दक्षिण कोरिया की प्रमुख वित्तीय कंपनी एनएच इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज (NH Investment & Securities) ने भारत की चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग में करीब ₹900 करोड़ का निवेश किया है। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य कारोबार का विस्तार, तकनीकी विकास और आधुनिक वित्तीय सेवाओं को मजबूत बनाना है।
दक्षिण कोरिया की प्रमुख वित्तीय कंपनी **एनएच इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज (NH Investment & Securities)** ने भारत की वित्तीय सेवा कंपनी **चॉइस इंटरनेशनल** की ब्रोकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट इकाई **चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग** में करीब **900 करोड़ रुपये** का निवेश किया है। इस निवेश के तहत कोरियाई कंपनी को लगभग **12% से 15% हिस्सेदारी** मिलने की उम्मीद है। इस सौदे में चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग का एंटरप्राइज वैल्यू लगभग **7,500 करोड़ रुपये** आंका गया है। यह निवेश भारत के तेजी से बढ़ते वित्तीय बाजार पर विदेशी निवेशकों के भरोसे को भी दिखाता है।
एनएच इन्वेस्टमेंट का चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग में ₹900 करोड़ निवेश
कंपनी के अनुसार, इस निवेश से मिले धन का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने, मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) लोन बुक का विस्तार करने, नई तकनीक अपनाने, ग्राहकों की संख्या बढ़ाने, बेहतर प्रतिभाओं को जोड़ने, नए वित्तीय उत्पाद विकसित करने और पूरे बिजनेस को मजबूत बनाने में किया जाएगा। दोनों कंपनियों का कहना है कि यह साझेदारी भारत में आधुनिक और मजबूत वित्तीय सेवाएं देने की दिशा में बड़ा कदम होगी।
एनएच इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी **शिन जे वूक** ने कहा कि यह निवेश उनकी वैश्विक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियां अपने अनुभव और विशेषज्ञता को मिलाकर ग्राहकों के लिए बेहतर वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराएंगी और लंबे समय तक टिकाऊ विकास पर काम करेंगी।
डील की प्रमुख जानकारी
- निवेशक: NH Investment & Securities
- निवेश: करीब ₹900 करोड़
- कंपनी: चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग
- संभावित हिस्सेदारी: लगभग 12%–15%
- एंटरप्राइज वैल्यू: करीब ₹7,500 करोड़
- उद्देश्य: कारोबार और तकनीकी विस्तार
साझेदारी से कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
चॉइस इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी **अरुण पोद्दार** ने कहा कि भारत का वित्तीय क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़ रहा है और निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में एनएच इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज का अनुभव और तकनीकी क्षमता चॉइस के कारोबार को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के जरिए ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के साथ-साथ देश में वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।
दोनों कंपनियों का मानना है कि इस समझौते से संस्थागत ब्रोकिंग, रिसर्च, कैपिटल मार्केट, जोखिम प्रबंधन, कॉरपोरेट गवर्नेंस और अनुपालन जैसे क्षेत्रों में एक-दूसरे के अनुभव का लाभ मिलेगा। इससे चॉइस इंटरनेशनल की प्रतिस्पर्धी क्षमता और मजबूत होगी और कंपनी भविष्य में अपने कारोबार का दायरा और तेजी से बढ़ा सकेगी।
इस निवेश से संभावित फायदे
- MTF लोन बुक: विस्तार
- तकनीक: नई डिजिटल क्षमताओं का विकास
- ग्राहक आधार: संख्या बढ़ाने पर फोकस
- वित्तीय उत्पाद: नए प्रोडक्ट विकसित किए जाएंगे
- विशेषज्ञता: रिसर्च, कैपिटल मार्केट और जोखिम प्रबंधन में सहयोग
- लक्ष्य: भारत में आधुनिक वित्तीय सेवाओं को मजबूत करना
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। निवेश या कारोबारी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक जानकारी और विशेषज्ञ सलाह अवश्य लें।

