NBFC Credit: एनबीएफसी कर्ज में 15.4% बढ़ोतरी, खुदरा ऋण ने पकड़ी रफ्तार

भारतीय रिजर्व बैंक ने 6 नवंबर 2026 को सितंबर 2026 के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के कर्ज से जुड़ा आंकड़ा जारी किया। आंकड़ों के अनुसार सितंबर में इन संस्थानों का कुल कर्ज सालाना आधार पर 15.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एक साल पहले वृद्धि 13.3 प्रतिशत थी। खुदरा ऋण में तेजी खास तौर पर दिखाई दी, जबकि उद्योग क्षेत्र की कर्ज वृद्धि धीमी रही।

सितंबर में एनबीएफसी कर्ज की तस्वीर

आरबीआई के अनुसार सितंबर 2026 में एनबीएफसी के कर्ज में सालाना 15.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह पिछले साल की समान अवधि की 13.3 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है। आंकड़े प्रमुख एनबीएफसी और आवास वित्त कंपनियों से जुटाए गए हैं और सितंबर के अंत की स्थिति को दर्शाते हैं।

कर्ज वृद्धि का बढ़ना अर्थव्यवस्था में ऋण की मांग और वित्तीय संस्थानों की उधार गतिविधि को समझने के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। हालांकि सभी क्षेत्रों में तस्वीर एक जैसी नहीं रही। खुदरा और कृषि ऋण में मजबूती रही, जबकि उद्योग और सेवाओं में वृद्धि की गति अलग-अलग रही।

खुदरा ऋण में सबसे ज्यादा तेजी

खुदरा ऋण की वृद्धि सितंबर में 21.9 प्रतिशत रही, जबकि एक साल पहले यह 16.8 प्रतिशत थी। आवास ऋण, सोने के आभूषण के बदले ऋण और वाहन ऋण में तेजी दर्ज की गई। इसका अर्थ है कि घरेलू स्तर पर ऋण की मांग कई प्रमुख श्रेणियों में मजबूत बनी हुई है।

खुदरा ऋण का बढ़ना एनबीएफसी के लिए अवसर भी है और जोखिम भी। मांग मजबूत रहने पर कारोबार बढ़ सकता है, लेकिन तेज ऋण वृद्धि के साथ उधार लेने वालों की भुगतान क्षमता पर नजर रखना भी जरूरी होता है। इसलिए केवल ऋण वृद्धि को सकारात्मक मानना पर्याप्त नहीं है।

🏦 सितंबर के कर्ज आंकड़ों की तस्वीर

  • कुल एनबीएफसी कर्ज वृद्धि: 15.4 प्रतिशत
  • खुदरा ऋण वृद्धि: 21.9 प्रतिशत
  • कृषि और संबद्ध गतिविधियां: 17.8 प्रतिशत
  • सेवा क्षेत्र: 17.3 प्रतिशत
  • उद्योग क्षेत्र: 7.4 प्रतिशत

कृषि और सेवा क्षेत्र में भी ऋण बढ़ा

कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए कर्ज में 17.8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज हुई। एक साल पहले यह वृद्धि 5.2 प्रतिशत थी। यह बदलाव ग्रामीण और कृषि गतिविधियों से जुड़े ऋण की मांग में सुधार का संकेत देता है। हालांकि कृषि ऋण की गुणवत्ता और क्षेत्रीय अंतर को समझने के लिए विस्तृत आंकड़ों की जरूरत होती है।

सेवा क्षेत्र का कर्ज सितंबर में 17.3 प्रतिशत बढ़ा। एक साल पहले यह वृद्धि 23 प्रतिशत थी। यानी सेवा क्षेत्र में कर्ज बढ़ा जरूर, लेकिन वृद्धि की गति कम हुई। आरबीआई ने बताया कि वाणिज्यिक रियल एस्टेट में अच्छी वृद्धि रही और व्यापार तथा परिवहन संचालकों से जुड़े हिस्सों में भी कर्ज बढ़ा।

उद्योग क्षेत्र की रफ्तार क्यों महत्वपूर्ण है

उद्योग क्षेत्र में कर्ज वृद्धि 7.4 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले के 10.2 प्रतिशत से कम है। आरबीआई के अनुसार बुनियादी ढांचा क्षेत्र में कर्ज वृद्धि सुस्त रही। उद्योग को मिलने वाला कर्ज निवेश और उत्पादन गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इसकी गति में बदलाव को बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए अलग से देखना जरूरी है।

यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कर्ज वृद्धि कम होने का मतलब यह जरूरी नहीं कि उद्योग क्षेत्र में गतिविधि घट रही है। ऋण की मांग, कंपनियों की आंतरिक नकदी, ब्याज लागत और परियोजनाओं के समय जैसे कई कारण ऋण लेने के फैसले को प्रभावित करते हैं।

आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है

खुदरा ऋण में तेज वृद्धि का सीधा संबंध घर, वाहन और अन्य बड़ी खरीद से हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति ऋण लेता है तो ब्याज, अवधि और मासिक किस्त को अपनी आय के अनुसार देखना जरूरी है। केवल यह देखकर ऋण लेना उचित नहीं है कि बाजार में कर्ज आसानी से उपलब्ध है।

एनबीएफसी के लिए भी जिम्मेदार ऋण वितरण महत्वपूर्ण है। तेज वृद्धि के साथ खराब ऋण बढ़ने लगें तो भविष्य में वित्तीय दबाव पैदा हो सकता है। इसलिए आरबीआई के आंकड़ों में ऋण वृद्धि के साथ-साथ क्षेत्रवार बदलाव देखना अधिक उपयोगी है।

आरबीआई का यह आंकड़ा 6 नवंबर को जारी हुआ और सितंबर 2026 के अंत की स्थिति पर आधारित है। यह एक आधिकारिक आंकड़ा है, लेकिन इससे किसी एक कंपनी के भविष्य के मुनाफे का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। अलग-अलग एनबीएफसी की पूंजी, ऋण गुणवत्ता और ग्राहक आधार अलग होते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. सितंबर 2026 में एनबीएफसी कर्ज कितनी तेजी से बढ़ा?

आरबीआई के अनुसार सितंबर 2026 में एनबीएफसी का कर्ज सालाना आधार पर 15.4 प्रतिशत बढ़ा। एक साल पहले वृद्धि 13.3 प्रतिशत थी। इससे पता चलता है कि इस अवधि में गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों की कुल ऋण गतिविधि में तेजी आई।

2. एनबीएफसी में खुदरा ऋण की वृद्धि कितनी रही?

सितंबर 2026 में खुदरा ऋण की वृद्धि 21.9 प्रतिशत रही। पिछले साल इसी अवधि में यह 16.8 प्रतिशत थी। आवास, सोने के आभूषण के बदले ऋण और वाहन ऋण में तेजी ने खुदरा कर्ज की वृद्धि को सहारा दिया।

3. उद्योग क्षेत्र में कर्ज वृद्धि कितनी रही?

उद्योग क्षेत्र में सितंबर 2026 के दौरान कर्ज वृद्धि 7.4 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले 10.2 प्रतिशत थी। आरबीआई ने बताया कि उद्योग के भीतर बुनियादी ढांचा क्षेत्र में वृद्धि अपेक्षाकृत कमजोर रही, जिससे कुल वृद्धि की गति प्रभावित हुई।

4. क्या कृषि क्षेत्र में एनबीएफसी कर्ज बढ़ा?

हां। कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए एनबीएफसी कर्ज में सितंबर 2026 में 17.8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई। एक साल पहले यह 5.2 प्रतिशत थी। इससे इस क्षेत्र में ऋण गतिविधि में स्पष्ट सुधार दिखाई देता है।

5. क्या ज्यादा कर्ज वृद्धि हमेशा अच्छी मानी जाती है?

नहीं। कर्ज की वृद्धि तभी स्वस्थ मानी जाती है जब उधार लेने वालों की भुगतान क्षमता और ऋण की गुणवत्ता भी मजबूत रहे। तेज वृद्धि के साथ खराब ऋण बढ़ने लगें तो वित्तीय संस्थानों पर दबाव आ सकता है। इसलिए दोनों पहलुओं को साथ देखना चाहिए।

निष्कर्ष

आरबीआई के सितंबर आंकड़े बताते हैं कि एनबीएफसी कर्ज वृद्धि 15.4 प्रतिशत रही और खुदरा ऋण ने मजबूत गति पकड़ी। कृषि क्षेत्र में भी सुधार दिखा, जबकि उद्योग की वृद्धि धीमी रही। आगे ऋण गुणवत्ता, ब्याज लागत और क्षेत्रवार मांग महत्वपूर्ण संकेत बने रहेंगे।

अस्वीकरण: यह लेख आरबीआई के सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित है। इसे व्यक्तिगत वित्तीय या निवेश सलाह न मानें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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