। इसे पूरा करने के लिए NALCO ने एनएलसी इंडिया के साथ 50:50 संयुक्त उद्यम की योजना बनाई है। इस व्यवस्था में 270 मेगावाट की चार इकाइयों वाला बिजली संयंत्र बनाने की योजना है। साथ ही परियोजना में 200 से 250 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को जोड़ने की भी योजना है। citeturn780146search0

बिजली की स्थिर आपूर्ति इस परियोजना की लागत और उत्पादन क्षमता दोनों के लिए महत्वपूर्ण होगी। यदि बिजली की लागत ज्यादा रहती है तो उत्पादन की लागत भी बढ़ सकती है। इसलिए कंपनी के लिए बिजली संयंत्र और नवीकरणीय ऊर्जा व्यवस्था केवल सहायक परियोजना नहीं बल्कि पूरे विस्तार की आर्थिक व्यवहार्यता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

एल्यूमिना उत्पादन से जुड़ी दूसरी योजना

एल्यूमिनियम बनाने के लिए पहले एल्यूमिना तैयार किया जाता है। NALCO दामनजोड़ी में अपनी पांचवीं स्ट्रीम वाली एल्यूमिना रिफाइनरी परियोजना को भी आगे बढ़ा रही है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे अतिरिक्त एल्यूमिना उपलब्ध होगा। प्रस्तावित गलाने वाले संयंत्र की जरूरत पूरी करने के बाद बची मात्रा को शुरू में निर्यात करने की संभावना है। citeturn780146search0

कंपनी आगे चलकर देश में एक और 5 लाख टन सालाना क्षमता वाला नया संयंत्र लगाने की संभावना भी देख रही है। यह अभी केवल मूल्यांकन के स्तर पर है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो कंपनी एल्यूमिना को देश में ही एल्यूमिनियम में बदलकर अधिक मूल्य जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

स्रोत के रूप में बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट में परियोजना की लागत, क्षमता, जमीन और बिजली की जरूरत का विवरण दिया गया है।

📊 निवेशकों के लिए जरूरी संकेत

  • मांग: निर्माण और ऊर्जा क्षेत्रों से लंबी अवधि में सहारा
  • विस्तार: उत्पादन क्षमता लगभग दोगुनी करने की दिशा
  • जोखिम: जमीन, बिजली और परियोजना लागत
  • तकनीक: ऊर्जा दक्ष उत्पादन की कोशिश
  • भविष्य: अतिरिक्त एल्यूमिना को घरेलू उत्पादन में लगाने की संभावना

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1: NALCO कितना निवेश कर रहा है?

NALCO ओडिशा में प्रस्तावित नए एल्यूमिनियम गलाने वाले संयंत्र पर करीब 30,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। परियोजना का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाकर कंपनी की घरेलू और वैश्विक स्थिति मजबूत करना है।

सवाल 2: नई परियोजना से कितनी क्षमता बढ़ेगी?

प्रस्तावित विस्तार से सालाना 5 लाख टन नई गलाने की क्षमता जुड़ने की योजना है। मौजूदा 4.6 लाख टन क्षमता के साथ कुल क्षमता लगभग 10 लाख टन सालाना हो सकती है।

सवाल 3: परियोजना कब तक शुरू हो सकती है?

कंपनी ने प्रस्तावित संयंत्र को 2030-31 तक चालू करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि जमीन, बिजली, निर्माण और मंजूरियों से जुड़े काम पूरे होने की गति पर वास्तविक समय निर्भर करेगा।

सवाल 4: परियोजना के लिए कितनी बिजली चाहिए?

नई क्षमता के लिए करीब 1,100 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की जरूरत बताई गई है। कंपनी इसके लिए एनएलसी इंडिया के साथ संयुक्त बिजली संयंत्र और 200 से 250 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।

सवाल 5: इस विस्तार का बड़ा फायदा क्या हो सकता है?

अगर परियोजना समय पर पूरी होती है तो कंपनी उत्पादन बढ़ा सकती है और एल्यूमिनियम की बढ़ती मांग का लाभ ले सकती है। साथ ही अतिरिक्त एल्यूमिना को घरेलू उत्पादन में इस्तेमाल करने का अवसर भी बन सकता है।

NALCO का विस्तार भारत में एल्यूमिनियम उत्पादन बढ़ाने की बड़ी योजनाओं में शामिल है। निवेश, तकनीक और बिजली व्यवस्था मजबूत होने पर कंपनी को दीर्घकालीन लाभ मिल सकता है। हालांकि जमीन, लागत और समय से जुड़े जोखिमों पर नजर रखना जरूरी होगा।

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अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज और योग्य वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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