वैशाली जिले के राजापाकर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का स्थानीय विधायक महेंद्र राम ने अचानक दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न वार्डों के साथ ओपीडी का भी निरीक्षण किया। विधायक ने मरीजों से बातचीत कर इलाज, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
राजापाकर सीएचसी के निरीक्षण में सामने आई छात्राओं की शिकायत
🏥 निरीक्षण की प्रमुख बातें
- स्थान: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजापाकर
- निरीक्षण: वार्ड, ओपीडी और अस्पताल की व्यवस्थाएं
- मरीजों से बातचीत: इलाज, दवाओं और सुविधाओं की जानकारी
- निर्देश: मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए
- फोकस: स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
अस्पताल परिसर में स्थित जीएनएम और एएनएम प्रशिक्षण संस्थान के निरीक्षण के दौरान कुछ छात्राओं ने विधायक से मुलाकात कर अपनी शिकायतें भी रखीं। छात्राओं ने लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया कि प्रैक्टिकल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने के नाम पर उनसे पैसों की मांग की जा रही है। शिकायत सामने आने के बाद संस्थान में हलचल बढ़ गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक महेंद्र राम ने छात्राओं को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से बात की जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
छात्राओं की शिकायत पर जांच का भरोसा
📋 छात्राओं की शिकायत के मुख्य बिंदु
- संस्थान: जीएनएम एवं एएनएम प्रशिक्षण संस्थान
- शिकायत: प्रैक्टिकल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने के नाम पर पैसों की मांग
- आवेदन: छात्राओं ने लिखित शिकायत सौंपी
- विधायक का आश्वासन: निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई
- अगला कदम: संबंधित अधिकारियों से जांच कराने की बात
विधायक ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल की सेवाओं में सुधार लाने और सभी शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
Disclaimer: यह समाचार उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों में बदलाव संभव है।
