केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना करने और दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव करने को मंजूरी दी है। इन बदलावों के तहत पात्र दिव्यांग लोगों को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता बढ़ाई जाएगी। 80 वर्ष से कम उम्र के लाभार्थियों को हर महीने 375 रुपये और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को 625 रुपये देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, पेंशन पाने के लिए दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। अब जन्म से ही पात्र दिव्यांग व्यक्ति इस योजना के तहत सहायता पाने के योग्य हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना में होंगे बदलाव
सरकार के अनुसार, इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखा जाएगा। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता देना है। इस कार्यक्रम के तहत मिलने वाली सहायता का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है, ताकि देशभर में पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
योजना में प्रस्तावित प्रमुख बदलाव
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा।
- 80 वर्ष से कम उम्र के पात्र दिव्यांग लाभार्थियों को हर महीने 375 रुपये मिलेंगे।
- 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र लाभार्थियों के लिए मासिक सहायता 625 रुपये होगी।
- दिव्यांगता की न्यूनतम निर्धारित सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत की गई है।
- न्यूनतम उम्र की शर्त हटाने से पात्र बच्चों को भी सहायता मिल सकती है।
वृद्धावस्था, विधवा और परिवार सहायता योजनाओं के नाम बदलेंगे
योजना का नाम बदलने के साथ इसके अंतर्गत आने वाली कई योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को अब प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना कहा जाएगा। इसी तरह, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना किया जाएगा। राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना को प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के नाम से जाना जाएगा। सरकार ने दिव्यांग पेंशन के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है, जबकि बुजुर्गों, विधवाओं और जरूरतमंद परिवारों से जुड़ी अन्य योजनाओं की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।
किन योजनाओं के नाम बदले जाएंगे?
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना होगा।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना को प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना कहा जाएगा।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना होगा।
- राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना को प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के नाम से जाना जाएगा।
दिव्यांग पेंशन की मासिक राशि में बढ़ोतरी
दिव्यांग पेंशन की राशि में बढ़ोतरी से पात्र लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे पहले 18 से 79 वर्ष की उम्र के पात्र लोगों को हर महीने 300 रुपये दिए जाते थे। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों को 500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। नए नियमों के अनुसार, 80 वर्ष से कम उम्र के लाभार्थियों को 375 रुपये और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को 625 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। इस बदलाव का उद्देश्य दिव्यांग लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कुछ अतिरिक्त सहायता देना है।
पहले और नई व्यवस्था में मासिक पेंशन का अंतर
- 80 वर्ष से कम उम्र: पहले 300 रुपये प्रतिमाह, अब 375 रुपये प्रतिमाह।
- 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र: पहले 500 रुपये प्रतिमाह, अब 625 रुपये प्रतिमाह।
- पहली श्रेणी में बढ़ोतरी: हर महीने 75 रुपये अतिरिक्त।
- दूसरी श्रेणी में बढ़ोतरी: हर महीने 125 रुपये अतिरिक्त।
दिव्यांगता की पात्रता सीमा 40 प्रतिशत हुई
सरकार ने पेंशन के लिए दिव्यांगता से जुड़ी पात्रता की शर्तों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले इस योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए थी और उसकी दिव्यांगता 80 प्रतिशत या उससे अधिक होना जरूरी था। अब दिव्यांगता की निर्धारित सीमा घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है और न्यूनतम उम्र की शर्त भी हटा दी गई है। इसका मतलब है कि पात्रता की अन्य शर्तें पूरी करने वाले बच्चे भी जन्म से इस योजना के तहत सहायता पाने के योग्य हो सकते हैं। इस बदलाव से उन परिवारों को राहत मिलने की संभावना है, जिन्हें दिव्यांग बच्चों की देखभाल और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता होती है।
बच्चों को भी मिल सकता है योजना का लाभ
न्यूनतम उम्र की शर्त हटाए जाने से पात्र दिव्यांग बच्चों के लिए भी सहायता का रास्ता खुल सकता है। इससे उन परिवारों को आर्थिक मदद मिलने की संभावना है, जिन्हें बच्चों की देखभाल, उपचार, शिक्षा और दैनिक जरूरतों पर खर्च करना पड़ता है। हालांकि, लाभ पाने के लिए योजना के अन्य पात्रता नियमों को पूरा करना जरूरी होगा।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के अनुरूप पात्रता
पात्रता के नए नियम दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अनुरूप बनाए गए हैं। इस कानून में निर्धारित दिव्यांगता की सीमा 40 प्रतिशत है। सरकार के अनुसार, दिव्यांगजनों को मिलने वाली सहायता अन्य संबंधित श्रेणियों की योजनाओं के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक रखने का भी प्रावधान है। हालांकि, किसी व्यक्ति को योजना का लाभ मिलेगा या नहीं, यह निर्धारित पात्रता और सरकारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा।
नए नियमों और दिशा-निर्देशों का इंतजार
सरकार अगले तीन महीनों के भीतर दिव्यांग पेंशन योजना के नए नियमों, पात्र लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि से संबंधित दिशा-निर्देश जारी करेगी। सरकारी जानकारी के अनुसार, इन बदलावों से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। नए नियम लागू होने के बाद अधिक दिव्यांग लोगों के लिए सामाजिक सहायता प्राप्त करने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, पात्रता की पूरी जानकारी और आवेदन से जुड़े नियमों के लिए सरकार की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी होगा।
योजना, पात्रता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नया नाम क्या होगा?
दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया जाएगा। इसके अंतर्गत आने वाली वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन और परिवार लाभ योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे।
2. 80 वर्ष से कम उम्र के दिव्यांग लाभार्थियों को कितनी पेंशन मिलेगी?
नई व्यवस्था के अनुसार, 80 वर्ष से कम उम्र के पात्र दिव्यांग लाभार्थियों को हर महीने 375 रुपये देने का प्रावधान है। पहले इस आयु वर्ग के पात्र लोगों को 300 रुपये प्रतिमाह मिलते थे।
3. 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों को कितनी राशि मिलेगी?
80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र लाभार्थियों के लिए मासिक सहायता 500 रुपये से बढ़ाकर 625 रुपये करने का प्रावधान किया गया है। लाभ पाने के लिए योजना की लागू पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी होगा।
4. दिव्यांग पेंशन के लिए दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा कितनी होगी?
नई व्यवस्था में दिव्यांगता की निर्धारित न्यूनतम सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। हालांकि, पेंशन की पात्रता तय करने के लिए अन्य सरकारी शर्तें और दिशा-निर्देश भी लागू होंगे।
5. क्या दिव्यांग बच्चों को भी योजना का लाभ मिल सकता है?
न्यूनतम उम्र की शर्त हटाने के बाद पात्र दिव्यांग बच्चों को भी सहायता मिल सकती है। वास्तविक पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया के बारे में सरकार की आधिकारिक अधिसूचना और दिशा-निर्देश देखना जरूरी है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत प्रस्तावित बदलावों से दिव्यांग पेंशन की राशि बढ़ने और पात्रता का दायरा विस्तृत होने की उम्मीद है। इससे अधिक जरूरतमंद लोगों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता मिल सकती है। हालांकि, लाभ लेने से पहले नए नियमों और आवेदन संबंधी आधिकारिक दिशा-निर्देशों की पुष्टि करना जरूरी है।
अस्वीकरण
यह लेख उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। पेंशन की राशि, पात्रता, प्रभावी तिथि और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि संबंधित सरकारी अधिसूचना से करें।