पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर 21 अक्टूबर 2026 को सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में महंगाई भत्ते (DA) की बकाया किस्तों का भुगतान, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, पेंशन में संशोधन और बंद किए गए भत्तों को फिर शुरू करना शामिल है। यह जानकारी PTI की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई।
Punjab Employees Protest: कर्मचारियों की मुख्य मांगें
प्रदर्शन में अलग-अलग सरकारी विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। पंजाब रोडवेज और PUNBUS के कुछ संविदा कर्मचारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया, जिससे कुछ स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। होशियारपुर में कर्मचारियों ने जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर रैली निकाली। यह आंदोलन पंजाब एम्प्लॉइज एंड पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट और जॉइंट एम्प्लॉइज प्लेटफॉर्म पंजाब के बैनर तले किया गया।
कर्मचारी चाहते हैं कि DA की लंबित किस्तों और एरियर का भुगतान किया जाए। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना बहाल हो, पेंशन में संशोधन किया जाए और बंद किए गए 37 भत्ते फिर से लागू किए जाएं। उनका कहना है कि इन मांगों पर लंबे समय से फैसला नहीं हुआ है।
📋 DA और पेंशन से जुड़ी मांगें
- महंगाई भत्ता: लंबित DA किस्तों और एरियर का भुगतान
- पुरानी पेंशन: OPS को फिर से लागू करना
- पेंशन संशोधन: पेंशनभोगियों की पेंशन में बदलाव
- भत्ते: बंद किए गए 37 भत्तों की बहाली
- स्वास्थ्य सुविधा: कैशलेस हेल्थ स्कीम फिर शुरू करना
संविदा कर्मचारियों और वेतन नियमों पर भी मांग
प्रदर्शनकारी मिड-डे मील, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की सेवाएं नियमित करने की मांग भी कर रहे हैं। वे श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने और संविदा कर्मचारियों की स्थिति में सुधार चाहते हैं। इसके अलावा, पंजाब के कर्मचारियों पर केंद्रीय वेतनमान लागू करने से जुड़े 17 जुलाई 2020 के नोटिफिकेशन और तीन साल की प्रोबेशन अवधि से संबंधित 15 जनवरी 2015 के नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग की गई है।
रैली में कर्मचारी और पेंशनभोगी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का उपयोग प्रचार के बजाय लोगों की शिकायतें दूर करने के लिए होना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सार्थक बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन तेज किया जा सकता है। ये आरोप प्रदर्शनकारी नेताओं के हैं।
⚠️ नियमों और कर्मचारियों की दूसरी मांगें
- सेवा नियमितीकरण: मिड-डे मील, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की सेवाएं नियमित करना
- न्यूनतम वेतन: श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करना
- वेतनमान नोटिफिकेशन: 17 जुलाई 2020 के आदेश को वापस लेना
- प्रोबेशन अवधि: तीन साल की अवधि से जुड़े 2015 के नोटिफिकेशन को वापस लेना
- आगे की रणनीति: बातचीत से समाधान नहीं मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
विपक्ष ने भी उठाई बातचीत की मांग
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा कि करीब तीन लाख कर्मचारियों का सामूहिक आकस्मिक अवकाश लेना सरकार के प्रति भरोसे में कमी का संकेत है। उन्होंने राज्य सरकार से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ तुरंत बातचीत शुरू करने, मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेने और समाधान के लिए समय-सीमा तय करने की अपील की। यह विपक्षी नेता का बयान है।
इस मामले की पृष्ठभूमि और संबंधित खबरों के लिए LiveMint की वेबसाइट देख सकते हैं। कर्मचारियों की मांगों पर अंतिम फैसला राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. पंजाब के सरकारी कर्मचारी प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
कर्मचारी लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान, DA एरियर, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, पेंशन संशोधन और बंद भत्तों को फिर शुरू करने की मांग कर रहे हैं। वे संविदा कर्मचारियों और विभिन्न श्रमिक समूहों से जुड़े मुद्दों पर भी कार्रवाई चाहते हैं।
2. पंजाब कर्मचारियों की DA से जुड़ी मांग क्या है?
कर्मचारी महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों और बकाया राशि का भुगतान चाहते हैं। DA कर्मचारियों को महंगाई के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है। इस रिपोर्ट में सभी लंबित किस्तों की कुल राशि या भुगतान की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।
3. OPS का क्या मतलब है?
OPS का पूरा नाम Old Pension Scheme यानी पुरानी पेंशन योजना है। पंजाब के प्रदर्शनकारी कर्मचारी इसे फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं। योजना की बहाली को लेकर किसी अंतिम सरकारी फैसले की पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
4. क्या प्रदर्शन से परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं?
रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब रोडवेज और PUNBUS के कुछ संविदा कर्मचारी भी विरोध में शामिल हुए। इसके कारण राज्य के कुछ स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। असर हर शहर या मार्ग पर समान था, ऐसी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
5. कर्मचारियों ने सरकार को क्या चेतावनी दी?
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सार्थक बातचीत करके समाधान नहीं निकालती, तो आंदोलन तेज किया जा सकता है। फिलहाल मांगों पर अंतिम निर्णय और किसी समझौते की जानकारी आधिकारिक घोषणा से ही स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
पंजाब के कर्मचारियों का प्रदर्शन DA बकाया, OPS, पेंशन संशोधन और भत्तों जैसे लंबे समय से लंबित मुद्दों पर केंद्रित है। अब आगे की स्थिति राज्य सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत पर निर्भर करेगी। किसी भी बदलाव की पुष्टि आधिकारिक आदेश से करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। सरकारी कर्मचारियों के लाभ और नियमों की पुष्टि संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेश से करें।
