PepsiCo Q2 Results: भारत में मजबूत मांग से कंपनी को बड़ा फायदा

भारत में पेप्सिको के पेय पदार्थ और स्नैक कारोबार की मजबूत मांग ने कंपनी के अंतरराष्ट्रीय बिजनेस को जून 2026 तिमाही में अच्छी बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। अमेरिकी खाद्य और पेय कंपनी पेप्सिको ने अपने तिमाही नतीजों में बताया कि भारत जैसे बाजारों में बेहतर प्रदर्शन की वजह से उसके इंटरनेशनल बेवरेज और फूड कारोबार में बढ़िया ग्रोथ दर्ज की गई। कंपनी के मुताबिक, जून 13, 2026 को खत्म हुई दूसरी तिमाही में ग्लोबल बेवरेज और ग्लोबल कन्वीनियंट फूड्स दोनों से मजबूत ऑर्गेनिक वॉल्यूम और नेट रेवेन्यू ग्रोथ देखने को मिली।

भारत बना PepsiCo की अंतरराष्ट्रीय ग्रोथ का बड़ा इंजन

पेप्सिको ने कहा कि उसके इंटरनेशनल बेवरेज फ्रेंचाइज़ कारोबार, जो दुनिया भर में कंपनी के कुल बेवरेज वॉल्यूम का 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा रखता है, उसमें दूसरी तिमाही के दौरान ऑर्गेनिक वॉल्यूम 5 फीसदी बढ़ा। कंपनी ने साफ तौर पर कहा कि इस बढ़त में भारत का बड़ा योगदान रहा, हालांकि मेक्सिको में आई गिरावट का कुछ असर भी पड़ा। इसी तरह इंटरनेशनल कन्वीनियंट फूड्स बिजनेस, जो कंपनी के कुल ग्लोबल फूड वॉल्यूम का करीब 70 फीसदी हिस्सा है, उसमें भी 4 फीसदी की ऑर्गेनिक वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की गई।

कंपनी ने यह भी बताया कि एशिया पैसिफिक फूड्स कारोबार में नेट रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़ा, जिसमें भारत की भूमिका अहम रही। एशिया पैसिफिक फूड्स में भारत के साथ चीन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के फूड बिजनेस शामिल हैं। पेप्सिको के मुताबिक, नमकीन स्नैक्स कैटेगरी में कंपनी ने कई बड़े बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखी या बढ़ाई है, जिनमें भारत भी शामिल है। वहीं पेय पदार्थों के कारोबार में भी कंपनी ने भारत समेत कई देशों में बाजार हिस्सेदारी मजबूत की है।

इंटरनेशनल बेवरेज और फूड बिजनेस में भारत का बड़ा योगदान

PepsiCo Q2 2026: भारत से मिली बड़ी ताकत

  • इंटरनेशनल बेवरेज वॉल्यूम: 5% ऑर्गेनिक ग्रोथ
  • इंटरनेशनल कन्वीनियंट फूड्स वॉल्यूम: 4% ऑर्गेनिक ग्रोथ
  • एशिया पैसिफिक फूड्स नेट रेवेन्यू: 12% बढ़त
  • भारत की भूमिका: बेवरेज और स्नैक्स दोनों कारोबार में मजबूत मांग
  • ग्लोबल योगदान: भारत ने इंटरनेशनल ग्रोथ को मजबूती दी
  • प्रमुख ब्रांड्स: Lay’s और कुरकुरे की मजबूत पोजिशनिंग

पेप्सिको अपने ब्रांड्स को नए तरीके से पेश करने पर भी जोर दे रही है। कंपनी Lay’s ब्रांड को कई देशों में नए पैकेजिंग, नए मार्केटिंग कैंपेन और बेहतर मैसेजिंग के साथ पेश कर रही है, जिसमें सरल और अच्छी क्वालिटी वाली सामग्री के इस्तेमाल और आर्टिफिशियल फ्लेवर व कलर नहीं होने की बात को प्रमुखता दी जा रही है। इसी रणनीति के तहत भारत में कुरकुरे ब्रांड को भी नए विजुअल्स और “नो आर्टिफिशियल फ्लेवर या कलर” पोजिशनिंग के साथ ताज़ा रूप दिया जा रहा है।

भारत में कंपनी अपने कारोबार को और मजबूत करने के लिए बड़े निवेश की योजना पर भी काम कर रही है। पेप्सिको इंडिया ने हाल ही में 2025 से 2030 के बीच 5,700 करोड़ रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस निवेश के तहत असम और तमिलनाडु में नए फूड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाए जाएंगे। इसके अलावा उज्जैन में 1,266 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया अत्याधुनिक फ्लेवर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी कंपनी की विस्तार रणनीति का हिस्सा है।

Lay’s, कुरकुरे और नए निवेश के जरिए विस्तार पर जोर

भारत में PepsiCo की निवेश और विस्तार रणनीति

  • कुल निवेश योजना: 2025-2030 के बीच 5,700 करोड़ रुपये
  • नए प्लांट: असम और तमिलनाडु में फूड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
  • उज्जैन प्लांट: 1,266 करोड़ रुपये का फ्लेवर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
  • ब्रांड रणनीति: Lay’s और कुरकुरे की नई पैकेजिंग और मैसेजिंग
  • फोकस: “नो आर्टिफिशियल फ्लेवर या कलर” पोजिशनिंग
  • उद्देश्य: भारत में उत्पादन, ब्रांडिंग और बाजार हिस्सेदारी मजबूत करना

वित्तीय नतीजों की बात करें तो जून 2026 तिमाही में पेप्सिको का कुल नेट रेवेन्यू 6.4 फीसदी बढ़कर 24.18 अरब डॉलर हो गया। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 4.023 अरब डॉलर रहा। कंपनी के अनुसार नेट रेवेन्यू में बढ़त की वजह 2.4 फीसदी ऑर्गेनिक रेवेन्यू ग्रोथ, विदेशी मुद्रा विनिमय से मिला फायदा और अधिग्रहण व विनिवेश से जुड़ा सकारात्मक असर रहा। आगे के लिए कंपनी को उम्मीद है कि पूरे 2026 में उसका ऑर्गेनिक रेवेन्यू 2 से 4 फीसदी तक बढ़ सकता है।

पेप्सिको के चेयरमैन और सीईओ रेमन लागुआर्ता ने कहा कि दूसरी तिमाही के नतीजों में कंपनी के ग्लोबल फूड और बेवरेज कारोबार में मजबूत ऑर्गेनिक वॉल्यूम और रेवेन्यू ग्रोथ देखने को मिली। उन्होंने कहा कि इस साल अब तक कंपनी का ग्लोबल ऑर्गेनिक वॉल्यूम 2022 के बाद सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कारोबार की मजबूती और ग्राहकों को ज्यादा विकल्प देने की रणनीति का बड़ा योगदान रहा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो भारत पेप्सिको के लिए केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि उसकी अंतरराष्ट्रीय ग्रोथ का एक मजबूत इंजन बनकर उभर रहा है।

डिस्क्लेमर: यह लेख कंपनी के सार्वजनिक तिमाही नतीजों और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। निवेश या व्यावसायिक निर्णय से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।

About the Author

I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

Leave a Comment