कच्चा तेल सस्ता, फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं घटे?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बावजूद भारत में 11 जुलाई को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। सरकारी तेल कंपनियों ने प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम पहले की तरह ही बरकरार रखे हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया नरमी के बावजूद भारत में शनिवार, 11 जुलाई, को पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 75.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू ईंधन की खुदरा कीमतें पहले की तरह ही बरकरार रखी हैं। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ टैक्स और अन्य स्थानीय कारकों को ध्यान में रखकर तय की जाती हैं, इसलिए हर बार कच्चे तेल की कीमत घटने पर तुरंत राहत नहीं मिलती।

कच्चे तेल में नरमी के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने से वैश्विक बाजार में तनाव कुछ कम हुआ है, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली। हालांकि, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। यही कारण है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है और निवेशकों की नजर इस क्षेत्र की स्थिति पर बनी हुई है।

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं। दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल ₹113.51 और डीजल ₹99.82 प्रति लीटर मिल रहा है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल ₹107.76 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर है। वहीं बेंगलुरु में पेट्रोल ₹111.68 और डीजल ₹99.56 प्रति लीटर पर उपलब्ध है।

⛽ प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

  • दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20
  • मुंबई: पेट्रोल ₹111.21 | डीजल ₹97.83
  • कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51 | डीजल ₹99.82
  • चेन्नई: पेट्रोल ₹107.76 | डीजल ₹99.55
  • बेंगलुरु: पेट्रोल ₹111.68 | डीजल ₹99.56
  • ब्रेंट क्रूड: लगभग 75.99 डॉलर प्रति बैरल

एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम पर सरकार का पक्ष

इस बीच, केंद्र सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) कार्यक्रम का भी बचाव किया है। सरकार का कहना है कि भारत में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की शुरुआत कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह दो दशक से अधिक समय से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, एथेनॉल मिश्रण का पायलट कार्यक्रम वर्ष 2001 में शुरू हुआ था और इसके बाद इसे धीरे-धीरे अलग-अलग राज्यों में लागू किया गया।

सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण से आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी, किसानों को लाभ मिलेगा और प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी। मंत्रालय के मुताबिक, समय के साथ एथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिससे इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

🌿 एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की मुख्य बातें

  • पायलट शुरुआत: वर्ष 2001
  • उद्देश्य: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना
  • किसानों को लाभ: एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा
  • पर्यावरण: प्रदूषण कम करने में मदद
  • रणनीति: चरणबद्ध तरीके से विस्तार
  • सरकार का दावा: दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती

वैश्विक बाजार पर बनी रहेगी नजर


Disclaimer: यह जानकारी उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। स्थानीय करों और सरकारी निर्णयों के अनुसार ईंधन की कीमतों में बदलाव संभव है।

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I’m Gourav Kumar Singh, a graduate by education and a blogger by passion. Since starting my blogging journey in 2020, I have worked in digital marketing and content creation. Read more about me.

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