भारत की डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्यूटी और पर्सनल केयर बाजार में तेजी से विस्तार कर रही Plum ने 75 से 100 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह निवेश कंपनी के ऑफलाइन विस्तार, नए प्रोडक्ट लॉन्च और देशभर में मौजूदगी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
भारत की डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्यूटी और पर्सनल केयर कंपनी Plum अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की पैरेंट कंपनी Pureplay Skin Sciences ने करीब 75 से 100 मिलियन डॉलर (लगभग ₹640 से ₹850 करोड़) की नई फंडिंग जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Plum जुटाएगी 75-100 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग
इसके लिए कंपनी ने ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक Rothschild & Co को सलाहकार नियुक्त किया है। अगर यह फंडिंग सफल रहती है, तो यह किसी भारतीय स्वतंत्र ब्यूटी और पर्सनल केयर ब्रांड द्वारा जुटाई गई सबसे बड़ी एकमुश्त फंडिंग में शामिल होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल अपने ऑफलाइन स्टोर नेटवर्क को मजबूत करने, नए प्रोडक्ट लॉन्च करने और देशभर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए करेगी। फिलहाल निवेशकों के साथ शुरुआती दौर की बातचीत चल रही है और कंपनी अपने मौजूदा निवेशकों के साथ-साथ नए निवेशकों से भी संपर्क कर रही है। हालांकि, इस मामले पर कंपनी और Rothschild & Co की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
💰 Plum फंडिंग की प्रमुख बातें
- कंपनी: Plum (Pureplay Skin Sciences)
- फंडिंग लक्ष्य: 75–100 मिलियन डॉलर
- भारतीय मूल्य: लगभग ₹640–₹850 करोड़
- सलाहकार: Rothschild & Co
- उद्देश्य: ऑफलाइन विस्तार, नए प्रोडक्ट और देशभर में मौजूदगी बढ़ाना
- स्थिति: निवेशकों के साथ शुरुआती बातचीत जारी
Plum की शुरुआत और कारोबार का विस्तार
Plum की शुरुआत साल 2013 में शंकर प्रसाद ने की थी। शुरुआत में कंपनी ने खुद को भारत के शुरुआती ऑनलाइन-फर्स्ट, वीगन और क्रूएल्टी-फ्री स्किनकेयर ब्रांड के रूप में स्थापित किया। समय के साथ कंपनी ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए हेयर केयर, बॉडी केयर, पर्सनल केयर और मेकअप जैसे कई नए कैटेगरी में कदम रखा। आज Plum के 500 से अधिक प्रोडक्ट उपलब्ध हैं और कंपनी के लगभग 35 एक्सक्लूसिव स्टोर भी हैं। इसके अलावा कंपनी अपनी वेबसाइट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, क्विक कॉमर्स ऐप और ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स के जरिए भी ग्राहकों तक पहुंच रही है।
कंपनी को अब तक 50 मिलियन डॉलर से अधिक की निवेश राशि मिल चुकी है। मार्च 2022 में हुए इसके Series C फंडिंग राउंड में करीब 35 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ था। उस समय कंपनी का मूल्यांकन लगभग 250 मिलियन डॉलर था। कंपनी में A91 Partners, Unilever Ventures और Faering Capital जैसे बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। इस दौरान उसका राजस्व बढ़कर ₹418.6 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 22.5 प्रतिशत अधिक है। वहीं कंपनी ने ₹24.7 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया, जबकि एक साल पहले उसे ₹84.1 करोड़ का घाटा हुआ था। यह कंपनी का पहला पूर्ण लाभ वाला वित्तीय वर्ष माना जा रहा है।
📊 Plum की ग्रोथ और वित्तीय प्रदर्शन
- FY25 राजस्व: ₹418.6 करोड़
- राजस्व वृद्धि: लगभग 22.5%
- शुद्ध लाभ: ₹24.7 करोड़
- पिछला वर्ष: ₹84.1 करोड़ का घाटा
- पहला पूर्ण लाभ: वित्त वर्ष 2024-25
- Series C फंडिंग: 35 मिलियन डॉलर (2022)
भारतीय ब्यूटी मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह उद्योग वित्त वर्ष 2030 तक करीब 40 अरब डॉलर का हो सकता है। ऑनलाइन खरीदारी और खासकर क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता इस सेक्टर की ग्रोथ को और तेज कर रही है। आने वाले वर्षों में ऑनलाइन बिक्री इस बाजार का बड़ा हिस्सा बन सकती है।
Plum इस समय Mamaearth, Minimalist, The Derma Co., Pilgrim, Foxtale, MCaffeine, WOW Skin Science और Sugar Cosmetics जैसे नए डिजिटल ब्रांड्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही है। वहीं दूसरी ओर Hindustan Unilever, L’Oréal, Procter & Gamble और Beiersdorf जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियां भी भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी हुई हैं।
पिछले कुछ वर्षों में इस सेक्टर में कई बड़े अधिग्रहण भी देखने को मिले हैं। बड़ी कंपनियां तेजी से बढ़ रहे डिजिटल ब्रांड्स को खरीदकर अपने प्रीमियम पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही हैं। इसी वजह से आने वाले समय में ब्यूटी और पर्सनल केयर इंडस्ट्री में और अधिक निवेश तथा अधिग्रहण देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ वर्षों में भारत के कई नए ब्यूटी ब्रांड 100 करोड़ रुपये से अधिक का सालाना कारोबार करने वाले क्लब में शामिल हो जाएंगे, जिससे इस उद्योग की हिस्सेदारी और भी मजबूत होगी।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से पहले स्वयं जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

