भारत में 15 जुलाई को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीसरे दिन बढ़ीं, लेकिन इसका असर अभी देश में ईंधन के दामों पर नहीं पड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ी हुई है।
कच्चे तेल में तेजी, लेकिन पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने के बाद तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर असर पड़ने की आशंका के चलते ब्रेंट क्रूड 1.72 फीसदी बढ़कर 86.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इसमें करीब 11 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ है, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। देश में ईंधन के दाम सरकारी तेल कंपनियां तय करती हैं और वैश्विक कीमतों में बदलाव का असर तुरंत खुदरा दरों पर नहीं दिखता।
⛽ 15 जुलाई के पेट्रोल-डीजल रेट
- नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20
- मुंबई: पेट्रोल ₹111.21 | डीजल ₹97.83
- कोलकाता: पेट्रोल ₹113.51 | डीजल ₹99.82
- चेन्नई: पेट्रोल ₹107.76 | डीजल ₹99.55
- बेंगलुरु: पेट्रोल ₹111.68 | डीजल ₹99.56
अमेरिका-ईरान तनाव पर बाजार की नजर
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों की ओर से अमेरिका में बड़े निवेश की योजना को देखते हुए शुल्क लगाने के बजाय व्यापार और निवेश समझौतों को प्राथमिकता दी जाएगी।
🌍 कच्चे तेल पर असर डालने वाले प्रमुख कारण
- ब्रेंट क्रूड: 86.19 डॉलर प्रति बैरल
- दिन की तेजी: 1.72%
- दो सत्रों की बढ़त: करीब 11%
- मुख्य वजह: अमेरिका-ईरान तनाव
- जोखिम: होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति
100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है कच्चा तेल
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तथा खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचता है, तो कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। वहीं यदि दोनों देशों के बीच बातचीत से स्थिति सामान्य होती है और होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल जाता है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत 75 से 80 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में लौट सकती है। फिलहाल बाजार में जोखिम बना हुआ है और निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिकी हुई है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ईंधन की कीमतें समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए ताजा आधिकारिक दरें अवश्य जांचें।
